अक्षय और कांति बम पर धारा 420 और अमानत में ख्यानत की धारा बढ़ाने के लिए भी लगा केस
Pratibha ranaa | May 21, 2024, 13:16 IST
Akshay bam, Kanti bam
मध्य प्रदेश में कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी में गए अक्षय बम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। उन पर धारा 420 के साथ 406. 409 अमानत में ख्यानत जैसी धाराएं भी बढ़ाने के लिए जिला कोर्ट में केस लग गया है।
संजय गुप्ता@ इंदौर.
कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी में गए अक्षय बम ( Akshay bam ) की मुश्किलें और बढ़ती जा रही है। धारा 307 हत्या के प्रयास बढ़ने के बाद गिरफ्तार वारंट भी जारी हो चुका है और अब उन पर धारा 420 के साथ 406. 409 अमानत में ख्यानत जैसी धाराएं भी बढ़ाने के लिए जिला कोर्ट में केस लग गया है।
फरियादी युनुस पटेल ने अधिवक्ता मुकेश देवल के जरिए यह याचिका दायर की है। इसमें कोर्ट ने टीआई को 8 जुलाई तक जांच प्रतिवेदन रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। देवल ने कोर्ट को बताया कि जमीन सौदे को लेकर आरोपी अक्षय बम ने 6 सौदे करार किए थे, लेकिन इसमें सौदा पूरा नहीं किया और चेक भी बाउंस हो गए। इसकी जांच पुलिस ने कभी की ही नहीं, इसलिए इसमें जांच हो और आरोपियों पर यह धाराएं भी बढ़ाई जाएं।
फरियादी ने बताया कि अप्रैल 2004 में अक्षय बम ने युनुस और अन्य के साथ जमीन को लेकर सौदा किया और सौदा राशि 16.77 लाख प्रति एकड़ तय हुआ। लेकिन इसके बाद राशि नहीं दी और सौदा टालते रहे। जमीन के दाम 60 लाख प्रति एकड़ हो गए। इसके बाद फिर बैठक हुई और बम ने फरियादी के साथ नया सौदा करार 30 लाख प्रति एकड़ का किया। नया एग्रीमेंट बना साल 2005 में। इसके बाद बम ने सवा एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करा ली, लेकिन इसमें सौदा राशि 16.77 लाख एकड़ दिखाई, जबकि करार 30 लाख का था। इसके बदले में चेक दिए गए जो बाउंस हो गए। इस मामले में जमीन नामांतरण को लेकर तहसीलदार कोर्ट से लेकर ग्वालियर राजल्व बोर्ड और उच्च कोर्ट में भी केस गया और सभी जगह बम हार गए। कुल जमीन सवा दो एकड़ है।
अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में पुलिस के चालान में गड़बड़ी है पहले तो धारा 307 नहीं लगाई जबकि फरियादी पर गोली चलाई गई थी। वहीं इस घटना के चश्मदीद रिंकू वर्मा जिसने युनुस को बचाया था उसके बयान भी पुलिस ने नहीं लिए। बंदूक जब्ती के जो साक्षी थे उन्हें ही बदल दिया। फिर इस मामले में 420 व अन्य धाराओं को भी नहीं बढ़ाया और ना ही जांच की।
10 मई को इसी मामले में बढ़ी धारा 307 के लिए अक्षय और उनके पिता कांति बम दोनों को जिला कोर्ट में पेश होना था। लेकिन बम झूठ बोलकर कोर्ट नहीं गए। इसके बाद गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ कि 8 जुलाई तक पुलिस बम और कांति बम दोनों को गिरफ्तार कर पेश करें। उधर पुलिस ने बम के घर में सुरक्षा दी हुई है। वहीं अब नए मामले में भी 8 जुलाई को सुनवाई होगी। उधर 24 मई को दो मामले बम को लेकर लगे हैं। एक हाईकोर्ट में बम ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन लगाया हुआ है। वहीं जिला कोर्ट में भी सुनवाई होना है जिसमें बम ने 307 धारा बढ़ाने के फैसले के खिलाफ रिवीजन याचिका लगाई है।
