ऐसी है आपके पसंदीदा होटलों की हालत, सयाजी से लेकर रेडिसन तक कोई अछूता नहीं

Sourabh Bhatnagar | Sept 14, 2026, 09:25 IST
bhopal hotel food safety raid
भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 10 बड़े होटल-रेस्टोरेंट की जांच की। सड़े मशरूम, सब्जियां और एक्सपायर नॉनवेज मिलने पर नमूने लिए गए और संचालकों को सुधार नोटिस दिए गए। सैर सपाटा क्षेत्र के साक्षी ढाबा की जांच शिकायत पर हुई।

भोपाल के नामी होटल-रेस्टोरेंट बाहर से जितने चमकदार दिखते हैं, उनकी रसोई की हकीकत उतनी ही चौंकाने वाली मिली। खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department bhopal) ने दो दिन में 10 प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान कई किचन में सड़ा-गला खाना और एक्सपायर सामग्री मिली, जिसे टीम ने मौके पर ही नष्ट कराया।



किचन की गंदी हकीकत

जांच में सामने आया कि कई होटल गंभीर लापरवाही बरत रहे थे। कुछ जगह एक्सपायरी डेट के बाद भी सामग्री रखी मिली। कई किचन में गंदे स्टोरेज और खुले डस्टबिन देखे गए। खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन कहीं नहीं हो रहा था। टीम ने संदिग्ध सामग्री के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। सभी संबंधित होटल प्रबंधन को सुधार नोटिस भी थमाए गए हैं। विभाग ने साफ कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।



होटल दर होटल हाल

होटल टर्टोकॉइज हॉस्पिटैलिटी में कीड़े लगे मूंग और राजमा मिले। यहां फ्रीजर भी गंदा पाया गया। खुले डस्टबिन के अलावा स्टाफ के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र भी नहीं मिले।



महादेव भोजनालय में पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध लगने पर नमूना लिया गया। होटल आदित्य ग्रैंड में एक्सपायरी ब्रेड मिली। यहां पनीर का नमूना भी जांच के लिए भेजा गया।



होटल सयाजी में फिश और चिकन एक्सपायरी के बाद भी रखे मिले। वेज और नॉनवेज की प्रोसेसिंग तथा भंडारण अलग-अलग नहीं किया गया था। यहां भी खुले डस्टबिन जैसी स्वच्छता संबंधी कमियां मिलीं। मीट के लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज भी जांचे जा रहे हैं। पानी की गुणवत्ता की भी जांच हो रही है। विभाग इन दस्तावेजों की गहराई से पड़ताल कर रहा है।



न्यू मार्केट स्थित होटल पलाश में हालात और खराब मिले। यहां आठ पैकेट सड़े हुए मशरूम पाए गए। इन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया। किचन के खुले डस्टबिन में सड़ा खाना भरा मिला। फ्रोजन एरिया में सड़े बैंगन, पालक और अन्य सब्जियां भी मिलीं। नॉनवेज कोल्ड स्टोरेज में टोफू रखा हुआ मिला। इसके अलावा नॉनवेज पैकेट पर वेंडर का नाम-पता तक दर्ज नहीं था।



होटल रेडिसन ब्लू में 50 किलो सड़े हुए आलू मिले। इन्हें भी तुरंत नष्ट कराया गया। हनी ब्रेड के चार पैकेट मिसब्रांडेड पाए गए। मीट और फ्रोजन मीट के रखरखाव में भी कमियां मिलीं। डस्टबिन व्यवस्था भी सही नहीं पाई गई। टीम ने इस होटल को भी सुधार का नोटिस दिया है।



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सैर सपाटा में भी जांच

सैर सपाटा क्षेत्र के साक्षी ढाबा की जांच भी हुई। यह जांच सीएम हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के बाद की गई। शिकायत में गंभीर आरोप लगाया गया था। बकरे या चिकन की जगह दूसरा मांस परोसे जाने की बात कही गई। ग्राहकों ने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान मटन और पनीर के नमूने लिए गए हैं। इनकी लैब रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। विभाग ने कहा कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है।



यहां भी हुआ निरीक्षण

टीम ने द क्राउन 1909 रूफटॉप रेस्टोरेंट का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा मिंटो हॉल और जहांनुमा रिट्रीट की भी जांच हुई। सैर सपाटा क्षेत्र के अन्य प्रतिष्ठानों को भी नहीं छोड़ा गया। जांच में खाद्य गुणवत्ता, भंडारण और लाइसेंस जैसे कई पहलू शामिल थे। वेज-नॉनवेज पृथक्करण, स्वच्छता, मेडिकल फिटनेस और पेस्ट कंट्रोल की भी जांच हुई। लेबलिंग से जुड़े नियमों का पालन भी परखा गया। टीम ने हर प्रतिष्ठान की अलग रिपोर्ट तैयार की है।



अधिकारी ने क्या कहा

खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक ने जानकारी दी। उनके मुताबिक दो दिन के अभियान में दस होटल्स की जांच हुई। उन्होंने बताया कि संदेह होने पर मौके से नमूने लिए गए। सड़ा और खराब खाद्य पदार्थ तुरंत नष्ट कराया गया। पावक ने कहा कि ऐसी औचक जांच आगे भी लगातार जारी रहेगी। उन्होंने आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है।



सेहत को खतरा क्यों बड़ा

एक्सपायर या सड़ा खाना खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा रहता है। ऐसे भोजन में बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ते हैं। पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी शिकायतें हो सकती हैं। कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों पर असर ज्यादा गंभीर हो सकता है। बच्चों और बुजुर्गों को खतरा और बढ़ जाता है। इसलिए साफ और ताजा भोजन परोसना हर रेस्टोरेंट की जिम्मेदारी है।



कानून में क्या प्रावधान

यह जांच खाद्य सुरक्षा एक्ट के तहत हुई। इसे अंग्रेजी में एफएसएस एक्ट (Food Safety and Standards Act) कहा जाता है। इस कानून के तहत मिलावट और लापरवाही पर जुर्माना का प्रावधान है। बार-बार गड़बड़ी मिलने पर होटल का लाइसेंस भी रद्द हो सकता है। इसी वजह से विभाग ने संचालकों को सुधार नोटिस दिए हैं। तय समय में सुधार न होने पर सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।



लापरवाही पर सख्ती जरूरी

यह मामला (भोपाल न्यूज) सिर्फ एक जांच अभियान भर नहीं है। यह आम लोगों की सेहत से जुड़ा गंभीर सवाल भी है। बड़े और महंगे होटल में भी सड़ा खाना मिलना गंभीर बात है। इससे लोगों का भरोसा टूटता है। ऐसे में लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई ही समाधान है। लोगों को भी खाना खाने से पहले जागरूक रहना जरूरी है। साफ-सफाई और गुणवत्ता पर सवाल उठे तो शिकायत जरूर करनी चाहिए।



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