हाईकोर्ट में IPS रतनलाल डांगी की योग्यता पर उठे सवाल, जांच और सस्पेंशन की मांग

Aishwarya Dwivedi | Aug 02, 2026, 09:51 IST
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रतनलाल डांगी HC जांच मामला
रतनलाल डांगी HC जांच मामला

IPS रतनलाल डांगी के खिलाफ पीड़िता ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में सस्पेंशन, बर्खास्तगी, अवैध संपत्ति की जांच और IPS की जगह IAS अफसर से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।

समझें क्या है पूरा मामला

IPS अफसर रतनलाल डांगी के खिलाफ पीड़िता हाई कोर्ट पहुंच गई है। उन्होंने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। पीड़िता चाहती है कि मामले की जांच IPS अफसर की बजाय IAS अफसर करे। याचिका में दो IPS अफसरों की जांच अधिकारिता पर भी सवाल उठाए गए हैं। गंभीर आरोपों के बावजूद डांगी को अब तक सस्पेंड नहीं किया गया है।

पीड़िता ने दायर की याचिका

आईपीएस रतनलाल डांगी के खिलाफ पीड़िता ने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय के जरिए हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की है। याचिका में साफ मांग की गई है कि मामले की जांच किसी IAS (IAS – Indian Administrative Service) अफसर से कराई जाए। पीड़िता का कहना है कि मौजूदा जांच अधिकारी इस मामले की जांच के लिए अधिकृत ही नहीं हैं।

दो IPS अफसरों पर उठे सवाल

याचिका में तत्कालीन आईजीपी (IGP – Inspector General of Police) आनंद छाबड़ा को जांच अधिकारी बनाए जाने पर आपत्ति जताई गई है। पीड़िता के मुताबिक आनंद छाबड़ा रतनलाल डांगी के समान रैंक के अफसर हैं। इस वजह से उन्हें इस मामले की जांच का अधिकार नहीं है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि आनंद छाबड़ा के खिलाफ महादेव सट्टा एप मामले में आपराधिक प्रकरण अभी विचाराधीन है। इसी वजह से पीड़िता उनसे अपने मामले की जांच नहीं कराना चाहती हैं।

दूसरी अफसर मिलना कुर्रे को भी याचिका में लपेटा गया है। वह तत्कालीन डीआईजीपी (DIGP – Deputy Inspector General of Police) रह चुकी हैं। पीड़िता के अनुसार वह डांगी से एक रैंक नीचे हैं। इस वजह से उन्हें भी जांच का अधिकार नहीं है।

अब तक नहीं हुई सस्पेंशन की कार्रवाई

याचिका में सबसे बड़ा सवाल यही उठाया गया है कि इतने गंभीर आरोपों के बाद भी राज्य सरकार ने डांगी को सेवा से निलंबित नहीं किया। पीड़िता का कहना है कि यह देरी जांच की निष्पक्षता पर भी असर डाल सकती है।

अवैध संपत्ति की जांच और बर्खास्तगी की मांग

याचिका में पीड़िता ने एक और अहम मांग रखी है। उन्होंने सीनियर IAS अफसर और एक महिला IAS अफसर से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। साथ ही आईपीएस डांगी की राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बनाई गई कथित अवैध संपत्ति की भी जांच की मांग की गई है। पीड़िता ने अपनी याचिका में साफ कहा है कि जांच पूरी होने के बाद रतनलाल डांगी को सेवा से बर्खास्त किया जाए। अब यह मामला हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए लंबित है।

FAQ

  1. IPS और IAS में क्या अंतर होता है?
    IPS (Indian Police Service) अफसर पुलिस विभाग को संभालते हैं। IAS (Indian Administrative Service) अफसर प्रशासनिक कामकाज देखते हैं। दोनों की भर्ती UPSC (Union Public Service Commission) परीक्षा से होती है।
  2. रिट याचिका (Writ Petition) क्या होती है?
    रिट याचिका हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए दायर की जाती है। यह नागरिकों को न्याय पाने का सीधा रास्ता देती है। इसमें कोर्ट सरकार या अफसरों को आदेश दे सकता है।
  3. हाई कोर्ट में याचिका दायर करने की प्रक्रिया क्या है?
    याचिकाकर्ता को अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करनी होती है। इसमें सभी तथ्य और सबूत शामिल करने होते हैं। इसके बाद कोर्ट सुनवाई की तारीख तय करता है।

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