ट्रांसफर रुकवाने AI का सहारा, बनाया प्रभारी मंत्री का फर्जी पत्र, ऐसे खुला राज

Sanjay Dhiman | Jul 22, 2026, 16:55 IST
Share
ai-fake-letter-minister-transfer-tikamgarh
Photograph: (the sootr)

टीकमगढ़ में तबादला रोकने के लिए एआई से प्रभारी मंत्री के नाम का फर्जी पत्र बनाया गया था। पत्र सीएमएचओ कार्यालय से अनुमोदित होकर कलेक्टर तक पहुंच गया है। मंत्री के नाम की स्पेलिंग गलत होने से फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • टीकमगढ़ में ट्रांसफर रोकने के लिए फर्जी पत्र बनाया गया था।
  • पत्र में प्रभारी मंत्री का नाम इस्तेमाल किया गया है।
  • एआई की मदद से यह पत्र तैयार किया गया था।
  • पत्र सीएमएचओ कार्यालय से अनुमोदित होकर कलेक्टर तक पहुंचा है।
  • नाम की गलती से पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया है।
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से एक अजीब मामला सामने आया है। यहां तबादला रोकने के लिए एआई की मदद से फर्जी पत्र तैयार किया गया। यह पत्र प्रभारी मंत्री के नाम से बनाया गया था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पत्र सीएमएचओ कार्यालय से अनुमोदित भी हो गया है।

मामला तब खुला जब यह पत्र कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचा। कलेक्टर ने पत्र को ध्यान से देखा। उन्हें लेटरहेड और मंत्री के नाम में गड़बड़ी नजर आई। इसके बाद उन्होंने पत्र की सच्चाई जांचने का फैसला किया। इसी जांच में पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया है।

8288857b-76f
8288857b-76f


तबादला और फर्जी पत्र की कहानी

स्वास्थ्य विभाग में एक मल्टी पर्पज वर्कर (एमपीडब्ल्यू) तैनात है। इस कर्मचारी का नाम केएल वंशकार बताया गया है। हाल ही में उसका तबादला उप स्वास्थ्य केंद्र गौर से दरगवां किया गया था। कर्मचारी इस तबादले से खुश नहीं था।

तबादला रुकवाने के लिए एक योजना बनाई गई। आठ जुलाई को सीएमएचओ कार्यालय में एक पत्र पेश किया गया। यह पत्र टीकमगढ़ की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर के नाम से तैयार किया गया था। दावा किया गया कि यह पत्र मंत्री ने खुद भेजा है।

सूत्रों के मुताबिक यह पत्र एआई तकनीक की मदद से बनाया गया। पत्र में मंत्री का लेटरहेड और उनके हस्ताक्षर जैसी चीजें डाली गई थीं। देखने में यह पत्र असली जैसा ही लग रहा था। इसी वजह से यह सीएमएचओ कार्यालय से आसानी से पास हो गया।

सीएमएचओ कार्यालय ने पत्र को अनुमोदित कर आगे भेज दिया। पत्र तबादला रद्द करने के लिए कलेक्टर कार्यालय भेजा गया। किसी को शुरुआत में इस पर शक नहीं हुआ। पूरी प्रक्रिया सामान्य तरीके से आगे बढ़ती रही।

नाम की गलती से पकड़ में आया राज

कलेक्टर कार्यालय में पत्र पहुंचने पर मामला बदल गया है। कलेक्टर ने पत्र को ध्यान से पढ़ा। उन्हें पत्र में कुछ गड़बड़ी नजर आई। टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री का नाम कृष्णा गौर है।

लेकिन AI से बने पत्र में मंत्री का नाम कृण्णा गौर लिखा गया था। यह छोटी सी गलती बड़े फर्जीवाड़े का सुराग बन गई। इसके अलावा मंत्री के विभाग के नाम में भी गलती मिली। यह गलती किसी असली सरकारी पत्र में होना मुश्किल है।

नाम में गड़बड़ी देखकर कलेक्टर को शक हुआ। उन्होंने पत्र की प्रामाणिकता जांचने का आदेश दिया। जांच में साफ हो गया कि यह पत्र नकली है। पत्र मंत्री ने कभी भेजा ही नहीं था।

कलेक्टर की सख्त कार्रवाई

फर्जीवाड़ा साबित होने के बाद कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सत्यापन में यह पत्र फर्जी साबित हुआ है। यह पत्र एमपीडब्ल्यू ने खुद भेजा था। तबादला रोकने के लिए फर्जी पत्र लगाना नियम के खिलाफ है।

कलेक्टर ने इसे कानूनी अपराध भी बताया। उन्होंने सीएमएचओ को एमपीडब्ल्यू को निलंबित करने का आदेश दिया। साथ ही जरूरी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। अब यह देखना होगा कि जांच में और क्या सामने आता है।

फिलहाल यह जांच की जा रही है कि पत्र किसने और कैसे तैयार किया। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि सीएमएचओ कार्यालय में यह पत्र बिना जांच के कैसे पास हो गया। जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। मामला अभी जांच के दायरे में है।

यह खबरें भी पढ़ें...

टीकमगढ़ में मिली 10 फीट पांडुलिपि, जम्बूद्वीप का नक्शा भी सामने आया

इंदौर के पूर्व कलेक्टर आकाश त्रिपाठी, टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय को 7 साल पुराने केस में राहत

टीकमगढ़ नगर पालिका को लाखों का चूना लगाया, गफ्फार को गंवानी पड़ी अध्यक्ष की कुर्सी

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक रहेगी जंग, दिल्ली प्रोटेस्ट पर बोले सचिन पायलट

Tags:
  • AI
  • स्वास्थ्य विभाग
  • टीकमगढ़
  • ट्रांसफर
  • तबादला
  • मंत्री कृष्णा गौर
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा