वक्फ बोर्ड ने 1100 रुपए से अधिक नजराना लेने पर लगाई रोक

Harrison Masih | Jun 03, 2025, 20:14 IST
Share
Wakf Board banned taking more than 1100 rupees as offering chattisgarh the sootr
Wakf Board banned taking more than 1100 rupees as offering chattisgarh the sootr

छत्तीसगढ़ में मौलवी और इमाम निकाह पढ़ाने के बदले 1100 रुपए से अधिक का नजराना नहीं ले सकेंगे। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा यह आदेश सभी वक्फ संस्थाओं मस्जिद, मदरसा, दरगाह के मुतवल्लियों को भेजा गया है।

अब छत्तीसगढ़ में मौलवी और इमाम निकाह पढ़ाने के बदले 1100 रुपए से अधिक का नजराना नहीं ले सकेंगे। इस संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज द्वारा यह आदेश सभी वक्फ संस्थाओं मस्जिद, मदरसा, दरगाह के मुतवल्लियों को भेजा गया है। इस कदम का मकसद निकाह प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाना है, ताकि आर्थिक बोझ के चलते कोई विवाह बाधित न हो।

ये खबर भी पढ़ें... हाई कोर्ट ने खारिज की अनुकंपा नियुक्ति की याचिका, जानें क्या है मामला

शिकायतों के बाद लिया फैसला

वक्फ बोर्ड के पास लगातार ऐसी शिकायतें पहुँच रही थीं, जिनमें कहा गया कि मौलवी निकाह पढ़ाने के बदले मनमाना नजराना मांग रहे हैं। एक मामले में तो 5100 रुपए नजराना न मिलने पर मौलवी ने निकाह पढ़ाने से इनकार कर दिया और विवाह स्थल से चले गए। इस तरह की घटनाएं सामाजिक असंतुलन को बढ़ावा देती हैं और शरीयत के उस सिद्धांत के भी खिलाफ हैं, जिसमें निकाह को सरल बनाने की बात कही गई है।

ये खबर भी पढ़ें... लकड़ी तस्करों ने डिप्टी रेंजर पर कुल्हाड़ी से किया जानलेवा हमला, हालत गंभीर

आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने स्पष्ट किया कि यदि कोई मौलवी या इमाम इस निर्देश का उल्लंघन करता है और नजराने के रूप में 1100 रुपए से अधिक की मांग करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "इस्लाम में निकाह को आसान बनाने की हिदायत दी गई है। ये आदेश उसी दिशा में एक आवश्यक कदम है।"

छत्तीसगढ़ में फिलहाल लगभग 800 से अधिक इमाम और मौलवी हैं जो निकाह पढ़ाने का कार्य करते हैं। वक्फ बोर्ड चाहता है कि इन धार्मिक सेवाओं में व्यावसायिकता की जगह सेवा भाव को बढ़ावा मिले।

ये खबर भी पढ़ें... पिकनिक मनाने गए दो दोस्तों की डैम में डूबने से मौत, इलाके में शोक की लहर

शरीयत के अनुसार निकाह का महत्व

इस्लाम में निकाह को एक धार्मिक कर्तव्य के साथ-साथ सामाजिक अनुबंध के रूप में देखा जाता है। शरीयत के मुताबिक, निकाह के लिए लड़के और लड़की दोनों की स्वीकृति आवश्यक होती है। इस प्रक्रिया में मेहर एक अहम हिस्सा होता है, जो लड़की को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा देने का माध्यम माना जाता है।

इस्लाम में बहुविवाह की भी इजाज़त है, जिसका उल्लेख कुरान में 7वीं सदी में किया गया था। उस समय समाज में युद्ध और संघर्ष के कारण पुरुषों की मृत्यु दर अधिक थी, जिससे विधवाओं और उनके बच्चों की जिम्मेदारी लेने के लिए बहुविवाह की अनुमति दी गई थी।

सरलता और पारदर्शिता की ओर कदम

राज्य वक्फ बोर्ड का यह फैसला निकाह को सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। आदेश से उन परिवारों को राहत मिलेगी जो आर्थिक तंगी के कारण विवाह जैसे पवित्र बंधन को पूरा नहीं कर पा रहे थे। साथ ही, यह भी संदेश जाएगा कि धार्मिक कर्तव्यों में लालच की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

ये खबर भी पढ़ें... फर्जी डिग्री के दम पर नौकरी: जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. प्रिंस जायसवाल बर्खास्त

Wakf Board | Waqf Board Law | Marriage | Raipur | chattisgarh | छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड | रायपुर | छत्तीसगढ़

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • Raipur
  • रायपुर
  • Marriage
  • Wakf Board
  • chattisgarh
  • Waqf Board Law
  • छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड
  • निकाह
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By VINAY VERMA

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान

By Ashish Bhardwaj

RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान