छत्तीसगढ़ कांग्रेस को एक और झटका, प्रदेश कांग्रेस सचिव रामदेव जगते ने पार्टी से इस्तीफा देकर प्रतापपुर से निर्दलीय भरा पर्चा
Jitendra Shrivastava | Oct 23, 2023, 24:00 IST
छत्तीसगढ़ कांग्रेस को एक और झटका, प्रदेश कांग्रेस सचिव रामदेव जगते ने पार्टी से इस्तीफा देकर प्रतापपुर से निर्दलीय भरा पर्चा
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव रामदेव जगते ने कांग्रेस के सभी पदों से दिया इस्तीफा दे दिया है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को अपना इस्तीफा भेज दिया है।
गंगेश द्विवेदी/RAIPUR. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव रामदेव जगते ने कांग्रेस के सभी पदों से दिया इस्तीफा दे दिया है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को अपना इस्तीफा भेज दिया है। प्रतापपुर से टिकट की दावेदारी की थी। लेकिन टिकट न मिलने से दुखी होकर अब उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना लिया। सोमवार को उन्होंने रिजर्निंग अफसर के समक्ष नामांकन भी दाखिल करा दिया।
टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर की बगावत
कांग्रेस की तीसरी सूची आने के बाद सभी 90 सीटों पर स्थिति क्लियर हो गई है। वाड्रफनगर कांग्रेस पार्टी में प्रबल दावेदार के रूप में युवा नेता रामदेव जगते पार्टी से टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर बगावत कर दी है। सोमवार को उन्होंने विधानसभा चुनाव में अपना दमखम दिखाने के लिए अपने समर्थकों के साथ निर्दलीय के रूप में चुनावी मैदान में उतरने के लिए नामांकन भी दाखिल कर दिया है।
राजकुमारी मरावी को टिकट देने से हो गए नाराज
रामदेव जगते ने कांग्रेस पार्टी से मिले पद एवं दायित्व से इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को भेज दिया है। दरअसल प्रतापपुर विधानसभा से रामदेव जगते पूर्व में भी 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी से टिकट की मांग की थी और उसे समय भी रामदेव जगते को प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन पार्टी से टिकट नहीं मिला था। रामदेव निर्दलीय लड़ने की तैयारी में जुटे थे लेकिन टीएस सिंह देव के मना करने पर मान गए थे वही कहा जाता है कि उन्हें इस बात की समझाइश दी गई थी कि अगली बार आपके लिए मौका अवश्य बनाया जाएगा। वहीं पार्टी में अच्छी पकड़ के साथ क्षेत्र में यह खबर फैल गई थी कि मौजूदा विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम का टिकट काटा जा रहा है और नए प्रत्याशी को मौका दिया जा रहा है और इस दौड़ में कई नाम सामने थे जिसमें रामदेव जगते प्रबल दावेदार के रूप में गिना जा रहा था। लेकिन कांग्रेस की दूसरी सूची जब सामने आई तो उसमें रामदेव जगने को टिकट न देकर राजकुमारी मरावी को दिया गया। जिससे नाराज होकर रामदेव जगते अब अपने समर्थकों के साथ निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हुए हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी मरावी को होगा बड़ा नुकसान
बगावत कर रामदेव जगते के चुनाव मैदान में रहने से कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमारी मरावी को काफी नुकसान होगा। जगते इस क्षेत्र के दमखम रखने वाले और लोग के बीच अच्छी पकड़ रखने वाले नेता हैं। पिछले महीने जब प्रदेश काग्रेस सह प्रभारी चंदन यादव प्रतापपुर के दौरे पर गए थे तो बड़ी संख्या में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ताओं ने मंत्री टेकाम की टिकट कटने पर जगते को टिकट देने की मांग की थी। तभी से उन्हें टिकट मिलने की संभावना बढ़ गई थी।
शकुंतला पोर्ते के मुकाबले कमजोर प्रत्याशी है मरावी
