मौसम बदलते ही वायरल फीवर के साथ फैले चार वायरस, फेफड़ों, आंखों और दिल पर खतरा

Aman Vaishnav | Aug 04, 2026, 10:45 IST
Share
मौसम बदलते ही वायरल फीवर के साथ फैले चार वायरस
मौसम बदलते ही वायरल फीवर के साथ फैले चार वायरस

मानसून की दस्तक के साथ ही एक साथ चार वायरस की दस्तक भी हो गई है। राइनो, एडेनो, एंटरो और इन्फ्लुएंजा लोगों को बीमार बना रहे हैं। यदि समय पर इलाज न मिले, तो यह संक्रमण फेफड़ों, आंखों, आंतों, दिमाग और दिल तक फैल सकता है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • भोपाल में बारिश के साथ वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
  • राइनो, एडेनो, एंट्रो और इन्फ्लुएंजा वायरस एक साथ सक्रिय हो गए हैं।
  • ज्यादातर मामलों की शुरुआत बुखार, सर्दी और गले में खराश से हो रही है।
  • समय पर इलाज न मिलने पर संक्रमण फेफड़ों, आंखों और दिल तक फैल सकता है।
  • डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को खास सावधानी बरतने को कहा है।
राजधानी भोपाल में इस बार सामान्य वायरल फीवर की जगह कुछ अलग देखने को मिल रहा है। बुखार के पीछे एक नहीं, बल्कि चार वायरस काम कर रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश का मौसम इन वायरस के फैलने के लिए सबसे अनुकूल होता है। नमी और बदलता तापमान इनकी ताकत बढ़ा देता है।

चार वायरस, चार तरह का खतरा

डॉक्टर्स के मुताबिक चार वायरस मिलकर मरीजों को परेशान कर रहे हैं। इनके लक्षण मिलते-जुलते हैं, इसलिए पहचान मुश्किल हो जाती है।

शुरुआत में बुखार, खांसी और गले में दर्द होता है। वहीं अगर इलाज में देरी हुई, तो असर शरीर के कई हिस्सों पर पड़ सकता है।

राइनो वायरस से जुकाम का खतरा

बता दें कि राइनो वायरस से आम सर्दी-जुकाम होता है। श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. लोकेंद्र दवे बताते हैं कि इसके लक्षणों में छींक आना, नाक बहना और हल्का बुखार शामिल हैं।

अस्थमा और एलर्जी वाले मरीजों में इससे सांस लेने में दिक्कत बढ़ सकती है। उनका कहना है कि ऐसे मरीजों को अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए।

एडेनो वायरस से आंख और फेफड़े को खतरा

वहीं एडेनो वायरस तेज बुखार के साथ गले में संक्रमण फैलाता है। इससे आंख आने यानी कंजंक्टिवाइटिस की समस्या भी हो सकती है।

कुछ मरीजों में दस्त और निमोनिया जैसे लक्षण भी सामने आ रहे हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह वायरस ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है।

एंट्रो वायरस पाचन तंत्र पर असर डालता है

एंट्रो वायरस मुख्य रूप से सांस और पाचन तंत्र को प्रभावित करता है। इससे हैंड-फुट-एंड-माउथ बीमारी और दस्त हो सकते हैं।

कुछ दुर्लभ मामलों में यह वायरल मेनिनजाइटिस का कारण भी बनता है। डॉक्टरों के अनुसार बेहद गंभीर स्थिति में दिमाग या दिल में सूजन तक आ सकती है।

किसे सबसे ज्यादा खतरा

डॉक्टर्स ने कुछ लोगों को हाई रिस्क ग्रुप में रखा है। इनमें पांच साल से कम उम्र के बच्चे और 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग शामिल हैं।

गर्भवती महिलाएं और शुगर, हृदय, फेफड़े या किडनी के मरीज भी जोखिम में हैं। कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को भी खास ख्याल रखने की सलाह दी गई है।

कब जाएं डॉक्टर के पास

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयूष पंचवर के मुताबिक कुछ लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर बुखार तीन दिन से ज्यादा रहे या सांस लेने में तकलीफ हो, तो यह चेतावनी संकेत है।

लगातार खांसी, आंखों का लाल होना, बार-बार उल्टी-दस्त या तेज सिरदर्द भी गंभीर लक्षण हैं। ऐसे में देर किए बिना डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

बचाव के आसान उपाय

संक्रमण से बचने के लिए नियमित रूप से हाथ धोना, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, खांसते या छींकते समय मुंह ढंकना, पर्याप्त पानी पीना और पौष्टिक भोजन लेना जरूरी है। बारिश में भीगने पर जल्द से जल्द सूखे कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों को लंबे समय तक गीले वातावरण में न रहने दें।

मौसम का स्वास्थ्य पर असर

अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश और बादल बने रहने का अनुमान है। ऐसे मौसम में दिन और रात के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं होता, लेकिन हवा में नमी अधिक रहने से बैक्टीरिया और वायरस के फैलने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए मौसम सामान्य दिखने के बावजूद स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतना जरूरी है।

ये खबरें भी पढ़िए।

वायरस से पहले वैक्सीन! एआई की नई खोज ने चौंकाया

भोपाल में बनी अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पहली वैक्सीन

शिशुकुंज स्कूल के पानी में भागीरथपुरा कांड वाला कोलीफार्म बैक्टीरिया

इंदौर के बाद अब भोपाल में पानी के सैंपल फेल, मिला 20 मौंतो वाला बैक्टीरिया!

Tags:
  • वायरस
  • राजधानी भोपाल
  • इम्युनिटी
  • गर्भवती महिलाएं
  • वायरल फीवर
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा