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Photograph: (the sootr)
Indore. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र और पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय के एक ट्वीट X ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। इस बयान के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। इसे उनकी विरोधियों को चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही इस पूरी घटना में जिस तरह से पार्टी के कई नेताओं ने पल्ला झाड़ा वह भी कहीं ना कहीं उनके जेहन में है।
4 पाइंटर में पूरी खबर
- आकाश विजयवर्गीय, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र है और साल 2018 में इंदौर तीन से विधायक रह चुके हैं
- वह पिता की विधानसभा में राजनीतिक रूप से सक्रिय रहते हैं
- इंदौर विधानसभा एक में ही भागीरथपुरा का गंदे पानी का कांड हुआ है
- इसके चलते पिता कैलाश विजयवर्गीय को कांग्रेस घेर रही है
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एक बात साफ करना चाहता हूँ
— Akash Vijayvargiya (@AkashVOnline) January 10, 2026
मैदान में खड़े है, सेवा में लगे है,
मतलब ये कतई नहीं की दोषी है।
बुरे वक्त में साथ देने की पुरानी आदत है।
एक बार स्तिथि सामान्य हो जाएं,
फिर इसपर विस्तार में चर्चा करेंगे।
"ॐ नमः शिवाय" pic.twitter.com/DjpxHABbU8
न्यूज डिटेल
आकाश विजयवर्गीय ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट X पर संदेश लिखा। इसमें कहा कि- एक बात साफ करना चाहता हूं. मैदान में खड़े हैं, सेवा में लगे हैं, मतलब ये कतई नहीं की दोषी है। बुरे वक्त में साथ देने की पुरानी आदत है। एक बार स्थिति सामान्य हो जाएं, फिर इस पर विस्तार में चर्चा करेंगे। ऊं नमः शिवाय
साथ में अपनी और पिता की फोटो लगाई
इस संदेश के साथ ही उन्होंने ट्वीट में पिता मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की और अपनी फोटो भी लगाई है। साथ ही प्रभु शिव की फोटो भी लगी है। इस संदेश में आकाश ने पहली बात को साफ की है कि इस घटना का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इस घटना के लिए उनके पिता मंत्री कैलाश विजयवर्गीय किसी तरह के दोषी है।
वो केवल इसलिए मैदान में उतरे हुए हैं क्योंकि वह बुरे वक्त में हमेशा लोगों के साथ खड़े होते हैं। यह भी उन्होंने विरोधियों को चेतावनी दे दी है कि एक बार स्थिति साफ हो जाए तो फिर इस पर वह विस्तार से चर्चा करेंगे यानी कि जवाब देंगे। इस मसले पर मंत्री विजयवर्गीय पहले ही कह चुके हैं कि घटना के लिए अधिकारी दोषी है और उन पर कार्रवाई की गई है।
घटना के बाद कैलाश दिल्ली से भोपाल तक गए
इस घटना के सामने आने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय लगातार मैदान में डटे रहे। इसी दौरान उनके बयान के चलते विवाद हुआ और वह दिल्ली भी उच्च स्तर पर मिलने गए इसके बाद उन्होंने मीडिया में बयान देना बंद कर दिया। फिर वह 8 जनवरी को भोपाल भी गए और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से लंबी बात की। इसके बाद वह फिर 9 जनवरी से विधानसभा में सक्रिय हुए और 10 जनवरी को इंदौर में भी बैठक ली।
कांग्रेस लगातार कर रही है हमला
इस पूरे मसले के बाद कांग्रेस लगातार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर हमला कर रही है। कांग्रेस इस कांड को लेकर 11 जनवरी को न्याय यात्रा भी निकाल रही है। हालांकि इस मामले में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस मामले में कई लोग जिम्मेदार थे जिनसे सवाल पूछे जाने चाहिए।
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बीजेपी नेताओं ने भी बनाई थी दूरी
इस पूरी घटना में बीजेपी के स्थानीय नेताओं से लेकर सांसद तक पर भी सवाल खड़े हुए। किसी ने भी नेता ने इस त्रासदी के दौरान इंदौर एक में झांकने की जेहमत नहीं उठाई। सांसद शंकर लालवानी ने भी दूरी बनाई, जिस पर सोशल मीडिया पर खूब सवाल उठे। विधानसभा में कैलाश के साथ ही महापौर पुष्यमित्र भार्गव और विधायक रमेश मेंदोला ही सक्रिय भूमिका में दिखे। बाकी नेताओं की दूरियां देखी गई।
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