मध्यप्रदेश में कलेक्टर के बाद तहसीलदार ने दिखाई अफसरशाही, ग्रामीणों पर सरकार चुनने को लेकर भी सवाल उठाए, जिला मुख्यायल किया अटैच
Jitendra Shrivastava | Jan 15, 2024, 24:00 IST
मध्यप्रदेश में कलेक्टर के बाद तहसीलदार ने दिखाई अफसरशाही, ग्रामीणों पर सरकार चुनने को लेकर भी सवाल उठाए, जिला मुख्यायल किया अटैच
जिले की सोनकच्छ तहसील के ग्राम कुमारियाराव में खड़ी फसल में लाइट के पोल लगाने को लेकर किसान और तहसीदार आमने-सामने हो गए।
DEWAS. देवास जिले की सोनकच्छ तहसील के ग्राम कुमारियाराव में खड़ी फसल के बीच बिजली के पोल लगाने को लेकर किसान और तहसीदार के बीच बहस हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि सोनकच्छ की महिला तहसीलदार ने ग्रामीणों को चूजा तक कह दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इससे पहले शाजापुर में ड्राइवर से औकात पूछने के बाद अफसरशाही का एक और वीडियो देवास जिले से वायरल हुआ है। इसमें सोनकच्छ तहसील की तहसीलदार ग्रामीणों पर गुस्सा होते हुए नजर आ रही हैं और ग्रामीण युवाओं को चूजे शब्द से संबोधित कर रही हैं। वहीं मुख्यमंत्री के निर्देश पर देवास कलेक्टर नेतहसीलदार अंजली गुप्ता पर कार्रवाई करते हुए जिला मुख्यालय अटैच कर दिया है।
अंडे से निकले नहीं और मरने मारने की बात करते हैं
मामला देवास जिले के सोनकच्छ तहसील में आने वाले कुम्हारिया राव गांव का बताया जा रहा है। गांव में बिजली विभाग के टावर लगाने को लेकर महिला तहसीलदार अंजली गुप्ता गांव में पहुंची थीं। जहां मौजूद कुछ किसानों द्वारा तहसीलदार से अनर्गल शब्दों का उपयोग और उंगली दिखाकर बात की गई। इसके बाद वे भड़क गईं। वे ग्रामीण को गुस्से में डांट-फटकार लगाती हुई कह रही हैं कि अंडे से निकले नहीं और इतनी मरने मारने की बात करते हैं। साथ ही सरकार को चुनने और न चुनने को लेकर भी उन्होंने ग्रामीणों पर सवाल उठाए और अंत में वे सामने वाले युवा द्वारा कहे गए शब्द दोहराते हुए कह रही हैं कि दो शब्द क्या पढ़ लिए अंग्रेजी में, यू आर रिस्पॉन्सिबल आए बड़े। पीछे मुड़ते हुए वीडियो बना रहे युवक का मोबाइल बंद करवाती हुई भी नजर आ रही हैं।
बिजली कंपनी के कर्मचारी 7 जनवरी को पहली बार पहुंचे थे
पहली बार जब बिजली कंपनी एमपीपीटीएल के कर्मचारी 7 जनवरी को किसान के खेत पर गए तो किसान दिनेश जाट और उनके परिजनों ने उनको मना कर दिया कि खड़ी फसल में हम पोल नहीं लगाने देंगे। फसल बर्बाद होगी। कंपनी के कर्मचारी तहसीलदार अंजली गुप्ता के पास गए, खड़ी फसल का हवाला देते हुए तहसीलदार ने भी कंपनी के कर्मचारियों को मना कर दिया कि यह संभव नहीं है। इसके बाद बिजली कंपनी के अधिकारी कलेक्टर के पास पहुंच गए। कलेक्टर ने तहसीलदार को निर्देशित किया, साथ ही किसानों को उचित मुआवजा दिलवाने की बात भी कही। कलेक्टर के आदेश का पालन करते हुए तहसीलदार पहुंचीं, समझाया और किसान मान गए। अगले दिन कंपनी के लोग जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे तो किसान और परिवार नाराज हो गए और उन्होंने एमपीपीटीएल कंपनी के अधिकारियों को वापस भेज दिया। इसके बाद गुरुवार को तहसीलदार फिर पहुंची और किसान के बेटे के "यू आर रिस्पॉन्सिबल" शब्द सुनने के बाद भड़क गईं।
किसान कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर रहे थेः अंजली गुप्ता
मामले में सोनकच्छ तहसीलदार अंजली गुप्ता का कहना है कि मप्र पॉवर ट्रांसमिशन क.लि. सोनकच्छ क्षेत्र में 132 केवी की लाइन के बिजली के टावर खड़े कर रही है जो किसानों के खेत में लग रहे हैं। चूंकि फसल खड़ी है ऐसे में उचित मुआवजा मिलना है। हम MPPTL के अधिकारियों के साथ बुधवार 10 जनवरी को किसानों से बातचीत करने गए थे क्योंकि वह कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर रहे थे। उन्हें समझाया गया। समझाने के बाद गुरुवार 11 जनवरी को फिर एक किसान ने व्यवधान उत्पन्न किया। वहां मौके पर असभ्य और गैर मर्यादित शब्दों का इस्तेमाल उनके द्वारा किया गया, जिसके रिएक्शन में मेरे द्वारा कहा गया। बाद में उन्होंने क्षमा भी मांगी। पूरा मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में है। वायरल वीडियो गुरुवार का है।
अंडे से निकले नहीं और मरने मारने की बात करते हैं
मामला देवास जिले के सोनकच्छ तहसील में आने वाले कुम्हारिया राव गांव का बताया जा रहा है। गांव में बिजली विभाग के टावर लगाने को लेकर महिला तहसीलदार अंजली गुप्ता गांव में पहुंची थीं। जहां मौजूद कुछ किसानों द्वारा तहसीलदार से अनर्गल शब्दों का उपयोग और उंगली दिखाकर बात की गई। इसके बाद वे भड़क गईं। वे ग्रामीण को गुस्से में डांट-फटकार लगाती हुई कह रही हैं कि अंडे से निकले नहीं और इतनी मरने मारने की बात करते हैं। साथ ही सरकार को चुनने और न चुनने को लेकर भी उन्होंने ग्रामीणों पर सवाल उठाए और अंत में वे सामने वाले युवा द्वारा कहे गए शब्द दोहराते हुए कह रही हैं कि दो शब्द क्या पढ़ लिए अंग्रेजी में, यू आर रिस्पॉन्सिबल आए बड़े। पीछे मुड़ते हुए वीडियो बना रहे युवक का मोबाइल बंद करवाती हुई भी नजर आ रही हैं।
बिजली कंपनी के कर्मचारी 7 जनवरी को पहली बार पहुंचे थे
पहली बार जब बिजली कंपनी एमपीपीटीएल के कर्मचारी 7 जनवरी को किसान के खेत पर गए तो किसान दिनेश जाट और उनके परिजनों ने उनको मना कर दिया कि खड़ी फसल में हम पोल नहीं लगाने देंगे। फसल बर्बाद होगी। कंपनी के कर्मचारी तहसीलदार अंजली गुप्ता के पास गए, खड़ी फसल का हवाला देते हुए तहसीलदार ने भी कंपनी के कर्मचारियों को मना कर दिया कि यह संभव नहीं है। इसके बाद बिजली कंपनी के अधिकारी कलेक्टर के पास पहुंच गए। कलेक्टर ने तहसीलदार को निर्देशित किया, साथ ही किसानों को उचित मुआवजा दिलवाने की बात भी कही। कलेक्टर के आदेश का पालन करते हुए तहसीलदार पहुंचीं, समझाया और किसान मान गए। अगले दिन कंपनी के लोग जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे तो किसान और परिवार नाराज हो गए और उन्होंने एमपीपीटीएल कंपनी के अधिकारियों को वापस भेज दिया। इसके बाद गुरुवार को तहसीलदार फिर पहुंची और किसान के बेटे के "यू आर रिस्पॉन्सिबल" शब्द सुनने के बाद भड़क गईं।
किसान कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर रहे थेः अंजली गुप्ता
मामले में सोनकच्छ तहसीलदार अंजली गुप्ता का कहना है कि मप्र पॉवर ट्रांसमिशन क.लि. सोनकच्छ क्षेत्र में 132 केवी की लाइन के बिजली के टावर खड़े कर रही है जो किसानों के खेत में लग रहे हैं। चूंकि फसल खड़ी है ऐसे में उचित मुआवजा मिलना है। हम MPPTL के अधिकारियों के साथ बुधवार 10 जनवरी को किसानों से बातचीत करने गए थे क्योंकि वह कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर रहे थे। उन्हें समझाया गया। समझाने के बाद गुरुवार 11 जनवरी को फिर एक किसान ने व्यवधान उत्पन्न किया। वहां मौके पर असभ्य और गैर मर्यादित शब्दों का इस्तेमाल उनके द्वारा किया गया, जिसके रिएक्शन में मेरे द्वारा कहा गया। बाद में उन्होंने क्षमा भी मांगी। पूरा मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में है। वायरल वीडियो गुरुवार का है।
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