सरगुजा केसीसी घोटाला : किसानों के नाम पर फर्जी लोन, बैंक मैनेजर पर FIR

Umeshwari Baghel | Jul 11, 2026, 18:45 IST
Share
सरगुजा KCC घोटाला
सरगुजा KCC घोटाला

सरगुजा के केरजू सहकारी समिति KCC फर्जीवाड़ा मामले में पुलिस ने तत्कालीन जिला सहकारी बैंक पेटला शाखा प्रबंधक समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। 52 लाख के फर्जी ऋण मामले में समिति प्रबंधक दिनेश गुप्ता पर दबाव बनाया गया था, जिसके।

समझें क्या है पूरा मामला

Surguja। सरगुजा जिले के केरजू सहकारी समिति में हुए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) घोटाले की जांच अब आत्महत्या मामले तक पहुंच गई है। पुलिस ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से ऋण निकालकर लाखों रुपये का गबन किया गया और इसकी जिम्मेदारी समिति प्रबंधक पर डाल दी गई।

समिति प्रबंधक की आत्महत्या के मामले में कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में किसान क्रेडिट कार्ड फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सीतापुर थाना पुलिस ने जिला सहकारी बैंक पेटला के तत्कालीन शाखा प्रबंधक भूपेंद्र सिंह परिहार समेत अन्य लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

यह मामला केरजू सहकारी समिति के तत्कालीन प्रबंधक दिनेश गुप्ता की आत्महत्या से जुड़ा है। पुलिस जांच में सामने आया कि आत्महत्या से पहले दिनेश गुप्ता मानसिक तनाव में थे। उन पर कथित तौर पर फर्जी ऋण मामले की जिम्मेदारी डाली जा रही थी।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे मामले में अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

किसानों के नाम पर निकाले गए फर्जी KCC लोन

मामला केरजू सहकारी समिति में किसान क्रेडिट कार्ड ऋण वितरण से जुड़ा है। किसानों ने आरोप लगाया था कि उनके नाम पर बिना जानकारी के ऋण स्वीकृत कर राशि निकाल ली गई।

शिकायत के बाद हुई जांच में बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई थी। प्रारंभिक जांच में दो करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी ऋण प्रकरण सामने आने की बात कही गई थी।

आरोप है कि इसी फर्जीवाड़े के एक हिस्से में करीब 52 लाख रुपये की राशि का गलत इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी ऋण की पूरी प्रक्रिया कैसे संचालित हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

विवाद के बाद घर लौटकर उठाया आत्मघाती कदम

केरजू सहकारी समिति के प्रबंधक दिनेश गुप्ता की मौत 25 दिसंबर 2025 को हुई थी। जानकारी के अनुसार उस दिन समिति में कुछ किसानों ने अपने नाम पर फर्जी KCC ऋण निकलने को लेकर विरोध किया था।

घटना के बाद दिनेश गुप्ता काफी परेशान बताए गए। विवाद के बाद वह दोबारा समिति भी पहुंचे थे। इसके बाद रात में अपने घर लौटे और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार ने आरोप लगाया था कि लगातार दबाव और मानसिक प्रताड़ना के कारण दिनेश गुप्ता ने यह कदम उठाया।

पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

मर्ग जांच के दौरान मृतक की पत्नी सुनीता गुप्ता का बयान पुलिस ने दर्ज किया। उन्होंने तत्कालीन शाखा प्रभारी भूपेंद्र सिंह परिहार पर गंभीर आरोप लगाए।

पत्नी के अनुसार किसानों के नाम पर फर्जी KCC ऋण निकालने की प्रक्रिया में बैंक अधिकारी की भूमिका थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब दिनेश गुप्ता ने इस मामले में राशि वापस करने की बात कही तो उन्हें दबाव में लिया गया।

परिवार का आरोप है कि पूरी गड़बड़ी का जिम्मेदार दिनेश गुप्ता को बताया जा रहा था। उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी भी दी गई थी। इससे वह लगातार मानसिक तनाव में थे।

