रायपुर में नालंदा परिसर ने दिए साल भर में दिए सौ से ज्यादा अधिकारी, लाइब्रेरी में 6 महीने से 5 हजार से ज्यादा छात्र वेटिंग लिस्ट में
Shivam Dubey | Sept 09, 2023, 24:00 IST
रायपुर में नालंदा परिसर ने दिए साल भर में दिए सौ से ज्यादा अधिकारी, लाइब्रेरी में 6 महीने से 5 हजार से ज्यादा छात्र वेटिंग लिस्ट में
राजधानी में स्थिति लाइब्रेरियों की रौनक एक बार फिर वापस लौट आई है। इन लाइब्रेरियों में रात के समय टॉपरों की भरमार लगी होती है। नालंदा परिसर ने साल भर में सौ से ज्यादा अधिकारी प्रदेश को दिए हैं
नितिन मिश्रा, RAIPUR. राजधानी में स्थिति लाइब्रेरियों की रौनक एक बार फिर वापस लौट आई है। इन लाइब्रेरियों में रात के समय टॉपरों की भरमार लगी होती है। नालंदा परिसर ने साल भर में सौ से ज्यादा अधिकारी प्रदेश को दिए हैं। वहीं नालंदा परिसर में पढ़ने के लिए वेटिंग 5 हजार तक पहुंच गई हुई। नालंदा परिसर में हर रोज 700 से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ने के लिए आ रहें हैं। लाइब्रेरी में 6 महीने से 5 हजार से ज्यादा छात्र वेटिंग लिस्ट में हैं।
नालंदा परिसर ने दिए अधिकारी
इस साल पीएससी में नालंदा से 14 और सेंट्रल लाइब्रेरी से 6 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इनमें से कुछ ने दोनों जगहों पर तैयारी की थी। कई अभ्यर्थी ऐसे हैं, जो पहले से ही सरकारी पद पर कार्यरत थे। बावजूद इसके उन्होंने अपने काम को मैनेज किया और लाइब्रेरी से पढ़कर अच्छे बैंक के अफसर बने हैं। इनमें कई विद्यार्थी रात 2 बजे तक भी पढ़ाई करते थे। इसके बाद सुबह 4 बजे से ही लाइब्रेरी में अपनी उपस्थिति दर्ज करा देते थे। इन अभ्यर्थियों का चयन नायब तहसीलदार से लेकर डिप्टी कलेक्टर तक के पदों पर हुआ है। पीएससी के हाल ही में जारी हुए रिजल्ट में नालंदा परिसर और सेंट्रल लाइब्रेरी में पढ़ने वाले कई विद्यार्थियों ने बाजी मारी है।
पुस्तकालय की लंबी वेटिंग लिस्ट
राजधानी रायपुर में स्थित नालंदा परिसर में 700 सीटों पर विद्यार्थी पढ़ाई करने आते हैं। इस लाइब्रेरी में 50 हजार से भी ज्यादा अलग– अलग विषयों की किताबें मौजूद हैं। जिसके कारण विद्यार्थी रुचि लेकर यहां पढ़ने आते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी किताबें मौजूद होने की वजह से युवाओं की भीड़ लाइब्रेरी में बढ़ गई है। नालंदा परिसर में 7 सौ सीटों के लिए 5 हजार से ज्यादा विद्यार्थी वेटिंग लिस्ट में हैं। नालंदा परिसर में ज्यादातर विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए पहुंचते हैं। नालंदा परिसर राजधानी का सबसे बड़ा पुस्तकालय है। लाइब्रेरी में ऐसे भी लोग पहुंचते है जो रिटायर्ड अधिकारी हैं। वे लाइब्रेरी में अंग्रेजी और हिंदी साहित्य की किताबों को पढ़ने के लिए पहुंचते हैं।
कोरोनाकाल में सूना पड़ गया था पुस्तकालय
देश भर में लॉकडाउन खुलने के बाद भी लोग सार्वजनिक जगहों पर जाने से बच रहें थे। लेकिन स्थिति सामान्य होने के 1 साल बाद लाइब्रेरियों की रौनक वापस लौट आई है। जिस प्रकार की भीड़ लाइब्रेरियों में पहले हुआ करती थी, अब उससे ज्यादा की संख्या में लोग पढ़ाई करने पहुंच रहें है। इसका अंदाजा इस चीज से लगाया जा सकता है कि लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए छात्रों को लंबी वेटिंग लिस्ट में रखा गया है।
नालंदा परिसर ने दिए अधिकारी
इस साल पीएससी में नालंदा से 14 और सेंट्रल लाइब्रेरी से 6 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इनमें से कुछ ने दोनों जगहों पर तैयारी की थी। कई अभ्यर्थी ऐसे हैं, जो पहले से ही सरकारी पद पर कार्यरत थे। बावजूद इसके उन्होंने अपने काम को मैनेज किया और लाइब्रेरी से पढ़कर अच्छे बैंक के अफसर बने हैं। इनमें कई विद्यार्थी रात 2 बजे तक भी पढ़ाई करते थे। इसके बाद सुबह 4 बजे से ही लाइब्रेरी में अपनी उपस्थिति दर्ज करा देते थे। इन अभ्यर्थियों का चयन नायब तहसीलदार से लेकर डिप्टी कलेक्टर तक के पदों पर हुआ है। पीएससी के हाल ही में जारी हुए रिजल्ट में नालंदा परिसर और सेंट्रल लाइब्रेरी में पढ़ने वाले कई विद्यार्थियों ने बाजी मारी है।
पुस्तकालय की लंबी वेटिंग लिस्ट
राजधानी रायपुर में स्थित नालंदा परिसर में 700 सीटों पर विद्यार्थी पढ़ाई करने आते हैं। इस लाइब्रेरी में 50 हजार से भी ज्यादा अलग– अलग विषयों की किताबें मौजूद हैं। जिसके कारण विद्यार्थी रुचि लेकर यहां पढ़ने आते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी किताबें मौजूद होने की वजह से युवाओं की भीड़ लाइब्रेरी में बढ़ गई है। नालंदा परिसर में 7 सौ सीटों के लिए 5 हजार से ज्यादा विद्यार्थी वेटिंग लिस्ट में हैं। नालंदा परिसर में ज्यादातर विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए पहुंचते हैं। नालंदा परिसर राजधानी का सबसे बड़ा पुस्तकालय है। लाइब्रेरी में ऐसे भी लोग पहुंचते है जो रिटायर्ड अधिकारी हैं। वे लाइब्रेरी में अंग्रेजी और हिंदी साहित्य की किताबों को पढ़ने के लिए पहुंचते हैं।
कोरोनाकाल में सूना पड़ गया था पुस्तकालय
देश भर में लॉकडाउन खुलने के बाद भी लोग सार्वजनिक जगहों पर जाने से बच रहें थे। लेकिन स्थिति सामान्य होने के 1 साल बाद लाइब्रेरियों की रौनक वापस लौट आई है। जिस प्रकार की भीड़ लाइब्रेरियों में पहले हुआ करती थी, अब उससे ज्यादा की संख्या में लोग पढ़ाई करने पहुंच रहें है। इसका अंदाजा इस चीज से लगाया जा सकता है कि लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए छात्रों को लंबी वेटिंग लिस्ट में रखा गया है।
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