भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में छात्रा की मौत का मामला, विधानसभा में गरम बहस

Ramanand Tiwari | Feb 23, 2026, 23:44 IST
bhopal gandhi medical
भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में एक एमबीबीएस छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद विधानसभा में जमकर बहस हुई। कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग की और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

News in short

  • भोपाल में एमबीबीएस छात्रा की संदिग्ध मौत हुई।
  • शव बाथरूम में मिला और पास में रसायन की बोतल थी।
  • कांग्रेस ने सीबीआई जांच और एफआईआर की मांग की।
  • सरकार ने कहा कि शुरुआती जांच में आत्महत्या के संकेत हैं।
  • एसआईटी तीन महीने में रिपोर्ट देगी।

News in Detail

भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रा की संदिग्ध मौत ने सियासत गरमा दी है। छात्रा का शव बाथरूम में मिला। पास में रसायन की बोतल भी बरामद हुई। कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग की है। सरकार का कहना है कि मामला आत्महत्या का दिख रहा है।



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क्या है पूरा मामला ?

छात्रा रोशनी एमबीबीएस प्रथम वर्ष की थी। उसने पिछले साल अक्टूबर में दाखिला लिया था। उसका शव कॉलेज परिसर के बाथरूम में मिला। घटनास्थल से फिनायल की बोतल जब्त की गई। सरकार के अनुसार कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले। जांच में जहर सेवन की बात सामने आई है। मोबाइल की भी जांच की गई है। बताया गया कि मोबाइल में पढ़ाई को लेकर तनाव का जिक्र था। अब तक हत्या के साक्ष्य नहीं मिले हैं। मामले की जांच एसआईटी कर रही है।



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कांग्रेस ने क्या आरोप लगाए

कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने मुद्दा उठाया। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की। आरोप लगाया कि परिवार को सूचना नहीं दी गई। पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठाए गए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दुष्कर्म की आशंका जताई।कहा कि सबूत छिपाए जा रहे हैं। जांच की समय सीमा तय करने की मांग की। विधायक राजन मंडलोई ने जातिगत भेदभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि असली कारणों की जांच जरूरी है।



सरकार का क्या कहना है

राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि परिवार को सूचना दी गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर माता पिता के हस्ताक्षर हैं। मंत्री ने कहा कि जहर सेवन से मौत हुई है।शरीर पर चोट के निशान नहीं पाए गए। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने बताया कि एसआईटी गठित की गई है। इसमें तीन महिला अधिकारी शामिल हैं। डीएसपी, टीआई और सब इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी जांच कर रहे हैं। सरकार ने कहा कि तीन महीने में रिपोर्ट आएगी। सीबीआई जांच की जरूरत नहीं बताई गई है।



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पढ़ाई का दबाव या कुछ और

सरकार ने पढ़ाई के दबाव की बात कही है। बताया गया कि शुरुआती वर्षों में सप्लीमेंट्री आई थी। कुछ विषयों में वह फेल भी हुई थी। बाद में उसने बेहतर प्रदर्शन किया था। विपक्ष का कहना है कि यह पूरी कहानी नहीं है। वे निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच चाहते हैं।



मामला अब राजनीतिक और सामाजिक बहस बन चुका है। एसआईटी जांच कर रही है। सरकार ने समय सीमा तय की है। परिवार को शामिल करने की बात कही गई है। विपक्ष संतुष्ट नहीं है। दुष्कर्म और भेदभाव के आरोप गंभीर हैं। सच्चाई सामने आने तक सवाल बने रहेंगे। अब सबकी नजर एसआईटी रिपोर्ट पर है। तीन महीने में जांच पूरी होने की बात है। रिपोर्ट से कई सवालों के जवाब मिलेंगे। परिवार और समाज न्याय की मांग कर रहे हैं।



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छात्रा की मौत कैसे हुई?

सरकार के अनुसार जहर सेवन से मौत हुई है। शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। हालांकि विपक्ष स्वतंत्र जांच की मांग कर रहा है।वहीं इस मामले को लेकर सरकार ने सीबीआई जांच से इनकार किया है। एसआईटी जांच कर रही है। तीन महीने में रिपोर्ट देने की बात कही गई है। एसआईटी में डीएसपी, टीआई और सब इंस्पेक्टर स्तर की तीन महिला अधिकारी शामिल हैं। टीम मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।



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