पूर्व आईएएस राकेश अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़, 1.5 करोड़ का विवाद आया सामने, उधर केयरटेकर ने घर ब्लास्ट की रची थी साजिश
Aman Vaishnav | Oct 02, 2026, 07:39 IST
भोपाल में पूर्व आईएएस राकेश अग्रवाल हत्याकांड: फरार केयरटेकर वरुण कपूर की तलाश में जुटी पुलिस
भोपाल में पूर्व आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या के 48 घंटे बाद भी मकसद साफ नहीं है। आरोपी केयरटेकर वरुण कपूर घटना के बाद से फरार चल रहा है। पुलिस ने अब मामले में हत्या और लूट का केस दर्ज किया है। जांच में 1.5 करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी का नया एंगल भी सामने आया है।
48 घंटे बाद भी हत्या की वजह साफ नहीं
लूट का केस दर्ज और पत्नी से पूछताछ
डेढ़ करोड़ की पुरानी धोखाधड़ी और उधारी का एंगल
कंपनी में निवेश पर भारी रिटर्न का झांसा देकर उनसे रकम ली गई थी। इस मामले में न मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस लौटी। पुलिस इस मामले में अदालत में चालान पेश कर चुकी है। इसके अलावा अग्रवाल ने कुछ अन्य लोगों को भी रकम उधार दी थी। पुलिस अब इन सभी पुराने लेन-देन और आर्थिक विवादों की जांच कर रही है।
घर को आग से उड़ाने की खौफनाक साजिश
चालू प्रेस को कपड़े पर छोड़ा गया ताकि फैलती गैस में आग लग सके। सुबह गैस की तेज गंध आने के कारण किसी ने लाइट नहीं जलाई। पुलिस जांच कर रही है कि क्या यह साजिश सबूत मिटाने के लिए थी।
अमर के अनुसार घटना की रात वरुण बंगले के बाहर काफी परेशान दिखा था। वह पहले भी बच्चों से नजदीकी बढ़ाने और घर आने की कोशिश करता था। गतिविधि संदिग्ध लगने पर अमर ने परिजनों को उससे बात न करने को कहा था।
जांच में सामने आईं तीन अहम नई कड़ियां
आरोपी का रूट ग्वालियर तक रेलवे और सीसीटीवी कैमरों से ट्रैक हो चुका है। वरुण रात 2:52 बजे एक व्यक्ति के साथ बाइक पर दिखाई दिया था। इसके बाद वह तड़के 4:12 बजे केरल एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुआ था। बीना के बाद ग्वालियर रेलवे स्टेशन के कैमरों में भी उसके फुटेज मिले हैं।
आरोपी का पुराना सिम एक्टिव हुआ है और लोकेशन के आधार पर तलाश जारी है। वरुण का परिवार ग्वालियर की वाल्मीकि कॉलोनी में रहता है। उसके पिता वहां मजदूरी करते हैं और उनकी तीन शादियां हुई हैं। वरुण पहली पत्नी का बेटा है और अक्सर बाहर ही घूमता रहता है। पुलिस ने पिता से पूछताछ की, लेकिन वरुण के ठिकाने की जानकारी नहीं मिली।
बीमारी के चलते रखा था केयरटेकर
एजेंसी संचालक अखिलेश वर्मा के मुताबिक वरुण करीब 25 दिनों से एजेंसी के साथ था। वरुण ने एजेंसी को आधार और पटियाला पुलिस का वेरिफिकेशन दस्तावेज दिया था। हालांकि एजेंसी ने अपने स्तर पर उसके दस्तावेजों की कोई जांच नहीं कराई थी।
इससे पहले वरुण पंजाबी बाग में तीन दिन और शिवलोक फेज-3 में काम कर चुका था। एजेंसी संचालक ने बताया कि वे केयरटेकर को तीन-चार दिनों में बदलते रहते हैं। वरुण ने पहले नाइट ड्यूटी से मना किया था, इसलिए उसे काम से हटाया था। तीन-चार दिन बाद वह लौटा और नाइट ड्यूटी के लिए राजी हो गया। इसके बाद एजेंसी ने वरुण को पूर्व आईएएस राकेश अग्रवाल के घर भेजा था।
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