हाईकोर्ट बोला- काकरोच-चूहे की गंदगी के बीच खाद्य मिला तो नोटिस देना था, खोलो सयाजी का किचन
Sanjay Gupta | Aug 22, 2026, 20:30 IST
Photograph: (thesootr)
INDORE. पांच सितारा होटल सयाजी किचन में चूहे और कॉकरोच की गंदगी के बीच खाना बनते हुए पाया गया। इसके बाद किचन सील कर दिया गया। लेकिन अब हाईकोर्ट इंदौर ने शनिवार को अर्जेंट हियरिंग करते हुए किचन खोलने के आदेश दे दिए।
पांच सितारा होटल सयाजी को जिला प्रशासन व खाद्य विभाग की कार्रवाई में राहत मिल गई है। इंदौर हाईकोर्ट ने अर्जेंट हियरिंग करने के बाद शनिवार देर शाम आदेश जारी कर सयाजी का किचन खोलने के आदेश दे दिए। साथ ही इस संबंध में दिए गए आदेश को स्टे कर दिया है।
सयाजी होटल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुमित नेमा, अरुण द्विवेदी और यशिका बोंडवाल ने तर्क रखे। इन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 और खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम, 2011 के तहत यह कार्रवाई गलत है।
खाद्य पदार्थों का काकरोच और चूहों के बीच गंदगी में पाए जाने से लाइसेंस को रद्द नहीं किया जा सकता है। बल्कि उक्त कमियों को दूर करने के लिए सुधार नोटिस जारी किया जाना था और 14 दिन दिए जाने थे,जो नहीं दिए गए।
लाइसेंस निरस्त की 21 अगस्त की कार्रवाई में बताई गई कमियां असाधारण परिस्थिति में नहीं आती है।
उधर प्रशासन की ओर से तर्क दिया गया कि इनके पास केंद्र का लाइसेंस होना था, लेकिन राज्य का था। एक तरह से खाद्य गतिविधियां ही गलत थी। वहीं यहां पर 24 बिंदुओं पर खामियां पाई गई।
यहां पर मानकों के उल्लंघन के स्पष्ट उदाहरण भी मिले, जिनमें बिना निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि या बैच संख्या वाले पैक्ड सामान, समाप्ति तिथि वाले उबले आलू, फफूंद लगे मूंगफली, दीमक, घुन या मक्खी लगे चने शामिल थे। इसके अलावा, काकरोच चूहे और उनके झुंड भी पाए गए।
इस प्रकार, ग्राहकों को इतनी गंदगी में ऐसे खाद्य पदार्थ परोसे जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था। यह पूरी तरह से संभव था कि वे अस्वास्थ्यकर, असुरक्षित, मिलावटी या निर्धारित मानकों के अनुरूप न हों।
सभी तर्क सुनने के बाद जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के ने फैसला सुनाया। इसमें कहा गया कि कुछ खाद्य पदार्थों की खरीद में पाई गई कमियों, जिनमें निर्माण/समाप्ति तिथि या बैच संख्या नहीं है।
कुछ खाद्य पदार्थों का काकरोच और चूहों के बीच गंदगी में पाया जाना, स्वतः ही प्रावधान को लागू नहीं करता है। इन कमियों को दूर करने के लिए सुधार नोटिस जारी करके अवसर दिया जाना आवश्यक था।
इसलिए, याचिकाकर्ताओं को धारा 32 में निहित प्रावधानों के अनुसार दोषों को दूर करने का कोई अवसर दिए बिना लाइसेंस को निलंबित करने की सीधी कार्रवाई को उचित नहीं ठहराया जा सकता है।
यह भी उल्लेखनीय है कि विवादित आदेश में ऐसे कोई पर्याप्त कारण नहीं बताए गए हैं जिनसे यह सिद्ध हो सके कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में लाइसेंस को सीधे निलंबित करना अनिवार्य था। इसलिए 21 अगस्त के आदेश को स्टे किया जाता है। याचिकाकर्ता के होटल की रसोई तुरंत खोलने का निर्देश दिया जाता है।
