हिस्ट्रीशीटर तोमर ब्रदर्स ने हाईकोर्ट में लगाई जमानत याचिका, कल होगा फैसला

Harrison Masih | Aug 18, 2025, 21:18 IST
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वीरेंद्र और रोहित तोमर ने छोटे अपराधों से शुरुआत करके सूदखोरी और रंगदारी के जरिए करोड़ों की संपत्ति अर्जित की। पुलिस ने उनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की है।

Tomar brothers bail plea: रायपुर के चर्चित हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र और रोहित तोमर की जमानत याचिका छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है। गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों भाई अधिवक्ता मनहर साहू के माध्यम से अदालत में याचिका दाखिल की थी। जमानत याचिका पर 19 अगस्त को चीफ जस्टिस की बैंच में सुनवाई होगी।

दोनों भाइयों के खिलाफ रायपुर के तेलीबांधा और पुरानी बस्ती थाने में कुल 7 मामले दर्ज हैं। फिलहाल दोनों फरार चल रहे हैं। पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही है और सूचना देने पर 5,000 रूपए का इनाम देने की घोषणा की है।

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कुर्की की प्रक्रिया और संपत्ति की जानकारी

हिस्ट्रीशीटर भाइयों की संपत्ति को कुर्क करने की याचिका भी अदालत ने स्वीकार कर ली है। रायपुर सेशन कोर्ट ने चार प्रॉपर्टी की कुर्की के लिए रायपुर कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा, जिसमें तीन प्रॉपर्टी वीरेंद्र तोमर और एक प्रॉपर्टी रोहित तोमर की शामिल है।

आपराधिक इतिहास और गंभीर अपराध

हिस्ट्रीशीटर तोमर ब्रदर्स के खिलाफ कई गंभीर अपराध दर्ज हैं:

वीरेंद्र और रोहित तोमर पर पुरानी बस्ती थाना में धारा 308(2), 111(1) और छत्तीसगढ़ ऋणियों संरक्षण अधिनियम की धारा 04 के तहत मामला दर्ज।

5 जून 2025 को अपराध घटित होने के बाद दोनों फरार हो गए। आरोपियों की फरारी के दौरान गंभीर अपराध करने की क्षमता बताई गई।

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अपराध से करोड़ों की संपत्ति

वीरेंद्र तोमर ने 2008 में अंडे का ठेला लगाकर व्यापार की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे सूदखोरी और रंगदारी के जरिए करोड़ों की संपत्ति अर्जित की। उनकी संपत्ति में शामिल हैं:

  • लक्ज़री वाहन: BMW, थार, ब्रेज़ा
  • नकद राशि: ₹35,10,300
  • सोने के आभूषण: 734 ग्राम
  • चांदी के आभूषण: 125 ग्राम
  • अवैध हथियार: रिवाल्वर, पिस्टल, पांच तलवार, जिंदा कारतूस
  • इलेक्ट्रॉनिक सामान: लैपटॉप, आईपैड, सीपीयू, डीवीआर, चेकबुक, नोट गिनने की मशीन
  • दस्तावेज: जमीन की रजिस्ट्री, ई-स्टांप, लेन-देन के रजिस्टर
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शहर में दर्ज रोहित और वीरेंद्र तोमर के मामले

हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर रोहित तोमर के खिलाफ:

  • मारपीट, ब्लैकमेलिंग, सूदखोरी, जानलेवा धमकियाँ, अवैध कब्जा।
  • पुरानी बस्ती, कबीर नगर, अमलीडीह, वीआईपी रोड के थानों में 2015 से 2019 तक दर्ज कई केस।

हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर के खिलाफ:

  • हत्या, धोखाधड़ी, मारपीट, ब्लैकमेलिंग और कूटरचना के मामले।
  • आजाद चौक, गुढियारी, हलवाई लाइन और पुरानी बस्ती थानों में 2006 से 2019 तक दर्ज केस।
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तोमर ब्रदर्स कौन हैं?

  1. व्यक्तिगत जानकारी
    वीरेंद्र और रोहित तोमर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और पिछले कुछ वर्षों से रायपुर में सक्रिय हैं।
  2. अपराध की शुरुआत
    दोनों भाईयों ने छोटे अपराधों जैसे पॉकेटमारी और पैसे वसूलने से अपने अपराध जीवन की शुरुआत की।
  3. सूदखोरी और रंगदारी
    धीरे-धीरे उन्होंने सूदखोरी और रंगदारी के जरिए अपने अपराध नेटवर्क को बढ़ाया और लाखों-करोड़ों की कमाई की।
  4. फरार और वांछित
    दोनों वर्तमान में फरार हैं और उनके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और सूचना देने पर इनाम घोषित किया गया है।
  5. अवैध संपत्ति और ठोस सबूत
    इनके पास लक्जरी वाहन, आलीशान कोठी, नकद, सोना-चांदी और अवैध हथियार पाए गए हैं, जो उनके अपराध नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाते हैं।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

  • पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला।
  • फरार हिस्ट्रीशीटर भाइयों की सूचना देने पर ₹5,000 का इनाम घोषित।
  • अदालत द्वारा कुर्की और संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू।
तोमर बंधुओं का अपराध नेटवर्क केवल रायपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका कारोबार और संपत्ति संगठनबद्ध तरीके से विकसित हुआ। हाईकोर्ट की जमानत मंजूरी और पुलिस की सक्रियता के बीच आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

FAQ

  1. तोमर बंधुओं का अपराध इतिहास क्या है?
    वीरेंद्र और रोहित तोमर रायपुर के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर हैं। उनके खिलाफ सूदखोरी, रंगदारी, अवैध हथियार रखने और मारपीट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
  2. तोमर बंधुओं की वर्तमान कानूनी स्थिति क्या है?
    बिलासपुर हाईकोर्ट ने तोमर ब्रदर्स की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। हालांकि दोनों भाई अभी फरार हैं। सुनवाई 19 अगस्त को होगी।

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