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रायपुर:छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में खनन क्षेत्र से जुड़ा एक मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कुसमी क्षेत्र के हंसपुर गांव में कथित मारपीट के बाद एक आदिवासी ग्रामीण की मौत हो गई है। दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के केंद्र में कुसमी के SDM करुण डहरिया और स्थानीय तहसीलदार बताए जा रहे हैं। ये कथित तौर पर निजी वाहन से खनन क्षेत्र में पहुंचे थे।
इस मामले में पुलिस ने एसडीएम डहरिया, विक्की सिंह, संदीप यादव और सुदीप यादव को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।
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मारपीट के बाद अस्पताल में मौत
जानकारी के अनुसार प्रशासनिक टीम अवैध बॉक्साइट खनन की शिकायत पर इलाके में गई थी। आरोप है कि रात के समय SDM के साथ मौजूद कुछ लोगों ने खेत से लौट रहे तीन ग्रामीणों को रोक लिया था। विवाद बढ़ा और कथित तौर पर लाठी-डंडों से मारपीट की गई थी।
गंभीर रूप से घायल 60 वर्षीय रामनरेश राम को अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल में रामनरेश की मौत हो गई। फिलहाल अजीत उरांव और आकाश अगरिया का इलाज जारी है।
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बड़ा सवाल: सरकारी वाहन के बजाय निजी गाड़ी क्यों?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि यह आधिकारिक जांच थी, तो सरकारी वाहन और पुलिस बल के बजाय निजी गाड़ी और कथित साथियों के साथ मौके पर क्यों पहुंचा गया? ग्रामीणों का आरोप है कि SDM और तहसीलदार की मौजूदगी में ही मारपीट हुई थी।
इलाके में बढ़ा तनाव
घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। पुलिस ने SDM और अन्य लोगों को हिरासत में लिया है। अब तक औपचारिक गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में आक्रोश है। जांच की निगरानी एडिशनल एसपी विश्वदीप त्रिपाठी कर रहे हैं। यह मामला अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं है। अब यह प्रशासनिक जवाबदेही और आदिवासी अधिकारों से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है।
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खबर लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस ने एसडीएम डहरिया, विक्की सिंह, संदीप यादव और सुदीप यादव को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार एसडीएम का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड भी रहा है।
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