जल संसाधन विभाग में जूनियर को प्रभार देने के आदेश पर रोक

Aishwarya Dwivedi | May 17, 2026, 13:26 IST
Share
Stay Order Handing Water Resources Departmen
Stay Order Handing Water Resources Departmen

हाई कोर्ट ने जल संसाधन विभाग में सीनियर सिल्वेस्टर मिंज की जगह जूनियर सुरेश पांडेय को चीफ इंजीनियर बनाने पर रोक लगा दी है। सरकार को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब मांगा गया है।

NEWS IN SHORT

  • हाई कोर्ट ने जूनियर को चीफ इंजीनियर बनाने पर रोक लगाई।
  • जस्टिस बिभू दत्त गुरु की बेंच ने सरकार को नोटिस भेजा।
  • सीनियर सिल्वेस्टर मिंज को दरकिनार कर जूनियर को मिला प्रभार।
  • नियमों के खिलाफ जूनियर को पद देना मनमाना और अवैध है।
  • पांडेय को हटाने के बाद दूसरे जूनियर को अतिरिक्त प्रभार मिला।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य के जल संसाधन विभाग में सीनियर अधिकारियों की अनदेखी कर एक जूनियर अधिकारी को चीफ इंजीनियर (मुख्य अभियंता) का प्रभार सौंपने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। माननीय जस्टिस बिभू दत्त गुरु की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार के इस फैसले के क्रियान्वयन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस पूरे मामले पर जवाब तलब किया है।

क्या है पूरा मामला?

जल संसाधन विभाग में कार्यरत सीनियर अधिकारी सिल्वेस्टर मिंज ने हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। याचिका के अनुसार, बीते 12 मार्च 2026 को विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक के मिनट्स के मुताबिक, सिल्वेस्टर मिंज वरिष्ठता (Seniority) सूची में काफी ऊपर हैं और चीफ इंजीनियर (सिविल) के पद पर प्रमोशन के लिए उनका नाम वेटिंग लिस्ट में पहले नंबर पर था।

इसके बावजूद, राज्य सरकार ने स्थापित नियमों को ताक पर रखते हुए 8 मई 2026 को एक आदेश जारी किया। इस आदेश के तहत याचिकाकर्ता से काफी जूनियर अधिकारी सुरेश कुमार पांडेय को महानदी गोदावरी कछार, जल संसाधन विभाग, रायपुर के चीफ इंजीनियर पद का महत्वपूर्ण प्रभार सौंप दिया गया।

कोर्ट में सीनियर एडवोकेट की दलीलें

याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए सीनियर एडवोकेट प्रफुल्ल एन. भारत ने अदालत में मजबूत तर्क रखे। उन्होंने कोर्ट को बताया कि:

  • सुरेश कुमार पांडेय वरिष्ठता सूची में याचिकाकर्ता सिल्वेस्टर मिंज से काफी नीचे (जूनियर) हैं।
  • DPC की बैठक के दौरान पांडेय 'जोन ऑफ कंसीडरेशन' यानी पदोन्नति के तय दायरे में भी शामिल नहीं थे।
  • सर्विस रूल्स और कानूनी सिद्धांतों के खिलाफ जाकर किसी भी जूनियर अधिकारी को सीनियर के ऊपर नहीं बैठाया जा सकता।
  • वकील ने सरकार के इस फैसले को पूरी तरह से मनमाना, पक्षपातपूर्ण और अवैध बताया। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलों को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए सरकार के आदेश पर रोक लगा दी।

आदेश के बाद भी विभाग का अड़ियल रवैया

हाई कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद जल संसाधन विभाग ने सुरेश कुमार पांडेय को प्रभारी मुख्य अभियंता बनाने का आदेश तो निरस्त कर दिया, लेकिन विभाग ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

ताजा स्थिति: विभाग ने सीनियरिटी को नजरअंदाज करते हुए एक और जूनियर अधिकारी को प्रभार सौंप दिया है। नए आदेश के तहत अब महानदी परियोजना के मुख्य अभियंता मक्सी कुजूर को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ महानदी गोदावरी कछार रायपुर का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है। विभाग के इस कदम से प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या सरकार अदालती आदेश की मूल भावना को समझने में नाकाम रही है।

निष्कर्ष

बिलासपुर हाई कोर्ट का यह फैसला प्रशासनिक मनमानी पर करारा प्रहार है। वरिष्ठता को नजरअंदाज कर जूनियर अधिकारी को महत्वपूर्ण पद सौंपना सेवा नियमों का उल्लंघन है। कोर्ट की रोक के बाद भी विभाग द्वारा दूसरे जूनियर को प्रभार देना प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जिसका जवाब अब सरकार को देना होगा।

FAQ

Q1. हाई कोर्ट ने किस आदेश पर रोक लगाई है?
Ans: जल संसाधन विभाग में सीनियर को छोड़कर जूनियर अधिकारी को चीफ इंजीनियर का प्रभार देने पर।

Q2. याचिकाकर्ता कौन हैं और उनकी दलील क्या है?
Ans: सीनियर अधिकारी सिल्वेस्टर मिंज। उनकी दलील है कि डीपीसी वेटिंग लिस्ट में पहले नंबर पर होने के बावजूद उनकी अनदेखी की गई।

Q3. कोर्ट ने राज्य सरकार से क्या कहा है?
Ans: कोर्ट ने आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है।

यह खबरें भी पढ़ें...

गलत प्रश्न पत्र और आंसर की पर हाई कोर्ट सख्त; बनेगी हाई लेवल कमेटी

MPPSC Revised Exam 2026 Calendar | कुल 41 भर्तियां, मेन्स 2025 का भी जिक्र, चार पर हाई कोर्ट की रोक

MP हाई कोर्ट में शुरू हुआ फ्रेगमेंटेशन टू फ्यूजन, अब सुनवाई के लिए नहीं मिलेगी तारीख पे तारीख

राजस्थान हाई कोर्ट ने दुग्ध संघों में प्रशासक लगाने पर लगाई रोक, सरकार से मांगा जवाब

Tags:
  • बिलासपुर हाई कोर्ट
  • जल संसाधन विभाग
  • राज्य सरकार
  • महानदी
  • DPC
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा