Naxalites से मुकाबला करेगी नारी शक्ति, बस्तर के सवा सौ बूथों पर पहली बार womens duty

छत्तीसगढ़ के बस्तर में चुनाव कराने का जिम्मा महिलाओं के कंधों पर होगा। इन महिलाओं की ट्रेनिंग मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले की देखरेख में हो रही है। चुनाव आयोग को उम्मीद है कि इस बार इस क्षेत्र में ज्यादा वोटिंग होगी। 

author-image
Jitendra Shrivastava
New Update
THESOOTR
Listen to this article
0.75x 1x 1.5x
00:00 / 00:00

अरुण तिवारी, RAIPUR. इस बार का चुनाव छत्तीसगढ़ में कुछ खास रहने वाला है। नक्सलियों ( Naxalites ) के सामने इस बार वूमेन पॉवर दिखाई देगा। पहली बार चुनाव आयोग ये नया प्रयोग करने वाला है। इस बार नक्सलियों से नारी शक्ति मुकाबला करने वाली है। पहले चरण में बस्तर लोकसभा क्षेत्र के चुनाव हो रहे हैं। बस्तर ही नक्सलियों का गढ़ माना जाता है। यहां के सवा सौ बूथों पर चुनाव आयोग महिला कर्मचारियों की तैनाती ( womens duty ) कर रही है। यहां पर चुनाव कराने का जिम्मा महिलाओं के कंधों पर होगा। इन महिलाओं की ट्रेनिंग मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले की देखरेख में हो रही है। चुनाव आयोग को उम्मीद है कि इस बार इस क्षेत्र में ज्यादा वोटिंग होगी। 

80 फीसदी से ज्यादा वोटिंग का टारगेट 

THESOOTR

चुनाव आयोग ने इस बार विधानसभा चुनाव से ज्यादा वोटिंग का टारगेट रखा है। विधानसभा चुनाव में यहां 80 फीसदी वोटिंग हुई थी। लोकसभा चुनाव में इससे बढ़कर वोटिंग के प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं को सवा सौ बूथों का जिम्मा सौंपने के पीछे यही लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा चुनाव आयोग मतदाता जागरुकता रैली निकालकर भी लोगों को जागरूक कर रहा है कि वे किसी भी प्रकार के बहकावे में न आएं और अपने मताधिकार का प्रयोग करें। बस्तर में 19 अप्रैल को वोटिंग होगी। छत्तीसगढ़ में मतदान के पहले चरण में बस्तर में वोटिंग कराई जा रही है। 

ये खबरें भी पढ़ें... 

मध्य प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस में भगदड़, दो महीने में तीन हजार नेताओं ने थामा बीजेपी का दामन

Chhattisgarh: बीजेपी-कांग्रेस में छिड़ा पोस्टर वार, आरोपों से तय हो रही जीत-हार

कम हुई शराब खरीदी की लिमिट, अब चढ़ेगा हल्का-हल्का सुरूर

PCC चीफ के निशाने पर गृहमंत्री, बोले- उन्होंने महंत के घर का दरवाजा तोड़ने की कोशिश की

सरकार ने दिया नक्सलियों को विकल्प 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कहते हैं कि यदि नक्सली सरेंडर कर मुख्यधारा से जुड़ते हैं तो सरकार उनका पूरा ध्यान रखेगी। सरकार उनसे बातचीत को भी तैयार है। साय ने कहा कि जब से बीजेपी की सरकार बनी है तब से नक्सलवाद के साथ लड़ाई तेज हो गई है। हाल ही में हमारे सैनिकों ने नक्सलियों का सफाया करने में बड़ी सफलता हासिल की है। एक दिन में 13 नक्सलियों को मार गिराया और बड़ी मात्रा में स्वचालित हथियार बरामद किए हैं। 

एयर एंबुलेंस तैयार

बस्तर में किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए दो एंबुलेंस तैयार की गई हैं। इनमें एक हेलीकाप्टर और एक चार्टर प्लेन शामिल है। किसी भी मतदानकर्मी, वोटर या सुरक्षा जवानों को आपात स्थिति में तत्काल मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इन एयर एंबुलेंस का उपयोग किया जाएगा। ये एयर एंबुलेंस जगदलपुर पहुंच चुकी हैं। एयर एंबुलेंस 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेंगी।

Naxalites womens duty