भोजशाला ASI Survey: दूसरे दिन खंभों पर बने चित्रों की कार्बन कोडिंग
Jitendra Shrivastava | Mar 23, 2024, 19:12 IST
धार भोजशाला में सर्वे का दूसरा दिन।
मध्यप्रदेश के धार में दूसरे दिन यानी शनिवार, 23 मार्च को ASI की सर्वे टीम ने भोजशाला के अंदर के शिलालेख और खंभों पर बने प्रतीक चिन्ह की पड़ताल की। हिंदू और मुस्लिम पक्ष के प्रतिनिधि भी भोजशाला पहुंचे थे। आपको बताते हैं आज कहां-कहां हुआ सर्वे...
BHOPAL. धार भोजशाला में ASI सर्वे ( ASI survey) भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का शनिवार, 23 मार्च को दूसरे दिन दिल्ली और भोपाल के अफसरों की टीम ने 10 घंटे तक सर्वे किया। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के आदेश पर ज्ञानवापी की तरह भोजशाला में सर्वे किया जा रहा है। ASI के वकील हिमांशु जोशी, हिंदू पक्ष की ओर से आशीष गोयल और गोपाल शर्मा सर्वे टीम के साथ भोजशाला पहुंचे थे। कमाल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी के समद खान भी आए थे। यहां पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगाकर 60 कैमरों की मदद से निगरानी की जा रही है।
सर्वे टीम ने भोजशाला के पिछले हिस्से में सुबह मजदूरों से सफाई करवाई गई। पिछले हिस्से में चिह्नित 3 स्थानों को कवर किया गया है। दीवार से सटी मिट्टी को करीब 6 इंच तक हटाकर फिजिकल जांच की गई। चिह्नित 3 स्थानों में से एक में स्तंभों पर बने चित्रों पर कार्बन कोडिंग की गई। परिसर के भीतर स्तंभों की गिनती और शिलालेख, जिस पर सनातनी लिपि में देव नाम दर्ज होने का दावा किया जा रहा है, उनका भी टीम ने बारीकी से निरीक्षण किया। टीम दोपहर में लंच के लिए बाहर नहीं गई। भीतर ही उन्होंने खाना मंगवाया। हालांकि, हिंदू पक्ष के दोनों सदस्य बाहर आ गए थे। शाम को टीम बाहर निकली।
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सर्वे स्थल पर एएसपी, सीएसपी, तीन डीएसपी, आठ थाना प्रभारी सहित 175 का पुलिस बल तैनात किया गया है। शहर के हाई राइज भवनों पर भी पुलिस तैनात की गई है। शहर में 25 चौराहों पर पुलिस का फिक्स पॉइंट बनाया गया है। चार पुलिस मोबाइल भी लगातार भ्रमण कर रही है।
मुस्लिम पक्षकार अब्दुल समद ने कहा कि रात को 1 बजे नोटिस देंगे तो सुबह 6 बजे आप भी नहीं जाओगे। अगर बीमार हालत में होंगे तो कैसे जाएंगे। समाज का कार्यकर्ता हूं तो हाजिर होना जरूरी है। उच्च न्यायालय का हम सम्मान करते हैं। मैं हाजिर होने के लिए जा रहा हूं। न्यायालय ने जो आदेश दिए हैं, उसका पालन करना है। अगर सर्वे हो तो कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन जो नए इशू पैदा किए जा रहे हैं, 2004 में लाकर जो स्तंभ रखे गए हैं, हमने उसकी आपत्ति भी ली है और आवेदन भी दिया है। तमाम जनप्रतिनिधियों ने इसका विरोध किया और आज इसको सर्वे में शामिल भी किया जा रहा है। यह एक प्रश्न चिन्ह है। एक मूर्ति भी रखी गई, यह सबके संज्ञान में है। हम नए सर्वे का विरोध कर रहे हैं।
भोजशाला सर्वे मामले में शुक्रवार से सर्वे शुरू होने के कारण मुस्लिम पक्ष अर्जेंट हियरिंग के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। इस पर तत्काल सुनवाई की मांग की, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। अब सुनवाई 1 अप्रैल को ही होगी। भोजशाला परिसर सर्वे में याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने बताया कि सर्वे काम पूरा करने के लिए हाईकोर्ट ने छह सप्ताह का समय दिया है। जांच में कार्बन डेटिंग, जीपीआर और जीपीएस तकनीक का उपयोग होगा। जैसा कि काशी विश्वनाथ मंदिर और रामजन्मभूमि के अंदर सर्वे में हुआ है।
भोजशाला को सभी हिंदू संगठन राजा भोज कालीन इमारत मानते हुए इसे सरस्वती का मंदिर मानते हैं। हिंदुओं का कहना है कि राजवंश काल में यहां कुछ समय के लिए मुस्लिमों को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी, जबकि वहीं दूसरे पक्ष मुस्लिमों का कहना है कि वो सालों से यहां नमाज पढ़ रहे हैं। वे इसे भोजशाला कमान मौलाना मस्जिद मानते हैं, जबकि हिंदू इसे पूजा का स्थल या कहें सरस्वती मंदिर मानते हैं।
भोजशाला में तीन जगह पर कर रहे कार्बन कोडिंग
सर्वे टीम ने भोजशाला के पिछले हिस्से में सुबह मजदूरों से सफाई करवाई गई। पिछले हिस्से में चिह्नित 3 स्थानों को कवर किया गया है। दीवार से सटी मिट्टी को करीब 6 इंच तक हटाकर फिजिकल जांच की गई। चिह्नित 3 स्थानों में से एक में स्तंभों पर बने चित्रों पर कार्बन कोडिंग की गई। परिसर के भीतर स्तंभों की गिनती और शिलालेख, जिस पर सनातनी लिपि में देव नाम दर्ज होने का दावा किया जा रहा है, उनका भी टीम ने बारीकी से निरीक्षण किया। टीम दोपहर में लंच के लिए बाहर नहीं गई। भीतर ही उन्होंने खाना मंगवाया। हालांकि, हिंदू पक्ष के दोनों सदस्य बाहर आ गए थे। शाम को टीम बाहर निकली।
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सर्वे वाले स्थान पर भारी पुलिस बल तैनात किया
सर्वे स्थल पर एएसपी, सीएसपी, तीन डीएसपी, आठ थाना प्रभारी सहित 175 का पुलिस बल तैनात किया गया है। शहर के हाई राइज भवनों पर भी पुलिस तैनात की गई है। शहर में 25 चौराहों पर पुलिस का फिक्स पॉइंट बनाया गया है। चार पुलिस मोबाइल भी लगातार भ्रमण कर रही है।
याचिकाकर्ता ने कहा, हम नए सर्वे का विरोध कर रहे हैं
मुस्लिम पक्षकार अब्दुल समद ने कहा कि रात को 1 बजे नोटिस देंगे तो सुबह 6 बजे आप भी नहीं जाओगे। अगर बीमार हालत में होंगे तो कैसे जाएंगे। समाज का कार्यकर्ता हूं तो हाजिर होना जरूरी है। उच्च न्यायालय का हम सम्मान करते हैं। मैं हाजिर होने के लिए जा रहा हूं। न्यायालय ने जो आदेश दिए हैं, उसका पालन करना है। अगर सर्वे हो तो कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन जो नए इशू पैदा किए जा रहे हैं, 2004 में लाकर जो स्तंभ रखे गए हैं, हमने उसकी आपत्ति भी ली है और आवेदन भी दिया है। तमाम जनप्रतिनिधियों ने इसका विरोध किया और आज इसको सर्वे में शामिल भी किया जा रहा है। यह एक प्रश्न चिन्ह है। एक मूर्ति भी रखी गई, यह सबके संज्ञान में है। हम नए सर्वे का विरोध कर रहे हैं।
1 अप्रैल को होगी सुनवाई
भोजशाला सर्वे मामले में शुक्रवार से सर्वे शुरू होने के कारण मुस्लिम पक्ष अर्जेंट हियरिंग के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। इस पर तत्काल सुनवाई की मांग की, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। अब सुनवाई 1 अप्रैल को ही होगी। भोजशाला परिसर सर्वे में याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने बताया कि सर्वे काम पूरा करने के लिए हाईकोर्ट ने छह सप्ताह का समय दिया है। जांच में कार्बन डेटिंग, जीपीआर और जीपीएस तकनीक का उपयोग होगा। जैसा कि काशी विश्वनाथ मंदिर और रामजन्मभूमि के अंदर सर्वे में हुआ है।
भोजशाला विवाद का कारण
भोजशाला को सभी हिंदू संगठन राजा भोज कालीन इमारत मानते हुए इसे सरस्वती का मंदिर मानते हैं। हिंदुओं का कहना है कि राजवंश काल में यहां कुछ समय के लिए मुस्लिमों को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी, जबकि वहीं दूसरे पक्ष मुस्लिमों का कहना है कि वो सालों से यहां नमाज पढ़ रहे हैं। वे इसे भोजशाला कमान मौलाना मस्जिद मानते हैं, जबकि हिंदू इसे पूजा का स्थल या कहें सरस्वती मंदिर मानते हैं।
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