राजस्थान की घटना से सबक नहीं ले रही सरकार, छात्र के सिर पर गिरा स्कूल की छत का प्लास्टर, सिर फटा
Sanjay Dhiman | Aug 08, 2025, 09:31 IST
Photograph: (the sootr)
अनूपपुर जिले में स्थित एक सरकारी स्कूल की छत का प्लास्टर एक छात्र के सिर पर आ गिरा। इस घटना में मासूम छात्र को गंभीर चोंटे आई है। इस घटना ने सरकारी स्कूल भवनों की हालत पर एक बार फिर सवालिया निशान लगाए हैं।
गुरुवार दोपहर अनूपपुर जिले में स्थित एक सरकारी स्कूल की छत का प्लास्टर एक छात्र के सिर पर आ गिरा। इस घटना में मासूम छात्र को गंभीर चोंटे आई है। इस घटना ने सरकारी स्कूल भवनों की हालत पर एक बार फिर सवालिया निशान लगाए हैं।
राजस्थान में हुए स्कूल भवन गिरने की घटना से भी मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने कोई सबक नहीं लिया है। यह घटना जिला मुख्यालय से मात्र 5 किलोमीटर दूर शासकीय प्राथमिक शाला कोयलारी में सामने आई। जिस समय यह घटना हुई स्कूल में भोजन अवकाश चल रहा था, जिससे कई अन्य छात्र हादसे का शिकार होने से बच गए।
अनूपपुर जिले के कोयलारी गांव में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला की कक्षा चार में 9 वर्षीय अंकित यादव गुरुवार दोपहर लंच के दौरान कक्षा में बैठा हुआ था। इसी दौरान पंखें के आसपास का प्लास्टर भरभराकर उसके सिर पर आ गिरा। इस घटना में छात्र को गंभीर चोंटे आई। उसे शिक्षकों द्वारा अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई।
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इस मामले में सबसे हैरानी वाली बात यह है कि स्कूल भवन और जिस कक्षा में यह हादसा सामने आया है, उसकी जुलाई महीने में ही जांच की गई थी। डीपीसी द्वारा गठित मूल्यांकन टीम ने इस पूरे भवन और कक्षा को सुरक्षित घोषित किया था। इस हादसे ने मूल्यांकन टीम द्वारा बरती गई लापरवाही को भी उजागर कर दिया है।
घटना के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। डीपीसी (डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम आफिसर), बीआरसी (ब्लाॅक रिसोर्स आफिसर) और उपयंत्री (सहायक इंजीनियर) मौके पर पहुंचे और घटना की गंभीरता से जांच की। इस जांच के बाद प्रधानाध्यापक भूपेन्द्र सिंह को लापरवाही के आरोप में नोटिस जारी किया गया है।
अंकित यादव को अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन चिकित्सा अधिकारी उनकी स्थिति पर निगरानी रखे हुए हैं। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा अब फिर स्कूल भवन की नए सिरे से जांच करने व आवश्यक मरम्मत कार्य किए जाने के आदेश दिए है।
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जुलाई महीने में पडोसी राज्य राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक बडा हादसा सामने आया था। यहां झालावाड़ के मनोहरथाना ब्लाॅक के पिपलोदी सरकारी स्कूल भवन का एक हिस्सा स्कूली बच्चों पर आ गिरा था। इस घटना में सात मासूमों की जान चली गई थी। वहीं दस बच्चे गंभीर रुप से घायल भी हुए थे।
इस मामले में जर्जर स्कूल भवनों की देशभर में जांच की गई थी, मध्यप्रदेश में भी स्कूल भवनों की हालत का भौतिक परीक्षण करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन अधिकारियों ने निरीक्षण के नाम पर केवल खानापूर्ति की। जिसका खामियाजा मासूम अंकित जैसे छात्रों को उठाना पड़ रहा है।
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राजस्थान में हुए स्कूल भवन गिरने की घटना से भी मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने कोई सबक नहीं लिया है। यह घटना जिला मुख्यालय से मात्र 5 किलोमीटर दूर शासकीय प्राथमिक शाला कोयलारी में सामने आई। जिस समय यह घटना हुई स्कूल में भोजन अवकाश चल रहा था, जिससे कई अन्य छात्र हादसे का शिकार होने से बच गए।
छात्र के सिर पर आ गिरा छत का प्लास्टर
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डीपीसी की टीम ने दी थी ओके रिपोर्ट
शिक्षा विभाग में हड़कंप
स्कूल भवनों की जर्जर हालत और लापरवाही को ऐसे समझेंहादसा: अनूपपुर जिले के शासकीय प्राथमिक शाला कोयलारी में कक्षा चार के छात्र अंकित यादव (9) के ऊपर स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे का समय: यह घटना गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे हुई, जब कक्षा के 20 छात्र टॉयलेट के लिए बाहर गए थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सुरक्षा का सवाल: हादसे के बाद यह पता चला कि जिस कक्षा का प्लास्टर गिरा, उसे कुछ समय पहले डीपीसी द्वारा सुरक्षित घोषित किया गया था। प्रधानाध्यापक की लापरवाही: शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक भूपेन्द्र सिंह को लापरवाही के आरोप में नोटिस जारी किया है। स्थिति: घायल छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत अब स्थिर है, चिकित्सकों द्वारा निगरानी जारी है। |
छात्र की हालत खतरे से बाहर
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राजस्थान के स्कूल हादसे से नहीं लिया सबक
इस मामले में जर्जर स्कूल भवनों की देशभर में जांच की गई थी, मध्यप्रदेश में भी स्कूल भवनों की हालत का भौतिक परीक्षण करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन अधिकारियों ने निरीक्षण के नाम पर केवल खानापूर्ति की। जिसका खामियाजा मासूम अंकित जैसे छात्रों को उठाना पड़ रहा है।
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