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उधर आबकारी विभाग ने भी सयाजी का वैद्य खाद्य लाइसेंस निरस्त होने के चलते बार लाइसेंस निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया। सयाजी के साथ ही सहस्त्र फूड्स एंड सर्विसेज को भी जारी बारी लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा आबकारी एक्ट के तहत यह कार्रवाई की है। हालांकि अब होटल प्रबंधन हाईकोर्ट के आदेश के तहत फिर बार लाइसेंस की मंजूरी के लिए अधिकारियों को कह सकता है।
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होटल सयाजी का किचन सील, लाइसेंस रद्द, खाने में मिली थी चूहे, कॉकरोच की गंदगी
होटल सयाजी के किचन में चूहे और कॉकरोच, वेज-नॉनवेज एक साथ स्टोर, फंगस भी लगा
इंदौर के सयाजी होटल की फर्जी वेबसाइट बनाई, ग्राहक से ठग लिए 28 हजार रुपए
सयाजी होटल ने यह दिए तर्क
खाद्य पदार्थों का काकरोच और चूहों के बीच गंदगी में पाए जाने से लाइसेंस को रद्द नहीं किया जा सकता है। बल्कि उक्त कमियों को दूर करने के लिए सुधार नोटिस जारी किया जाना था और 14 दिन दिए जाने थे,जो नहीं दिए गए।
लाइसेंस निरस्त की 21 अगस्त की कार्रवाई में बताई गई कमियां असाधारण परिस्थिति में नहीं आती है।
प्रशासन की ओर से यह दिया गया तर्क
यहां पर मानकों के उल्लंघन के स्पष्ट उदाहरण भी मिले, जिनमें बिना निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि या बैच संख्या वाले पैक्ड सामान, समाप्ति तिथि वाले उबले आलू, फफूंद लगे मूंगफली, दीमक, घुन या मक्खी लगे चने शामिल थे। इसके अलावा, काकरोच चूहे और उनके झुंड भी पाए गए।
इस प्रकार, ग्राहकों को इतनी गंदगी में ऐसे खाद्य पदार्थ परोसे जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था। यह पूरी तरह से संभव था कि वे अस्वास्थ्यकर, असुरक्षित, मिलावटी या निर्धारित मानकों के अनुरूप न हों।
हाईकोर्ट ने यह दिया फैसला
कुछ खाद्य पदार्थों का काकरोच और चूहों के बीच गंदगी में पाया जाना, स्वतः ही प्रावधान को लागू नहीं करता है। इन कमियों को दूर करने के लिए सुधार नोटिस जारी करके अवसर दिया जाना आवश्यक था।
इसलिए, याचिकाकर्ताओं को धारा 32 में निहित प्रावधानों के अनुसार दोषों को दूर करने का कोई अवसर दिए बिना लाइसेंस को निलंबित करने की सीधी कार्रवाई को उचित नहीं ठहराया जा सकता है।
यह भी उल्लेखनीय है कि विवादित आदेश में ऐसे कोई पर्याप्त कारण नहीं बताए गए हैं जिनसे यह सिद्ध हो सके कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में लाइसेंस को सीधे निलंबित करना अनिवार्य था। इसलिए 21 अगस्त के आदेश को स्टे किया जाता है। याचिकाकर्ता के होटल की रसोई तुरंत खोलने का निर्देश दिया जाता है।
आबकारी ने सयाजी का बार लाइसेंस निरस्त किया
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उधर आबकारी विभाग ने भी सयाजी का वैद्य खाद्य लाइसेंस निरस्त होने के चलते बार लाइसेंस निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया। सयाजी के साथ ही सहस्त्र फूड्स एंड सर्विसेज को भी जारी बारी लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा आबकारी एक्ट के तहत यह कार्रवाई की है। हालांकि अब होटल प्रबंधन हाईकोर्ट के आदेश के तहत फिर बार लाइसेंस की मंजूरी के लिए अधिकारियों को कह सकता है।
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होटल सयाजी का किचन सील, लाइसेंस रद्द, खाने में मिली थी चूहे, कॉकरोच की गंदगी
होटल सयाजी के किचन में चूहे और कॉकरोच, वेज-नॉनवेज एक साथ स्टोर, फंगस भी लगा
इंदौर के सयाजी होटल की फर्जी वेबसाइट बनाई, ग्राहक से ठग लिए 28 हजार रुपए
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