एमपी में आयुष्मान योजना के बदले नियम, NABH सर्टिफिकेट के बिना नहीं मिलेगा लाभ
Aman Vaishnav | Sept 22, 2026, 13:21 IST
एमपी में आयुष्मान योजना के बदले नियम,
मध्यप्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों में मेडिसिन पैकेज के लिए NABH सर्टिफिकेट जरूरी कर दिया गया है। यह नया नियम 1 अक्टूबर से लागू होगा।
समझें क्या है पूरा मामला...
- आयुष्मान योजना से जुड़े निजी अस्पतालों के लिए सरकार नई शर्त लाई है।
- मेडिसिन पैकेज के इलाज के लिए अब एनएबीएच प्रमाणपत्र जरूरी होगा।
- यह नियम एक अक्टूबर से लागू होगा।
- ग्वालियर, भोपाल, इंदौर और जबलपुर के अस्पताल इसकी जद में आएंगे।
- प्रमाणपत्र न होने पर ग्वालियर के 79 अस्पताल बाहर हो सकते हैं।
एनएबीएच प्रमाणपत्र क्यों जरूरी हुआ
यह प्रमाणपत्र अस्पताल के मानकों की गारंटी देता है। अब आयुष्मान योजना के तहत मेडिसिन पैकेज का इलाज इसी शर्त पर मिलेगा।
किन शहरों के अस्पतालों पर असर
ग्वालियर के 79 अस्पताल बाहर होने की आशंका
निजी अस्पताल संचालकों की चिंता
27 सितंबर को होगी बैठक
संगठन अध्यक्ष का बयान
बड़े अस्पतालों ने शुरू की तैयारी
मरीजों पर क्या असर पड़ेगा
ये खबरें भी पढ़िए...
मध्यप्रदेश न्यूज: आयुष्मान कार्ड फर्जीवाड़ा, पैसे देकर कोई भी बन रहा पात्र
MP में मुख्यमंत्री आवास किराया योजना के हाल बेहाल, न फॉर्म जमा हो रहा, न मिल रहा पूरा पैसा!
स्वामित्व योजना उद्घाटन से ही ठप, पटवारी नहीं तैयार, भोपाल में बैठक में भी कोई हल नहीं
फेसबुक की दोस्ती से 2 करोड़ की ठगी, महिला ने कारोबार में निवेश का झांसा देकर बनाया शिकार
By Jyoti Mahender Bhardwaj
करोड़ों के आलीशान बंगले मिलने पर भी मंत्रियों को पुरानों का मोह, स्पीकर समेत चार माननीयों पर दो सरकारी आवास
By Arun Tiwari
2 नवंबर से लागू होंगे लैंड कन्वर्जन के नए नियम, जानें कितने वर्ग मीटर तक आवास निर्माण पर शुल्क नहीं?
By Jageshwar prasad
एमपी में 40 हजार करोड़ से बनेगा सड़क का नया नेटवर्क, नए एक्सप्रेस कॉरिडोर से खत्म होगा जाम, जानें पूरा रोड मैप
By Kaushiki
ग्रामीणों ने शिक्षक को पेड़ से बांधकर पीटा, दनादन मारते रहे थप्पड़, टीचर रोता-बिलखता चिल्लाता रहा मुझे छोड़ दो
By Aman Vaishnav
इंदौर में शोर मापने वाला यंत्र पुलिस ने 1.5 लाख में खरीदा, हाईकोर्ट में वकील ने बता दिया 3000 में मिल रहा
By Sanjay Gupta
क्या पावर नैप याददाश्त और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद करती है या केवल एक झूठा आराम है?
By Jyoti Mahender Bhardwaj