शराब-मैनपावर घोटाले में हाईकोर्ट से रामगोपाल अग्रवाल और अरुणपति त्रिपाठी को राहत, लेकिन जेल से एक ही आएंगे बाहर

VINAY VERMA | Nov 05, 2026, 18:42 IST
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शराब घोटाले में रामगोपाल अग्रवाल और अरुणपति त्रिपाठी को हाईकोर्ट से मिली जमानत<br>
शराब घोटाले में रामगोपाल अग्रवाल और अरुणपति त्रिपाठी को हाईकोर्ट से मिली जमानत

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले और उससे जुड़े मैनपावर घोटाले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने दो बड़े आरोपियों को जमानत दी है। कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और आबकारी विभाग के पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी को अदालत से जमानत मिल गई है। लेकिन इस फैसले के बाद भी दोनों की स्थिति एक जैसी नहीं है।

रामगोपाल अग्रवाल को शराब घोटाले में जमानत मिलने के बावजूद जेल में ही रहना होगा, जबकि अरुणपति त्रिपाठी करीब 95 दिन बाद जेल से बाहर आ सकेंगे।

एक मामले में जमानत, दूसरे में जेल

रामगोपाल अग्रवाल को शराब घोटाले से जुड़े मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिली है। लेकिन उनके खिलाफ कोल और चावल घोटाले से जुड़े मामले भी चल रहे हैं। इन मामलों में उन्हें अभी राहत नहीं मिली है और वे न्यायिक हिरासत में हैं। इसलिए शराब घोटाले में जमानत मिलने का उनकी रिहाई पर असर नहीं पड़ेगा।


95 दिन बाद अरुणपति की रिहाई का रास्ता साफ

आबकारी विभाग के पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी के लिए हाईकोर्ट का फैसला बड़ी राहत लेकर आया है। मैनपावर घोटाले में वे करीब 95 दिनों से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। उनकी ओर से अधिवक्ता शशांक मिश्रा ने हाईकोर्ट में पैरवी की। अदालत से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।

कर्मचारियों के हक का पैसा कहां गया?

मैनपावर घोटाले में जांच एजेंसियों का आरोप है कि शराब दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों के भुगतान में बड़ा खेल किया गया। ओवरटाइम, बोनस और चार अतिरिक्त दिनों का भुगतान नहीं किया गया, जबकि कथित तौर पर फर्जी रिकॉर्ड तैयार कर प्लेसमेंट एजेंसियों को करोड़ों रुपए का भुगतान दिखाया गया।


जांच एजेंसियों के मुताबिक, अरुणपति त्रिपाठी के कार्यकाल में सेवा शुल्क और दूसरे मदों के नाम पर प्लेसमेंट एजेंसियों को 152.40 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया। इसमें दो एजेंसियों को 48 करोड़ रुपए से ज्यादा दिए जाने का आरोप है।

कमीशन के आरोप

जांच एजेंसियों ने अरुणपति त्रिपाठी पर 28 से 32 करोड़ रुपए तक कमीशन लेने का आरोप लगाया है। एजेंसियों का दावा है कि कथित कमीशन की रकम शराब कारोबार से जुड़े अनवर ढेबर तक पहुंचाई गई। ये सभी आरोप जांच एजेंसियों की ओर से लगाए गए हैं। इनकी अंतिम पुष्टि अदालत में पेश साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

शराब घोटाला: रामगोपाल अग्रवाल पर 1000 करोड़ के हेरफेर का आरोप, EOW ने पेश किया दसवां चालान | Liquor Scam: Ramgopal Agarwal Accused of Rs 1000 Crore Manipulation, EOW Files Tenth Charge Sheet
रामगोपाल को शराब घोटाले में मिले 1 हज़ार करोड़, EOW ने पेश किया दसवां चालान, 20 व्यक्ति और 22 कंपनियां आरोप
14 Oct 2026 ,
By Arun Tiwari
रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 20 व्यक्तियों और 22 फर्मों व कंपनियों के खिलाफ दसवां चालान पेश किया है। 14 अक्टूबर 2026 को रायपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में पेश किए गए इस चालान के साथ करीब 27 हजार पृष्ठों के दस्तावेज भी दाखिल किए गए हैं।
रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 20 व्यक्तियों और 22 फर्मों व कंपनियों के खिलाफ दसवां चालान पेश किया है। 14 अक्टूबर 2026 को रायपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में पेश किए गए इस चालान के साथ करीब 27 हजार पृष्ठों के दस्तावेज भी दाखिल किए गए हैं।

मैनपावर घोटाला क्या है?

छत्तीसगढ़ के शराब दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन, बोनस और ओवरटाइम के पैसे में कथित गड़बड़ी को मैनपावर घोटाला कहा जा रहा है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कर्मचारियों को उनका पूरा पैसा नहीं दिया गया, लेकिन कागजों में भुगतान दिखाकर प्लेसमेंट एजेंसियों को करोड़ों रुपए दे दिए गए।

आरोप है कि आबकारी विभाग के पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी के कार्यकाल में इन एजेंसियों को 152.40 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया। इसमें 28 से 32 करोड़ रुपए कमीशन लेने का भी आरोप है।


जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कर्मचारियों के नाम पर निकाले गए पैसे का इस्तेमाल कहां हुआ और इसका फायदा किसे मिला। हालांकि, इन आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।

यह खबर क्यों जरूरी है

शराब और मैनपावर घोटाले में आरोपियों की जमानत से जांच की दिशा और न्यायिक प्रक्रिया पर असर पड़ता है। इस मामले में कर्मचारियों के ओवरटाइम और बोनस के भुगतान का सवाल भी जुड़ा है, जिससे आम कर्मचारियों का हक जुड़ा है।

8. FAQ

सवाल 1: रामगोपाल अग्रवाल जेल से बाहर क्यों नहीं आ पाएंगे?

जवाब: शराब घोटाले में जमानत मिलने के बावजूद कोल और चावल घोटाले के मामले अभी चल रहे हैं, जिनमें उन्हें राहत नहीं मिली है।

सवाल 2: अरुणपति त्रिपाठी पर क्या आरोप हैं?

जवाब: मैनपावर घोटाले में प्लेसमेंट एजेंसियों के भुगतान और 28 से 32 करोड़ रुपए के कथित कमीशन के आरोप जांच एजेंसियों ने लगाए हैं। ये आरोप अदालत में साबित होने बाकी हैं।

सवाल 3: मैनपावर घोटाला क्या है?

जवाब: जांच एजेंसियों के अनुसार शराब दुकानों के कर्मचारियों के ओवरटाइम, बोनस और अतिरिक्त दिनों का भुगतान नहीं हुआ, जबकि फर्जी रिकॉर्ड के सहारे प्लेसमेंट एजेंसियों को करोड़ों रुपए का भुगतान दिखाया गया।
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