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कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी में गए अक्षय बम ( Akshay bam ) की मुश्किलें और बढ़ती जा रही है। धारा 307 हत्या के प्रयास बढ़ने के बाद गिरफ्तार वारंट भी जारी हो चुका है और अब उन पर धारा 420 के साथ 406. 409 अमानत में ख्यानत जैसी धाराएं भी बढ़ाने के लिए जिला कोर्ट में केस लग गया है।
जिला कोर्ट से मांग पुलिस की जांच में कमी, धाराएं बढ़ाएं
फरियादी युनुस पटेल ने अधिवक्ता मुकेश देवल के जरिए यह याचिका दायर की है। इसमें कोर्ट ने टीआई को 8 जुलाई तक जांच प्रतिवेदन रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। देवल ने कोर्ट को बताया कि जमीन सौदे को लेकर आरोपी अक्षय बम ने 6 सौदे करार किए थे, लेकिन इसमें सौदा पूरा नहीं किया और चेक भी बाउंस हो गए। इसकी जांच पुलिस ने कभी की ही नहीं, इसलिए इसमें जांच हो और आरोपियों पर यह धाराएं भी बढ़ाई जाएं।
यह है विवाद
फरियादी ने बताया कि अप्रैल 2004 में अक्षय बम ने युनुस और अन्य के साथ जमीन को लेकर सौदा किया और सौदा राशि 16.77 लाख प्रति एकड़ तय हुआ। लेकिन इसके बाद राशि नहीं दी और सौदा टालते रहे। जमीन के दाम 60 लाख प्रति एकड़ हो गए। इसके बाद फिर बैठक हुई और बम ने फरियादी के साथ नया सौदा करार 30 लाख प्रति एकड़ का किया। नया एग्रीमेंट बना साल 2005 में। इसके बाद बम ने सवा एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करा ली, लेकिन इसमें सौदा राशि 16.77 लाख एकड़ दिखाई, जबकि करार 30 लाख का था। इसके बदले में चेक दिए गए जो बाउंस हो गए। इस मामले में जमीन नामांतरण को लेकर तहसीलदार कोर्ट से लेकर ग्वालियर राजल्व बोर्ड और उच्च कोर्ट में भी केस गया और सभी जगह बम हार गए। कुल जमीन सवा दो एकड़ है।
पुलिस के चालान में यह गड़बड़ी
अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में पुलिस के चालान में गड़बड़ी है पहले तो धारा 307 नहीं लगाई जबकि फरियादी पर गोली चलाई गई थी। वहीं इस घटना के चश्मदीद रिंकू वर्मा जिसने युनुस को बचाया था उसके बयान भी पुलिस ने नहीं लिए। बंदूक जब्ती के जो साक्षी थे उन्हें ही बदल दिया। फिर इस मामले में 420 व अन्य धाराओं को भी नहीं बढ़ाया और ना ही जांच की।
8 जुलाई को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करना है बम को
10 मई को इसी मामले में बढ़ी धारा 307 के लिए अक्षय और उनके पिता कांति बम दोनों को जिला कोर्ट में पेश होना था। लेकिन बम झूठ बोलकर कोर्ट नहीं गए। इसके बाद गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ कि 8 जुलाई तक पुलिस बम और कांति बम दोनों को गिरफ्तार कर पेश करें। उधर पुलिस ने बम के घर में सुरक्षा दी हुई है। वहीं अब नए मामले में भी 8 जुलाई को सुनवाई होगी। उधर 24 मई को दो मामले बम को लेकर लगे हैं। एक हाईकोर्ट में बम ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन लगाया हुआ है। वहीं जिला कोर्ट में भी सुनवाई होना है जिसमें बम ने 307 धारा बढ़ाने के फैसले के खिलाफ रिवीजन याचिका लगाई है।
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