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5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला..
- भोपाल नगर निगम को कंज्यूमर फोरम ने 35 हजार रुपए की पेनल्टी लगाई।
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2021 में फ्लैट बुक हुआ था।
- तय समय सीमा बीतने के बाद भी फ्लैट का हैंडओवर नहीं किया गया।
- नगर निगम की लापरवाही के कारण हितग्राही को मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना हुआ।
- कंज्यूमर फोरम ने मुआवजा देने और जुर्माना लगाने के आदेश दिए।
भोपाल में पीएमएवाई में देरी पर जुर्माना
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत भोपाल नगर निगम को एक अहम आदेश दिया गया है। कंज्यूमर फोरम ने नगर निगम पर 35 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही मुआवजा देने के आदेश भी दिए हैं।
क्या है मामला
यह मामला अरेरा कॉलोनी के 12 नंबर स्थित मल्टी से जुड़ा हुआ है, जहां एक हितग्राही ने 2021 में फ्लैट बुक कराया था। हालांकि, नगर निगम द्वारा तय समय सीमा के बाद भी फ्लैट का हैंडओवर नहीं किया गया। इससे हितग्राही को मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
नगर निगम दोषी
कंज्यूमर फोरम ने इस लापरवाही को सेवा में कमी मानते हुए नगर निगम को दोषी ठहराया। कोर्ट ने निगम से फ्लैट का हैंडओवर शीघ्र करने और साथ ही हितग्राही को मुआवजा देने का आदेश दिया। इस फैसले को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित मामलों में अहम माना जा रहा है। इससे पहले भी कई लोग समय पर मकान नहीं मिलने की शिकायत कर चुके हैं। अब इस आदेश से नगर निगम पर दबाव बढ़ गया है कि वह जल्द से जल्द लंबित आवास परियोजनाओं को पूरा करें।
इस खबर के मायने क्या हैं?
इस खबर का मतलब है कि भोपाल नगर निगम पर पीएम आवास योजना के तहत फ्लैट्स के समय पर हैंडओवर न करने के कारण अब एक बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। कंज्यूमर फोरम ने नगर निगम पर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है और मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। इसका असर यह होगा कि अब नगर निगम पर दबाव बढ़ेगा कि वह जल्द से जल्द बाकी लंबित आवास परियोजनाओं को पूरा करे, ताकि भविष्य में किसी और को ऐसे परेशानी का सामना न करना पड़े।
सूत्र नॉलेज
अगर आप भी बिल्डर या नगर निगम द्वारा घर देने में देरी या इस तरह के मामलों से हैं, तो आप भोपाल के इस मामले की तरह कंज्यूमर फोरम (Consumer Forum) में शिकायत कर कर सकते हैं।
अपने अधिकारों के लिए आप उपभोक्ता मामले विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। घर मिलने में हो रही मानसिक और आर्थिक परेशानी के खिलाफ कानूनी मदद लेना आपका हक है।
आगे क्या?
अब इस आदेश के बाद नगर निगम पर यह दबाव होगा कि वह अपनी आवास परियोजनाओं को जल्दी से जल्दी पूरा करें। इसके अलावा, अन्य लोग जो समय पर मकान नहीं मिलने की शिकायत कर चुके हैं, उन्हें भी अब उम्मीद होगी कि उनके मामले का हल जल्द निकले। अगर नगर निगम ने इस फैसले का पालन नहीं किया, तो उसके खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
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