सूरजपुर में पति को बंधक बनाकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म

Umeshwari Baghel | Jul 05, 2026, 18:32 IST
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पति को बंधक बना महिला से गैंगरेप
पति को बंधक बना महिला से गैंगरेप

सूरजपुर के रामानुजनगर क्षेत्र में पति को बंधक बनाकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना 27 जून की है। शिकायत के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की जांच जारी है।

समझें क्या है पूरा मामला

Surajpur : सूरजपुर जिले में महिला से सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। घटना रामानुजनगर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। पीड़िता अपने पति के साथ साप्ताहिक बाजार से घर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में चार युवकों ने दंपती को रोक लिया।

आरोप है कि युवकों ने पहले महिला के पति को बंधक बनाया। इसके बाद महिला को पास के खेत में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। वारदात के बाद आरोपियों ने पीड़िता और उसके पति को धमकी भी दी। डर के कारण पीड़िता ने तुरंत शिकायत दर्ज नहीं कराई।

बाद में ग्रामीणों ने पीड़िता और उसके परिवार को हिम्मत दी। इसके बाद महिला रामानुजनगर थाने पहुंची। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

27 जून की शाम हुई वारदात

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना 27 जून की शाम की है। पीड़िता अपने पति के साथ साप्ताहिक बाजार गई थी। बाजार से सामान खरीदने के बाद दोनों घर लौट रहे थे। रास्ते में महिला का पति नशे की हालत में गिर पड़ा।

इसी दौरान चार युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने दंपती की स्थिति का फायदा उठाया। उन्होंने पहले पति को काबू में किया। इसके बाद महिला को धमकाते हुए खेत की ओर ले गए।

पुलिस के अनुसार आरोपी भी नशे की हालत में थे। वारदात के बाद उन्होंने पीड़िता और उसके पति को डराया। आरोपियों ने कहा कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे। इसी डर के कारण पीड़िता चुप रही।

पति को बनाया बंधक

मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि आरोपियों ने पति को बंधक बनाया। इसके बाद महिला के साथ अपराध किया गया। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर केस दर्ज किया है। बयान में बताया गया कि घटना के समय महिला पूरी तरह असहाय स्थिति में थी।

वारदात के बाद दंपती देर रात किसी तरह घर पहुंचे। घटना से दोनों डरे हुए थे। पीड़िता मानसिक रूप से बेहद परेशान थी। इसलिए उसने शुरुआत में किसी को जानकारी नहीं दी। गांव के लोगों को बाद में घटना का पता चला।

ग्रामीणों ने महिला को थाने जाने के लिए समझाया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस के सामने पूरी बात रखी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।

चारों आरोपियों पर बीएनएस की धारा 70 के तहत केस

रामानुजनगर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 70 के तहत कार्रवाई की है। यह धारा सामूहिक दुष्कर्म से जुड़े मामलों में लागू होती है। पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज किया है। साथ ही मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। न्यायालय ने चारों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सूरजपुर एसडीओपी अभिषेक पैकरा ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है। पुलिस बाकी आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।

मुख्य आरोपी पर पहले भी लग चुके हैं आरोप

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी ऋतु यादव पहले भी अपराध के मामले में जेल जा चुका है। करीब दो साल पहले वह लूट के मामले में गिरफ्तार हुआ था। हाल में उस पर ट्रैक्टर की बैटरी चोरी का आरोप भी लगा था।

अन्य आरोपियों रामजी, कपील और रामेश्वर के बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की गतिविधियों की जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या इनके खिलाफ पहले कोई अन्य शिकायत दर्ज हुई थी।

पुलिस ने साफ किया है कि पीड़िता की सुरक्षा को लेकर भी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे मामलों में पीड़िता की पहचान उजागर नहीं की जाती। पुलिस ने भी इस मामले में गोपनीयता बनाए रखने की बात कही है।

शिकायत में देरी डर और धमकी की वजह से हुई

इस मामले में शिकायत घटना के तुरंत बाद दर्ज नहीं हो सकी। पुलिस के अनुसार पीड़िता आरोपियों की धमकी से डरी हुई थी। आरोपियों ने घटना के बाद जान से मारने की बात कही थी। इसी वजह से महिला ने पहले चुप्पी साध ली।

