सक्ती आवास घोटाला : भाजपा नेताओं पर आरोप, पटवारी निलंबित
Aishwarya Dwivedi | May 27, 2026, 17:11 IST
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छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में भाजपा नेताओं और पटवारी ने मिलीभगत कर सरकारी जमीन के फर्जी दस्तावेजों से 700 गरीबों को ठगा; शिकायत के बाद कलेक्टर ने पटवारी को निलंबित कर जांच बैठा दी है।
NEWS IN SHORT
- सक्ती में पीएम आवास योजना के नाम पर बड़ा घोटाला।
- भाजपा नेताओं और पटवारी पर फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप।
- करीब 700 गरीब परिवारों से वसूली गई मोटी रकम।
- नियमों को ताक पर रखकर सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण।
- कलेक्टर ने आरोपी पटवारी को सस्पेंड कर जांच बैठाई।
NEWS IN DETAIL
मामला उजागर होने के बाद सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने त्वरित एक्शन लेते हुए आरोपी पटवारी को सस्पेंड कर दिया है और पूरे मामले की जांच के लिए डिप्टी कलेक्टर की अगुवाई में एक टीम गठित कर दी है।
दफ्तर में बैठकर बनाए फर्जी दस्तावेज
घास भूमि पर कब्जा : नियम के मुताबिक केवल आबादी भूमि पर रहने वाले पात्र लोगों को ही अधिकार पत्र देकर पीएम आवास का लाभ दिया जा सकता है। लेकिन इस खेल में 'घास भूमि' (सरकारी जमीन) पर रहने वाले लोगों से पैसे लेकर उन्हें फर्जी तरीके से आवास देने की तैयारी की जा रही थी।
बिना वेरिफिकेशन कागजी खानापूर्ति : पटवारी रमेंद्र राठौर पर आरोप है कि उन्होंने मौके पर जाकर कोई जमीनी जांच (फिजिकल वेरिफिकेशन) नहीं की। दफ्तर में बैठकर ही फर्जी दस्तावेज तैयार कर दिए गए, जबकि नियमतः संबंधित घरों का जियो टैग होना अनिवार्य है।
करोड़ों के नुकसान की आशंका : अगर इस फर्जीवाड़े को समय रहते नहीं रोका जाता, तो शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण के साथ-साथ शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगना तय था।
गरीबों के सपनों से खिलवाड़
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
निष्कर्ष
FAQ
- पीएम आवास योजना के क्या नियम है।
पीएम आवास का लाभ केवल 'आबादी भूमि' (Basti Land) पर रहने वालों को मिलता है। इसमें जियो-टैगिंग (GPS लोकेशन फोटो) अनिवार्य है। - घास भूमि क्या है।
यह मवेशियों के चरने के लिए आरक्षित सरकारी जमीन होती है। इस पर पट्टा या निर्माण पूरी तरह गैर-कानूनी है। - आवास योजना में पटवारी की क्या भूमिका हैं।
राजस्व विभाग का सबसे जमीनी कर्मचारी, जिसका काम जमीन का जमीनी सत्यापन (Physical Verification) और नक्शा/खसरा रिकॉर्ड बनाए रखना है। - इसमें कलेक्टर का प्रशासनिक अधिकार क्या होता हैं।
जिला स्तर पर कलेक्टर सर्वोच्च राजस्व अधिकारी होता है, जिसे लापरवाही या भ्रष्टाचार पर पटवारी को सस्पेंड करने का अधिकार है।
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