अश्विन की पीड़ा, 3 चुनाव हारे सत्तू को टिकट, मेरा क्यों कटा? BJP में भी हारे हुए वर्मा, सोनकर, पटेल को टिकट, गुप्ता का कटा

Pratibha Rana | Oct 25, 2023, 24:00 IST
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अश्विन की पीड़ा, 3 चुनाव हारे सत्तू को टिकट, मेरा क्यों कटा? BJP में भी हारे हुए वर्मा, सोनकर, पटेल को टिकट, गुप्ता का कटा
अश्विन की पीड़ा, 3 चुनाव हारे सत्तू को टिकट, मेरा क्यों कटा? BJP में भी हारे हुए वर्मा, सोनकर, पटेल को टिकट, गुप्ता का कटा

विधानसभा चुनाव में टिकट घोषित करने के पहले भारी सर्वे और गाइडलाइन को लेकर चर्चाएं चली, नियम बने लेकिन जब सूची आई तो नियम, सर्वे सभी दरकिनार थे।

संजय गुप्ता@ INDORE.

विधानसभा चुनाव में टिकट घोषित करने के पहले भारी सर्वे और गाइडलाइन को लेकर चर्चाएं चली, नियम बने लेकिन जब सूची आई तो नियम, सर्वे सभी दरकिनार थे। बीजेपी और कांग्रेस के कई टिकटों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं और यह सवाल नेता ही उठा रहे हैं। इंदौर विधानसभा तीन से पांच बार चुनाव लड़ चुके कांग्रेस नेता अश्विन जोशी ने समर्थकों के साथ बैठक में यही सवाल किया कि मेरा टिकट क्यों कटा? सत्यनारायण पटेल भी लगातार दो चुनाव हारे और कुल पांच में से तीन बार विधानसभा चुनाव हारे हैं, सांसद का भी हार चुके, फिर उन्हें टिकट क्यों दिया गया।

जोशी और सत्तू का इस तरह रहा चुनाव का रिकॉर्ड

जोशी कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा तीन से 1998, 2003, 2008, 2013 औऱ् 2018 में पांच बार लड़े, इसमें पहले तीन लगातार जीते और फिर 2013 में बीजेपी की उषा ठाकुर और 2018 में आकाश विजयवर्गीय से चुनाव हार गए। इस बार उनकी जगह चचेरे भाई पिंटू को टिकट मिला है। सूत्रों के अनुसार उन्होंने बैठक में कहा कि मुझे पिंटू से कोई समस्या नहीं है, समस्या पार्टी नेताओं से हैं, कि आखिर किस आधार पर मेरा टिकट काटा गया, मैं तो सर्वे में भी आगे था। अब सत्तू के रिकॉर्ड की बात करें तो वह 1998 में विधानसभा पांच से पहली बार मैदान में आए और चुनाव जीते, फिर 2003 में उन्हें पार्टी ने देपालपुर से टिकट दिया लेकिन वह मनोज पटेल से हार गए, 2008 में देपालपुर से फिर टिकट मिला और इस बार जीत गए, 2013 में देपालपुर से मनोज पटेल से हार गए और फिर 2018 में इंदौर विधानसभा पांच से टिकट लिया और महेंद्र हार्डिया से हार गए। सत्तू एक बार इंदौर सांसद का चुनाव भी लड़ चुके जिसमें हार मिली थी।

पार्टी बुला रही चर्चा के लिए, फिलहाल जोशी विचार मुद्रा में ही

सूत्रों के अनुसार अश्विन जोशी से लगातार पार्टी फोन करके बात कर रही है। शहराध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्‌ढा इस चर्चा को कोर्डिनेट कर रहे हैं। उन्हें पार्टी प्रमुख भोपाल में भी बैठक के लिए बुला रहे हैं, ताकि उनकी बात को शांति से सुनकर समझाया जा सके। लेकिन फिलहाल अभी जोशी विचार मुद्रा में ही है।

बाकी जगह जीते हुए को विधायक को ही टिकट मिला

इंदौर की बाकी सीटों की बात करें तो कांग्रेस ने इंदौर विधानसभा पांच के साथ ही इंदौर एक, राऊ और देपालपुर का ही टिकट रिपीट किया है, जो सभी जीते हुए प्रत्याशी है, इंदौर एक से कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला है, राऊ से जीतू पटवारी और देपालपुर से विशाल पटेल। बाकी पांच सीटों पर चेहरे बदले गए हैं।

बीजेपी भी अलग नहीं, हारे हुए में सिर्फ गुप्ता का टिकट कटा

कांग्रेस की तरह ही बीजेपी का भी यही हाल है। बीजेपी ने राऊ से हारे हुए प्रत्याशी मधु वर्मा को, देपालपुर से हारे हुए प्रत्याशी मनोज पटेल को फिर से उसी सीट से टिकट दिया है। वहीं सांवेर से चुनाव हारे हुए डॉ. राजेश सोनकर को सोनकच्छ में टिकट दिया गया है। लेकिन इस तरह इंदौर विधानसभा एक से चुनाव हारे हुए सुदर्शन गुप्ता को टिकट नहीं दिया गया और उनकी जगह बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को टिकट मिला है। उन्हें टिकट देने के चलते पुत्र आकाश विजयवर्गीय का टिकट कट गया है। यही पीड़ा गुप्ता की भी, उनका अकेले का ही टिकट बीजेपी ने क्यों काटा, लेकिन फिलहाल वह चुप है और विजयवर्गीय के चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। इसमें मनोज पटेल की बात करें तो वह चार चुनाव में दो जीते और दो हारे हैं, वह बीता चुनाव हार गए थे। सोनकर दो चुनाव में एक जीते और एक हारे और मधु वर्मा एक चुनाव लड़े और हारे थे। गुप्ता की बात करें तो वह 2008, 2013 में लगातार दो चुनाव जीते और 2018 में चुनाव हार गए थे। इस बार टिकट कट गया।

पूर्व महापौर और विजयवर्गीय से दूरी रखने वाली उमा को बनाया प्रभारी

उधर बीजेपी ने हर विधानसभावार प्रभारियों की सूची जारी कर दी है। इसमें हाईप्रोफाइल सीट इंदौर एक के लिए कैलाश विजयवर्गीय की चुनाव प्रभारी पूर्व महापौर उमाशशि शर्मा को बनाया गया है। गौरतलब है कि शर्मा को महापौर टिकट दिलाने में विजयवर्गीय का बड़ा हाथ था लेकिन बाद में हालत यह हो गई कि दोनों ने एक-दूसरे चर्चा तक करना बंद कर दिया। इसी समाय विजयवर्गीय की यह चर्चित टिप्पणी आई थी कि मैं तो अब निगम की ओर पैर करके भी नहीं सोता हूं। वहीं विधानसभा दो से रोहित चौधरी, तीन से शेखर किवे, विधानसभा चार से वीरेंद्र शैडगे, इंदौर पांच से कैलाश पिपले, देपालपुर से वीरेंद्र आंजना, महू से रामविलास पटेल राउ से प्रेमसिंह ढाबली और सांवेर से गोपाल सिंह चौधरी को प्रभारी बनाया गया है।

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