गांव के लोगों को जब घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने महिला को भरोसा दिलाया। इसके बाद महिला ने थाने जाकर शिकायत की। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लिया। इसके बाद आरोपियों की तलाश शुरू की गई।

ऐसे मामलों में शिकायत में देरी को लेकर पुलिस अलग से जांच करती है। देरी की वजह अक्सर डर, सामाजिक दबाव और धमकी होती है। इस मामले में भी पुलिस ने पीड़िता के बयान को जांच का अहम आधार माना है।

गांव में घटना के बाद आक्रोश

घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में नाराजगी है। ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में जल्द जांच और मजबूत चार्जशीट जरूरी है।

ग्रामीणों का कहना है कि सुनसान रास्तों पर सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए। खासकर साप्ताहिक बाजार से लौटने वाले लोगों के लिए पुलिस गश्त जरूरी है। गांवों में शाम के बाद कई रास्ते खाली हो जाते हैं। ऐसे में महिलाएं और परिवार खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।

स्थानीय लोगों ने शराब और नशे की अवैध उपलब्धता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नशे की वजह से अपराध बढ़ते हैं। पुलिस को ऐसे स्थानों पर निगरानी बढ़ानी चाहिए।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजने के बाद जांच आगे बढ़ा दी है। पीड़िता के बयान और मेडिकल प्रक्रिया को जांच का हिस्सा बनाया गया है। घटना स्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह भी देख रही है कि घटना के समय आरोपी कहां से आए थे।

मामले में चार्जशीट तैयार करने के लिए पुलिस बयान और सबूतों को जोड़ रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विवेचना पूरी होने के बाद रिपोर्ट न्यायालय में पेश की जाएगी। पीड़िता और उसके परिवार को कानूनी मदद दिलाने की प्रक्रिया भी देखी जा रही है।

महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

सूरजपुर की यह घटना महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में शाम के बाद सुरक्षित आवागमन बड़ी चुनौती है। बाजार से लौटने वाले परिवारों को कई बार सुनसान रास्तों से गुजरना पड़ता है।

ऐसी घटनाएं बताती हैं कि सिर्फ गिरफ्तारी काफी नहीं है। रोकथाम के लिए पुलिस गश्त, सामुदायिक निगरानी और नशे पर नियंत्रण जरूरी है। गांवों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर भी जागरूकता बढ़ानी होगी।

कानून के जानकारों के अनुसार सामूहिक दुष्कर्म के मामलों में जांच तेज और मजबूत होनी चाहिए। पीड़िता की पहचान सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है। समाज को भी पीड़िता के साथ खड़ा होना चाहिए। डर और दबाव अपराधियों को मजबूत करते हैं।

IMP FACTS

मामला छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र का है। घटना 27 जून की शाम की बताई गई है। पीड़िता अपने पति के साथ साप्ताहिक बाजार से लौट रही थी। आरोप है कि चार युवकों ने पति को बंधक बनाया। इसके बाद महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया गया। आरोपियों ने घटना के बाद जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण पीड़िता ने तुरंत शिकायत नहीं की। ग्रामीणों के समझाने पर पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों पर बीएनएस की धारा 70 के तहत कार्रवाई की गई है। चारों आरोपियों को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी पहले भी आपराधिक मामले में जेल जा चुका है।

निष्कर्ष

सूरजपुर जिले की यह घटना बेहद गंभीर है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब जांच की मजबूती और समय पर कानूनी कार्रवाई सबसे अहम होगी। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पुलिस को सभी सबूतों के साथ मजबूत केस तैयार करना होगा।

यह मामला ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है। साप्ताहिक बाजारों से लौटने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने होंगे। साथ ही ऐसे अपराधों में पीड़िता और उसके परिवार को सामाजिक सहयोग मिलना भी जरूरी है।

FAQ

  1. सामूहिक दुष्कर्म मामला कहां का है?
    यह मामला छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र का है।
  2. घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत शिकायत क्यों नहीं की?
    आरोपियों ने पीड़िता और उसके पति को जान से मारने की धमकी दी थी। इसी डर के कारण शिकायत में देरी हुई।
  3. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
    पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

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