छत्तीसगढ़ की 3 युवतियां चेन्नई में बंधक, वीडियो जारी कर लगाई गुहार

Umeshwari Baghel | Jun 22, 2026, 16:42 IST
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चेन्नई में बंधक बनीं छत्तीसगढ़ की युवतियां
चेन्नई में बंधक बनीं छत्तीसगढ़ की युवतियां

सरगुजा की 3 युवतियों को सिलाई ट्रेनिंग और नौकरी का झांसा देकर चेन्नई ले जाया गया। अब वे वहीं फंसी हैं और घर लौटने के लिए 10-10 हजार रुपए मांगे जा रहे हैं। उन्होंने वीडियो बनाकर मदद मांगी।

समझें क्या है पूरा मामला

Sarguja। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में मानव तस्करी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें सीतापुर क्षेत्र की तीन युवतियों को सिलाई प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के नाम पर चेन्नई ले जाया गया था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन युवतियों को जशपुर में तीन महीने तक सिलाई का प्रशिक्षण दिलाया गया था। इसके बाद उन्हें रोजगार दिलाने का भरोसा देकर तमिलनाडु के कांचीपुरम क्षेत्र में भेज दिया गया।

अब सामने आया है कि ये तीनों युवतियां वहां बंधक जैसी स्थिति में फंसी हुई हैं और उन्हें घर लौटने की अनुमति नहीं दी जा रही है। युवतियों ने एक वीडियो जारी कर अपनी स्थिति साझा की है, जिसमें उन्होंने मदद की गुहार लगाई है।

घर लौटने के लिए मांगी जा रही रकम

युवतियों द्वारा जारी किए गए वीडियो में यह साफ तौर पर कहा गया है कि उन्हें प्लेसमेंट और बेहतर नौकरी का भरोसा देकर यहां लाया गया था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। वीडियो में वे बताती हैं कि उन्हें घर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है और उनसे प्रति युवती 10-10 हजार रुपए की मांग की जा रही है।

युवतियों का आरोप है कि उन्हें लाने वाले लोग अब संपर्क में नहीं हैं और फोन भी रिसीव नहीं कर रहे हैं। इस वजह से वे पूरी तरह असहाय स्थिति में हैं। वीडियो में उन्होंने यह भी बताया कि उनकी तबीयत भी ठीक नहीं है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें किसी प्रकार की सहायता नहीं मिल रही है।

मानव तस्करी के नेटवर्क पर फिर उठे सवाल

सरगुजा और आसपास के इलाकों जैसे सीतापुर, मैनपाट और जशपुर में पहले भी मानव तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। अक्सर यह देखा गया है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की युवतियों और युवकों को सिलाई, कंप्यूटर या अन्य स्किल ट्रेनिंग के नाम पर बहला-फुसलाकर बड़े शहरों में ले जाया जाता है।

इसके बाद कई मामलों में उन्हें गलत जगहों पर काम करने के लिए मजबूर किया जाता है या फिर उनकी स्वतंत्रता सीमित कर दी जाती है। इस ताजा मामले ने एक बार फिर इस पूरे नेटवर्क की सक्रियता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय विधायक ने लिया संज्ञान, प्रशासन को दिए निर्देश

वीडियो सामने आने के बाद सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने तुरंत जिला प्रशासन और पुलिस को इस घटना की जानकारी दी और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार, प्रशासनिक स्तर पर चेन्नई में मौजूद संबंधित युवतियों की लोकेशन और स्थिति की पुष्टि करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही स्थानीय स्तर पर उन लोगों की भी पहचान की जा रही है, जो इन्हें प्लेसमेंट के नाम पर बाहर ले गए थे।

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सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनता मानव तस्करी का पैटर्न

यह मामला केवल एक घटना नहीं बल्कि उस बड़े पैटर्न की ओर इशारा करता है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार के नाम पर अन्य राज्यों में भेजा जाता है। कई मामलों में दस्तावेज, अनुबंध या आधिकारिक रिकॉर्ड का स्पष्ट अभाव होता है, जिससे बाद में पीड़ितों की स्थिति बेहद कमजोर हो जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में स्थानीय स्तर पर स्किल ट्रेनिंग सेंटर और प्लेसमेंट एजेंसियों की सख्त निगरानी जरूरी है। साथ ही इंटर-स्टेट लेवल पर समन्वय मजबूत न होने से भी ऐसे नेटवर्क को बढ़ावा मिलता है।

परिवारों की चिंता और न्याय की उम्मीद

सीतापुर क्षेत्र के इन परिवारों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। परिजन लगातार अपनी बेटियों की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल सभी की नजरें पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि कब तक इन तीनों युवतियों को सुरक्षित वापस लाया जा सकेगा और इस पूरे नेटवर्क के पीछे मौजूद लोगों तक पहुंच बनाई जा सकेगी।

IMP FACTS

सीतापुर की 3 युवतियां चेन्नई में फंसी
सिलाई ट्रेनिंग के बाद प्लेसमेंट पर भेजी गई थीं
घर लौटने के लिए 10-10 हजार रुपए मांगे जा रहे
युवतियों ने वीडियो बनाकर मदद मांगी
विधायक ने प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए

FAQ

  1. सरगुजा मानव तस्करी मामले में क्या सामने आया है?
    तीन युवतियों को सिलाई प्रशिक्षण और नौकरी के नाम पर चेन्नई ले जाया गया, जहां वे बंधक जैसी स्थिति में हैं।
  2. युवतियों से पैसे क्यों मांगे जा रहे हैं?
    रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें घर वापस भेजने के बदले प्रति युवती 10-10 हजार रुपए की मांग की जा रही है।
  3. प्रशासन इस मामले में क्या कर रहा है?
    विधायक के निर्देश के बाद पुलिस और प्रशासन युवतियों की लोकेशन ट्रेस कर सुरक्षित वापसी की कोशिश में जुटे हैं।

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