भोज वेटलैंड को निगल रहे माफिया, झील में कब्जे और गंदे पानी पर NGT सख्त

The Sootr | May 07, 2026, 19:42 IST
Share
bhoj-wetland
bhoj-wetland

भोपाल के भोज वेटलैंड में अवैध कब्जों और गंदे पानी की समस्या पर NGT ने सख्त रुख अपनाया है। NGT ने जांच के लिए चार एजेंसियों को निर्देश दिए हैं।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भोज वेटलैंड (लोअर लेक) में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के गंभीर मामलों पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ ने सख्त रुख अपनाया है। NGT ने Original Application No. 58/2026 में महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए भोपाल नगर निगम और अन्य एजेंसियों को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

यह मामला आवेदक राशिद नूर खान ने दायर किया है। मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता हर्षवर्धन तिवारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महत्व की रामसर साइट घोषित भोज वेटलैंड (लोअर लेक) के फुल टैंक लेवल यानी FTL, बफर जोन और आसपास के प्रभाव क्षेत्र में अवैध निर्माण, अतिक्रमण, मिट्टी भराव, पेड़ों की कटाई और पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। प्रोफेसर कॉलोनी रोड और आसपास के इलाकों में बड़े पेड़ों में मशीन से छेद कर उनमें रासायनिक पदार्थ डाले गए हैं, ताकि पेड़ों को धीरे-धीरे सुखाकर खत्म किया जा सके। आशंका जताई गई कि यह अवैध कब्जे और निर्माण की तैयारी का हिस्सा हो सकता है।

झील का पानी हो रहा प्रदूषित

मामले में बेंच के सामने पेश किए गए फोटो और दस्तावेजों में यह भी सामने आया कि भोज वेटलैंड और लोअर लेक में बिना शोधन वाला सीवेज का गंदा पानी सीधे छोड़ा जा रहा है। कई जगह नालों और पाइपों के जरिए अशोधित सीवेज झील में बहता दिखाई दिया। इससे झील का पानी गंभीर रूप से प्रदूषित हो रहा है और जल गुणवत्ता, जलीय जीव-जंतु तथा लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।

फोटोग्राफ्स में झील किनारे बड़ी मात्रा में कचरा, प्लास्टिक अपशिष्ट, गंदगी और सीवेज मिला पानी भी दिखाई दिया है। इसे Wetlands (Conservation and Management) Rules, 2017 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 का गंभीर उल्लंघन माना गया है।

bhoj wetland
bhoj wetland


झील को भरने की साजिश

रिकॉर्ड में पेश तस्वीरों से यह भी साफ हुआ है कि झील के किनारों और बफर जोन में अवैध रूप से मिट्टी, मलबा और अन्य सामग्री डालकर झील का हिस्सा भरा जा रहा है। कई जगह झील की प्राकृतिक सीमा बदलकर निर्माण गतिविधियों की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा बफर जोन में स्थायी और अस्थायी निर्माण, व्यावसायिक गतिविधियां और तटरेखा में बदलाव भी देखने को मिले है।

NGT ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद फोटो और दस्तावेज पहली नजर में गंभीर पर्यावरणीय उल्लंघन दिखाते हैं और संबंधित एजेंसियों द्वारा तत्काल हस्तक्षेप जरूरी है।

मौके पर जाकर निरीक्षण के निर्देश

ट्रिब्यूनल ने भोपाल नगर निगम को निर्देश दिया है कि वह मौके पर जाकर व्यक्तिगत निरीक्षण करे। अवैध और पर्यावरण विरोधी गतिविधियों की जांच करे और कार्रवाई के बाद रिपोर्ट पेश करे।

इसके साथ ही NGT ने संयुक्त जांच समिति भी बनाई है। इसमें MoEF&CC क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल, CPCB, Wetland Authority/EPCO और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। समिति को चार सप्ताह के भीतर स्थल निरीक्षण कर तथ्यात्मक रिपोर्ट और कार्रवाई प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

ये खबरें भी पढ़ें...

जबलपुर में दूषित पेयजल पर NGT में याचिका, 47% पानी पीने योग्य नहीं

केरवा डैम में अवैध मिट्टी भराव पर NGT सख्त, निगरानी के लिए अफसरों को अलग-अलग जिम्मेदारी

NGT ने माना पूरे MP में जन स्वास्थ्य आपातकाल, इंदौर ही नहीं भोपाल-ग्वालियर जैसे शहर भी खतरे में

मध्य प्रदेश में पानी और पर्यावरण पर सवाल, NGT ने सरकार से मांगा जवाब

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • भोपाल नगर निगम
  • ngt
  • मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
  • भोज वेटलैंड
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा