राज्य प्रशासनिक अधिकारियों के प्रमोशन पर सरकार का फैसला, पद नहीं तो भी मिलेगा लाभ
VINAY VERMA | Apr 29, 2026, 11:52 IST
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छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक अफसरों के लिए उच्च वेतनमान देने की प्रक्रिया को सरल और तेज बना दिया है। अब अफसरों को पद की उपलब्धता का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक अफसरों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए उच्च वेतनमान देने की प्रक्रिया को आसान कर दिया है। राजपत्र में प्रकाशित नई अधिसूचना के मुताबिक अब राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को उच्च वेतनमान पाने के लिए संबंधित पद की उपलब्धता का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यानी, पद खाली न होने की स्थिति में भी अफसर तय योग्यता पूरी करने के बाद अगले पे-स्केल का लाभ ले सकेंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस संशोधन में साफ किया गया है कि सेवा नियम 2023 में बदलाव करते हुए नया प्रावधान जोड़ा गया है। इसके तहत अधिकारी जब निर्धारित सेवा अवधि और पात्रता पूरी कर लेंगे, तब उन्हें हर स्तर पर अगले उच्च वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। पहले इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा संबंधित पद की उपलब्धता होती थी, जिससे कई अफसर वर्षों तक एक ही वेतनमान में अटके रहते थे।
सरकार के इस फैसले से सीधे तौर पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को राहत मिलेगी। लंबे समय से यह शिकायत थी कि प्रमोशन या वेतनमान बढ़ोतरी केवल पद रिक्त होने पर ही संभव होती है, जिससे करियर ग्रोथ प्रभावित होती थी। अब इस संशोधन के बाद ‘टाइम-बाउंड’ तरीके से वेतनमान अपग्रेड होगा।
नई व्यवस्था में यह भी प्रावधान किया गया है कि जिन अधिकारियों को उच्च वेतनमान दिया जाएगा, उन्हें विभागीय आदेश के जरिए उपयुक्त पदनाम भी सौंपा जा सकता है। हालांकि इसके लिए अलग से समिति की अनुशंसा जरूरी नहीं होगी। यानी प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने पर जोर दिया गया है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस फैसले से अफसरों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासनिक कामकाज में स्थिरता आएगी। लंबे समय से प्रमोशन में देरी और पदों की कमी को लेकर असंतोष था। अब वेतनमान बढ़ने से वित्तीय लाभ के साथ-साथ पद की जिम्मेदारी भी तय की जा सकेगी। हालांकि, इस फैसले का वित्तीय असर सरकार पर पड़ेगा, क्योंकि बिना पद के भी वेतनमान बढ़ाना सीधे तौर पर वेतन व्यय को बढ़ाएगा। लेकिन सरकार ने संकेत दिए हैं कि प्रशासनिक दक्षता और संतुलन को देखते हुए यह कदम जरूरी था।
इस संशोधन से सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि सेवा अवधि और अनुभव को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अब अफसरों को प्रमोशन के लिए केवल पद खाली होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि तय समय पर उनका वेतनमान बढ़ेगा। कुल मिलाकर, यह फैसला राज्य प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जो आने वाले समय में अन्य सेवाओं के लिए भी मॉडल बन सकता है।
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सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस संशोधन में साफ किया गया है कि सेवा नियम 2023 में बदलाव करते हुए नया प्रावधान जोड़ा गया है। इसके तहत अधिकारी जब निर्धारित सेवा अवधि और पात्रता पूरी कर लेंगे, तब उन्हें हर स्तर पर अगले उच्च वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। पहले इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा संबंधित पद की उपलब्धता होती थी, जिससे कई अफसर वर्षों तक एक ही वेतनमान में अटके रहते थे।
क्या बदला और क्यों अहम है फैसला
नई व्यवस्था में यह भी प्रावधान किया गया है कि जिन अधिकारियों को उच्च वेतनमान दिया जाएगा, उन्हें विभागीय आदेश के जरिए उपयुक्त पदनाम भी सौंपा जा सकता है। हालांकि इसके लिए अलग से समिति की अनुशंसा जरूरी नहीं होगी। यानी प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने पर जोर दिया गया है।
प्रशासनिक सिस्टम में क्या असर पड़ेगा
सीनियरिटी और सेवा अवधि का सम्मान
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