छत्तीसगढ़ में सरेंडर नक्सलियों ने मनाई होली, आजादी के बाद पहला मौका

छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों ने इस बार रंग-गुलाल के साथ होली का त्योहार मनाया। कांकेर के भानुप्रतापुर स्थित मुल्ला चौगेल पुनर्वास केंद्र में सरेंडर नक्सलियों ने ढोल और रंगों के साथ जश्न मनाया।

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Harrison Masih
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NEWS IN SHORT

  • सरेंडर कर चुके नक्सलियों ने पहली बार होली का त्योहार मनाया
  • भानुप्रतापुर स्थित मुल्ला चौगेल पुनर्वास केंद्र में सरेंडर नक्सलियों ने जमकर होली खेली
  • नारायणपुर के अबूझमाड़ के कुतुल एरिया में आजादी के बाद पहली बार होली मनाई गई
  • महासमुंद में आत्मसमर्पण करने वाले BBM डिवीजन के 15 नक्सलियों ने भी पुनर्वास केंद्र में होली मनाई

NEWS IN DETAIL

सरेंडर नक्सलियों ने खेली होली

छत्तीसगढ़ के जंगलों में रहने वाले नक्सली जहां कभी त्योहार और सामाजिक कार्यक्रमों से दूर रहते थे, वही अब आत्मसमर्पण के बाद नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे हैं।

होली के मौके पर कई जिलों में सरेंडर कर चुके नक्सली एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर खुशी मनाते नजर आए। उन्होंने पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी रंग लगाकर त्योहार की शुभकामनाएं दीं।

कांकेर पुनर्वास केंद्र में उत्साह

कांकेर जिले के भानुप्रतापुर स्थित मुल्ला चौगेल पुनर्वास केंद्र में करीब 40 सरेंडर नक्सली रह रहे हैं।

यहां होली के दिन रंग, गुलाल और ढोल की थाप पर सभी ने मिलकर त्योहार मनाया। इस दौरान आत्मसमर्पित नक्सलियों ने डांस भी किया और एक-दूसरे को गले लगाकर नई जिंदगी की शुरुआत का जश्न मनाया।

पुनर्वास केंद्र में रह रहे सरेंडर नक्सलियों को सिलाई, ड्राइविंग और मैकेनिक जैसे कौशल प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि ये लोग आत्मनिर्भर बनकर समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।

अबूझमाड़ में पहली बार खुलकर होली

नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र का कुतुल एरिया, जिसे कभी नक्सलियों की राजधानी कहा जाता था, वहां आजादी के बाद पहली बार होली मनाई गई।

सुरक्षा बलों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्र में अब शांति का माहौल बना है। इस साल यहां ग्रामीणों और बच्चों ने बिना किसी डर के खुले दिल से होली खेली।

महासमुंद में सरेंडर नक्सलियों का जश्न

महासमुंद जिले में दो दिन पहले BBM डिवीजन के 15 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। उन्होंने भी पुनर्वास केंद्र में रंग-गुलाल के साथ होली मनाई। इस कार्यक्रम का वीडियो प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने सोशल मीडिया पर शेयर किया।

प्रशासन ने दी शुभकामनाएं

होली के मौके पर प्रशासनिक अधिकारी भी पुनर्वास केंद्र पहुंचे और सरेंडर नक्सलियों को शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों ने कहा कि शासन की पुनर्वास नीति का उद्देश्य भटके युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है।

Sootr Knowledge

  • छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए पुनर्वास नीति लागू की है।
  • आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता और कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • अबूझमाड़ क्षेत्र लंबे समय तक नक्सलियों का गढ़ माना जाता रहा है।
  • पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों के अभियान से कई गांव नक्सल प्रभाव से मुक्त हुए हैं।
  • सामाजिक गतिविधियों और त्योहारों में भागीदारी से सरेंडर नक्सलियों को मुख्यधारा से जुड़ने में मदद मिलती है।

IMP FACTS

  • कांकेर के मुल्ला चौगेल पुनर्वास केंद्र में 40 सरेंडर नक्सली
  • पहली बार रंग-गुलाल के साथ होली मनाई
  • अबूझमाड़ के कुतुल एरिया में आजादी के बाद पहली होली
  • महासमुंद में BBM डिवीजन के 15 सरेंडर नक्सलियों ने भी मनाया त्योहार
  • गृहमंत्री विजय शर्मा ने वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में सरेंडर नक्सलियों द्वारा होली मनाना इस बात का संकेत है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में धीरे-धीरे शांति और सामान्य जीवन लौट रहा है। पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों के प्रयासों से भटके हुए युवाओं को नई जिंदगी का अवसर मिल रहा है।

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