प्रतापपुर विधानसभा से बीजेपी की ओर से शकुंतला पोर्ते को टिकट दिया गया है। शकुंतला पोर्ते पेशे से अधिवक्ता हैं और वर्तमान में वे बीजेपी महिला मोर्चा बलरामपुर की अध्यक्ष हैं। शकुंतला पोर्ते लंबे समय से भाजपा में सक्रिय हैं। वह तेज तर्रार बीजेपी नेता मानी जाती हैं। उनके पति सरगुजा जिले में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी मरावी के पति पुराने कांग्रेस कार्यकर्ता रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यहां से जगते को टिकट मिलता तो यहां से टिकट कंफर्म थी।
टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर की बगावत
कांग्रेस की तीसरी सूची आने के बाद सभी 90 सीटों पर स्थिति क्लियर हो गई है। वाड्रफनगर कांग्रेस पार्टी में प्रबल दावेदार के रूप में युवा नेता रामदेव जगते पार्टी से टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर बगावत कर दी है। सोमवार को उन्होंने विधानसभा चुनाव में अपना दमखम दिखाने के लिए अपने समर्थकों के साथ निर्दलीय के रूप में चुनावी मैदान में उतरने के लिए नामांकन भी दाखिल कर दिया है।
राजकुमारी मरावी को टिकट देने से हो गए नाराज
रामदेव जगते ने कांग्रेस पार्टी से मिले पद एवं दायित्व से इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को भेज दिया है। दरअसल प्रतापपुर विधानसभा से रामदेव जगते पूर्व में भी 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी से टिकट की मांग की थी और उसे समय भी रामदेव जगते को प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन पार्टी से टिकट नहीं मिला था। रामदेव निर्दलीय लड़ने की तैयारी में जुटे थे लेकिन टीएस सिंह देव के मना करने पर मान गए थे वही कहा जाता है कि उन्हें इस बात की समझाइश दी गई थी कि अगली बार आपके लिए मौका अवश्य बनाया जाएगा। वहीं पार्टी में अच्छी पकड़ के साथ क्षेत्र में यह खबर फैल गई थी कि मौजूदा विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम का टिकट काटा जा रहा है और नए प्रत्याशी को मौका दिया जा रहा है और इस दौड़ में कई नाम सामने थे जिसमें रामदेव जगते प्रबल दावेदार के रूप में गिना जा रहा था। लेकिन कांग्रेस की दूसरी सूची जब सामने आई तो उसमें रामदेव जगने को टिकट न देकर राजकुमारी मरावी को दिया गया। जिससे नाराज होकर रामदेव जगते अब अपने समर्थकों के साथ निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हुए हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी मरावी को होगा बड़ा नुकसान
बगावत कर रामदेव जगते के चुनाव मैदान में रहने से कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमारी मरावी को काफी नुकसान होगा। जगते इस क्षेत्र के दमखम रखने वाले और लोग के बीच अच्छी पकड़ रखने वाले नेता हैं। पिछले महीने जब प्रदेश काग्रेस सह प्रभारी चंदन यादव प्रतापपुर के दौरे पर गए थे तो बड़ी संख्या में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ताओं ने मंत्री टेकाम की टिकट कटने पर जगते को टिकट देने की मांग की थी। तभी से उन्हें टिकट मिलने की संभावना बढ़ गई थी।
शकुंतला पोर्ते के मुकाबले कमजोर प्रत्याशी है मरावी
प्रतापपुर विधानसभा से बीजेपी की ओर से शकुंतला पोर्ते को टिकट दिया गया है। शकुंतला पोर्ते पेशे से अधिवक्ता हैं और वर्तमान में वे बीजेपी महिला मोर्चा बलरामपुर की अध्यक्ष हैं। शकुंतला पोर्ते लंबे समय से भाजपा में सक्रिय हैं। वह तेज तर्रार बीजेपी नेता मानी जाती हैं। उनके पति सरगुजा जिले में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी मरावी के पति पुराने कांग्रेस कार्यकर्ता रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यहां से जगते को टिकट मिलता तो यहां से टिकट कंफर्म थी।
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