जांच में पहले ही सामने आ चुका था बड़ा घोटाला

केरजू सहकारी समिति में फर्जी ऋण का मामला पहले भी सामने आ चुका था। किसानों ने इस संबंध में सरगुजा कलेक्टर से शिकायत की थी।

शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर जांच कराई गई। जांच में सहकारी समिति के माध्यम से करोड़ों रुपये के फर्जी ऋण वितरण की पुष्टि होने की बात सामने आई थी।

सहकारी बैंक की जांच टीम ने भी अनियमितताओं को लेकर रिपोर्ट दी थी। इसके बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक को पद से हटाने की कार्रवाई की गई थी।

कई किसान अब भी कर्ज के बोझ में

इस फर्जीवाड़े का असर किसानों पर भी पड़ा है। कई किसानों के नाम पर ऋण दर्ज होने से वे बैंक के रिकॉर्ड में कर्जदार बन गए। किसानों का कहना है कि उन्होंने ऋण लिया ही नहीं फिर भी उनके खातों में लाखों रुपये का कर्ज दिखाया जा रहा है। इस मामले में अब पुलिस जांच के साथ-साथ बैंक और सहकारिता विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।

पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश

सीतापुर पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

केसीसी फर्जीवाड़े और समिति प्रबंधक की आत्महत्या से जुड़े इस मामले में अब जांच का दायरा बढ़ सकता है। पुलिस बैंक रिकॉर्ड, ऋण दस्तावेज और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर पूरी घटना की कड़ियां जोड़ रही है।

IMP FACTS

स्थान: केरजू सहकारी समिति, सीतापुर क्षेत्र, सरगुजा छत्तीसगढ़

मृतक: समिति प्रबंधक दिनेश गुप्ता (50)

आत्महत्या की तारीख: 25 दिसंबर 2025

आरोप: किसानों के नाम पर फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण निकालने का मामला

फर्जी ऋण राशि: करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी जांच में सामने आई

52 लाख रुपये: कथित गबन के एक हिस्से को लेकर आरोप लगाए गए

आरोपी: जिला सहकारी बैंक पेटला के तत्कालीन शाखा प्रबंधक भूपेंद्र सिंह परिहार सहित अन्य

दर्ज केस: भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और 3(5) के तहत मामला दर्ज

परिवार का आरोप: मृतक पर फर्जीवाड़े की जिम्मेदारी डालकर नौकरी से हटाने की धमकी दी गई

पुलिस कार्रवाई: आरोपियों की तलाश जारी है और मामले की जांच चल रही है।

FAQ

  1. सरगुजा KCC फर्जीवाड़ा मामला किससे जुड़ा है?
    यह मामला केरजू सहकारी समिति में किसानों के नाम पर कथित फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण निकालने से जुड़ा है। जांच में दो करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी सामने आने की बात कही गई है।
  2. दिनेश गुप्ता की आत्महत्या मामले में किस पर केस दर्ज हुआ है?
    पुलिस ने जिला सहकारी बैंक पेटला के तत्कालीन शाखा प्रबंधक भूपेंद्र सिंह परिहार समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
  3. पुलिस ने आरोपियों पर कौन-कौन सी धाराएं लगाई हैं?
    सीतापुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जांच अभी जारी है।

यह खबरें भी पढ़े...

कवर्धा धान घोटाला: केंद्र प्रभारी के घर छापा, 16 लाख कैश और कंप्यूटर जब्त

तहसीलदार से विवाद में सीतापुर के MLA रामकुमार टोप्पो सहित 10 समर्थकों पर FIR

सहकारी समिति घोटाला : EOW ने कोर्ट में पेश किया 3500 पन्नों का चालान

छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन फेल, 4710 करोड़ का बजट हुआ लैप्स

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • सरगुजा
  • सीतापुर
  • घोटाला
  • सहकारी समिति
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा