कीवर्ड डालते ही स्क्रीन पर होगी किताब: भोपाल की 5 यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन लाइब्रेरी शुरू
Anjali Dwivedi | Jun 03, 2026, 16:24 IST
online central library
भोपाल की पांच बड़ी यूनिवर्सिटी अब ऑनलाइन सेंट्रल लाइब्रेरी से जुड़ गई हैं। इससे छात्र घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप पर एक करोड़ से अधिक किताबों का डेटाबेस देख सकेंगे। उन्हें दुर्लभ किताबों की फोटोकॉपी भी मिल सकेगी।
समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल की पांच बड़ी यूनिवर्सिटी केंद्र सरकार की ऑनलाइन सेंट्रल लाइब्रेरी से जुड़ी हैं।
- अब छात्रों को किताबों और शोध के लिए लाइब्रेरी के चक्कर नहीं काटने होंगे।
- इस डिजिटल नेटवर्क पर एक करोड़ से ज्यादा किताबों का डेटाबेस उपलब्ध है।
- छात्र केवल एक कीवर्ड डालकर अपनी पसंद की किताब आसानी से खोज सकते हैं।
- जरूरत पड़ने पर छात्र दुर्लभ किताबों की फोटोकॉपी भी मंगवा सकते हैं।
इस नए बदलाव से पढ़ाई करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। अब देश भर की लाइब्रेरी की किताबें एक ही जगह मिलेंगी।
इन 5 यूनिवर्सिटीज के छात्रों को मिलेगा फायदा
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भी इसका हिस्सा है। बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी और भोज मुक्त विश्वविद्यालय के छात्र भी इसका लाभ उठाएंगे। इन विवि के छात्र अब डिजिटल रूप से पढ़ाई कर सकेंगे।
किताबों का खजाना हुआ ऑनलाइन
इससे छात्रों का समय और पैसा दोनों ही काफी बच जाएगा। वे घर बैठे ही अपनी पढ़ाई की योजना बना सकते हैं।
स्क्रीन पर ऐसे आएगी आपकी मनपसंद किताब
सिस्टम तुरंत उस विषय से जुड़ी सभी किताबों की लिस्ट दिखा देगा। इससे पढ़ाई के लिए सही सामग्री चुनना आसान होगा।
छात्र कैसे कर सकते हैं इस डिजिटल पोर्टल का उपयोग
सर्च करने पर किताब का रैंक नंबर भी स्क्रीन पर दिख जाएगा। इससे पता चलेगा कि किताब किस यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में रखी है।इस सिस्टम की सबसे खास बात इसकी शेयरिंग सुविधा है। अगर किसी छात्र को कोई बहुत पुरानी या दुर्लभ किताब चाहिए तो वह मिलेगी।
छात्र संबंधित विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी (ई-लाइब्रेरी) से उसकी फोटोकॉपी की मांग कर सकता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गई है। इतना ही नहीं, विश्वविद्यालय भी आपस में किताबें मंगवा सकेंगे। एक यूनिवर्सिटी जरूरत पड़ने पर दूसरी यूनिवर्सिटी से बुक ले सकती है।
UGC का डिजिटल कैटलॉग भी मदद करेगा
इसे यूनियन कैटलॉग ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के नाम से जाना जाता है। इस कैटलॉग में 84 हजार से ज्यादा जरूरी किताबें उपलब्ध हैं। इन सभी किताबों को छात्र इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन पढ़ सकते हैं। यह शोध करने वाले छात्रों के लिए बहुत मददगार साबित होगा।
FAQ
- ऑनलाइन सेंट्रल लाइब्रेरी क्या है और इससे क्या लाभ होगा?
यह केंद्र सरकार का एक डिजिटल पोर्टल है। इससे छात्र घर बैठे एक ही जगह पर 1 करोड़ से अधिक किताबों का डेटाबेस देख सकते हैं। इससे समय की बचत होगी और पढ़ाई आसान हो जाएगी। - भोपाल की कौन-सी पांच यूनिवर्सिटी इस सिस्टम से जुड़ी हैं?
इस डिजिटल सिस्टम से भोपाल की आरजीपीवी, बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी, नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता यूनिवर्सिटी और भोज मुक्त विश्वविद्यालय को जोड़ा गया है। - छात्र इस पोर्टल पर अपनी मनपसंद किताब कैसे खोज सकते हैं?
छात्रों को पोर्टल पर लॉगिन आईडी बनानी होगी। इसके बाद वे सर्च बॉक्स में किताब का नाम, लेखक का नाम या विषय से जुड़ा कोई भी 'कीवर्ड' डालकर अपनी मनपसंद किताब आसानी से खोज सकते हैं।
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