मध्यप्रदेश सरकार चना और मसूर पर भी देगी भावांतर, उड़द के 600 रुपए तक मिलेगा बोनस

मध्यप्रदेश सरकार ने चना, मसूर और तुअर के उपार्जन के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव में चना के लिए 6.49 लाख मीट्रिक टन और मसूर के लिए 6.01 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।

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Sandeep Kumar
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News in short

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया।
  • सरसों को भावांतर योजना में शामिल किया गया।
  • उड़द की ग्रीष्मकालीन फसल पर बोनस देने का निर्णय लिया गया।
  • चना, मसूर और तुअर के उपार्जन के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजे गए हैं।
  • 24 मार्च से 30 मई 2026 तक उपार्जन की अवधि होगी।
  • किसानों का पंजीयन 20 फरवरी से 16 मार्च तक होगा।

News in Detail

मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को विधानसभा सत्र में यह घोषणा की। उन्होंने उड़द, सरसों, चना, मसूर और तुअर फसलों के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया। इन योजनाओं का लाभ लाखों किसानों को मिलेगा। सरकार का लक्ष्य किसानों को अन्नदाता, ऊर्जादाता और उद्यमी बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का सशक्तिकरण प्रदेश के विकास की आधारशिला है।

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भावांतर योजना में शामिल करने की घोषणा 

मुख्यमंत्री ने सरसों को भावांतर योजना में शामिल करने की घोषणा की। इस वर्ष सरसों के रकबे में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। द्वितीय अग्रिम अनुमान के अनुसार उत्पादन 15.71 लाख मीट्रिक टन आंका गया है। जनवरी में सरसों की औसत मंडी दर 6000 रुपये प्रति क्विंटल रही। केंद्र सरकार का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6200 रुपये प्रति क्विंटल है। 

भावांतर योजना के तहत, किसानों को अंतर की प्रतिपूर्ति दी जाएगी। उड़द की ग्रीष्मकालीन फसल पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया गया है। यह राशि न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त होगी। यह कदम दलहनी फसलों के संतुलित उत्पादन और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

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भेजा गया प्रस्ताव

चना और मसूर के समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत चने के लिए 6.49 लाख मीट्रिक टन और मसूर के लिए 6.01 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का प्रस्ताव है। खरीदी अवधि 24 मार्च से 30 मई 2026 तक होगी।

किसानों का पंजीयन 20 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक किया जाएगा। तुअर के लिए 1.31 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का प्रस्ताव भेजा गया है। इसे नाफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को सिंचाई, बिजली, पानी और कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है।

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दलहन उपार्जन के लिए केंद्र को भेजे गए प्रस्ताव

मध्यप्रदेश सरकार ने दलहनी फसलों के उपार्जन की तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि चना और मसूर की सरकारी खरीद के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।

चना: 6.49 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का प्रस्ताव।
मसूर: 6.01 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का प्रस्ताव।

उपार्जन की अवधि 24 मार्च से 30 मई 2026 तक होगी। किसानों का पंजीयन 20 फरवरी से शुरू होकर 16 मार्च 2026 तक चलेगा। तुअर के लिए 1.31 लाख मीट्रिक टन खरीद का प्रस्ताव भी भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को सिंचाई, बिजली और कृषि ऋण जैसी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

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