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Photograph: (the sootr)
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए ऑफिस सेवा तीर्थ में मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक हुई। इस बैठक में कुल 12 हजार 236 करोड़ रुपए के विभिन्न प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। इसके तहत मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में रेल प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी गई।
केरल का नाम 'केरलम' करने का प्रस्ताव
बैठक में एक अहम निर्णय के तहत, केरल राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अब यह प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास जाएगा और संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत केरल विधानसभा की राय के लिए भेजा जाएगा। विधानसभा से मंजूरी मिलने के बाद, सरकार संसद में बिल पेश करेगी और यदि पास हुआ तो राज्य का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर 'केरलम' हो जाएगा।
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तीन नए रेल प्रोजेक्ट्स और एयरपोर्ट
कैबिनेट ने तीन नए रेल प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी है, जिनमें गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन डबलिंग, गम्हरिया-चांडिल, और पुनारख-किऊल के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन शामिल हैं। इसके अलावा, श्रीनगर में नया एयरपोर्ट टर्मिनल बनाने और अहमदाबाद मेट्रो प्रोजेक्ट फेज 2B के एक्सटेंशन के लिए भी मंजूरी दी गई।
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सेवा तीर्थ और प्रधानमंत्री का नया ऑफिस
सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में तीन इमारतें हैं- सेवा तीर्थ-1 (PMO), सेवा तीर्थ-2 (कैबिनेट सचिवालय), और सेवा तीर्थ-3 (NSCS और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का ऑफिस)। अब ये सभी ऑफिस एक ही स्थान पर शिफ्ट हो चुके हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री का नया आवास भी सेवा तीर्थ के पास बन रहा है।
सरकार की योजना है कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक की ऐतिहासिक इमारतों को 'युगे-युगेन भारत नेशनल म्यूजियम' में बदला जाएगा, जो भारत की सभ्यता और संस्कृति को प्रदर्शित करेगा। यह म्यूजियम विश्वस्तरीय होगा और इसमें 25,000 से 30,000 कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी।
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अब केरलाइट का क्या होगा: शशि थरूर
सरकार के राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव पर शशि थरूर ने हल्के-फुल्के अंदाज में सवाल उठाया है। उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि "सब अच्छा है, बेशक, लेकिन हमारे जैसे अंग्रेजी बोलने वालों के बीच एक छोटा सा भाषाई सवाल है- नए केरलम के बाशिंदों के लिए 'केरलाइट' और 'केरलन' जैसे शब्दों का अब क्या होगा?"
थरूर की इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर हल्की सी चर्चा भी पैदा कर दी। उनके ट्वीट ने लोगों को सोचने पर मजबूर किया कि क्या अब इन शब्दों में भी बदलाव आ सकता है, और क्या 'केरलाइट' का नया रूप 'केरलमाइट' होगा?
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