सक्ती कलेक्ट्रेट में टॉयलेट कांड, बैठक में पूर्व संस्था प्रमुख से सफाई का आरोप

VINAY VERMA | Aug 11, 2026, 15:08 IST
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शक्ति-टॉयलेट-घटना-पूर्व-प्रमुख
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सक्ती कलेक्ट्रेट की धान खरीदी बैठक में पूर्व संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत से कथित तौर पर शौचालय साफ कराने का आरोप लगा है। मामला कलेक्टर तोपनो पर है, जो अब मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है।

सक्ती कलेक्ट्रेट में धान खरीदी की बैठक। अधिकारी मौजूद संस्था प्रमुख मौजूद और इसी बीच एक ऐसा आरोप सामने आया, जिसने पूरे प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पुटीडीह सेवा सहकारी समिति के पूर्व संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत का दावा है कि उनसे कलेक्ट्रेट का शौचालय साफ कराया गया। यह आदेश खुद कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने दिया था। मामला अब छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग तक पहुंच गया है।

आरोप सीधे कलेक्टर पर

शशिकांत महंत ने अपनी शिकायत में कलेक्टर अमृत विकास तोपनो पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दावा है कि 29 अप्रैल 2026 को धान खरीदी से जुड़ी बैठक के दौरान उन्हें शौचालय साफ करने के लिए कहा गया। महंत का कहना है कि उन्होंने विरोध किया। इसके बावजूद सफाई कराई गई। अब सवाल यह है की अगर यह सिर्फ आरोप है तो इसकी जांच कौन करेगा? और अगर आरोप सही निकला तो जिम्मेदार कौन होगा?

दोपहर 12.40 बजे क्या हुआ?

शिकायत में घटना का समय भी बताया गया है। कि करीब 12.40 बजे कलेक्ट्रेट भवन धान खरीदी से जुड़े संस्था प्रबंधकों की बैठक चल रही थी। महंत का दावा है कि इसी दौरान उन्हें शौचालय साफ करने के लिए भेजा गया। महंत ने सफाई करते हुए वीडियो भी सार्वजनिक किया है। यानी मामला सिर्फ आरोप तक सीमित नहीं है।

अफसरों की मौजूदगी में ‘सफाई’ का आरोप

शिकायतकर्ता ने कई अधिकारियों के नाम भी गिनाए हैं। जिला खाद्य अधिकारी खुमेश्वर सिंह। सहायक खाद्य अधिकारी कमल अग्रवाल। जिला विपणन अधिकारी शोभना तिवारी। जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी अश्विनी पाण्डेय। दावा है कि अधिकारी और कर्मचारी बैठक में मौजूद थे। शिकायत में अपर कलेक्टर बालेश्वर राम से जुड़े फोटो-वीडियो का भी उल्लेख है। सवाल यहीकृइतने लोगों के बीच कथित तौर पर यह सब हुआ तो किसी ने रोका क्यों नहीं?

मामले की जड़ में धान खरीदी विवाद

यह विवाद अचानक नहीं उठा। इसके पीछे पिछली धान खरीदी का मामला है। कुटीडीह सेवा सहकारी समिति में रात के समय धान में कंकड़ और मिट्टी मिलाने की शिकायत हुई थी। खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। शिकायत के मुताबिक वहां तत्कालीन संस्था प्रमुख शशिकांत महंत, उनके भाई और खरीदी प्रभारी प्रकाश महंत भी मौजूद थे। जांच हुई। मामला पुलिस तक पहुंचा।

एफआईआर हुई, दो जेल में

जांच रिपोर्ट के आधार पर शशिकांत महंत, प्रकाश महंत, मंडी अध्यक्ष और कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। शशिकांत और प्रकाश की गिरफ्तारी हो चुकी है। मंडी अध्यक्ष और कंप्यूटर ऑपरेटर फरार बताए जा रहे हैं। इसी विवाद को लेकर संस्था प्रमुखों की बैठक बुलाई गई थी। अब उसी बैठक से जुड़ा कथित शौचालय कांड सामने आ गया है।

मानवाधिकार आयोग से इंसाफ की गुहार

शशिकांत महंत ने सीधे मानव अधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया है। शिकायत में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग है। मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोप किसी सड़क या निजी जगह का नहीं, बल्कि सरकारी कलेक्ट्रेट भवन का है। अगर शिकायत सही साबित होती है तो यह सिर्फ एक कर्मचारी के अपमान का मामला नहीं रहेगा। प्रशासनिक दबाव और मानवाधिकार का सवाल भी खड़ा होगा।

देवेंद्र यादव ने सरकार को घेरा

मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने इसे मानवता को शर्मसार करने वाला मामला बताया। उनका कहना है कि बैठक के दौरान एक शाखा प्रबंधक को कथित तौर पर दंड के रूप में हाथों से शौचालय साफ करने को मजबूर किया गया। उन्होंने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

कार्रवाई कौन करेगा?

एक तरफ सरकारी दफ्तरों में सम्मान और गरिमा की बात होती है। दूसरी तरफ उसी सरकारी भवन में एक पूर्व संस्था प्रमुख से कथित तौर पर शौचालय साफ कराने का आरोप है। मामला सच है या आरोप यह जांच बताएगी। लेकिन सवाल बड़ा है। अगर सरकारी बैठक में ऐसी हरकत हुई, तो कार्रवाई कौन करेगा?

FAQ

  1. हाल ही में सक्ती कलेक्ट्रेट में क्या विवाद सामने आया है?
    उत्तर: सक्ती (छत्तीसगढ़) कलेक्ट्रेट में आयोजित धान खरीदी की समीक्षा बैठक के दौरान कुटीडीह सेवा सहकारी समिति के पूर्व प्रबंधक शशिकांत महंत से कथित तौर पर कलेक्ट्रेट का शौचालय साफ कराने का गंभीर आरोप सामने आया है।
  2. सक्ती कलेक्ट्रेट शौचालय कांड क्या है?
    उत्तर: सक्ती (छत्तीसगढ़) कलेक्ट्रेट में धान खरीदी समीक्षा बैठक के दौरान कुटीडीह समिति के पूर्व प्रबंधक से कथित तौर पर शौचालय साफ कराने का आरोप लगा है, जिससे प्रशासनिक हलकों में विवाद खड़ा हो गया है।
  3. सक्ती कलेक्ट्रेट मामले में पीड़ित कौन हैं और आरोप किस पर लगा है?
    उत्तर: पीड़ित पूर्व संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत हैं। उन्होंने यह गंभीर आरोप सक्ती जिले के कलेक्टर अमृत विकास तोपनो पर लगाया है।

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