भोपाल के सतगढ़ी में बनेगा गारमेंट और आईटी हब, 40 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

Aman Vaishnav | Jul 05, 2026, 13:40 IST
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भोपाल के सतगढ़ी में बनेगा गारमेंट और आईटी हब
भोपाल के सतगढ़ी में बनेगा गारमेंट और आईटी हब

भोपाल के सतगढ़ी में 172 एकड़ में इंडस्ट्रियल और आईटी हब बनने जा रहा है। यहां दिल्ली के भारत मंडपम जैसा कन्वेंशन सेंटर और गारमेंट पार्क बनेगा, जिससे 40 हजार रोजगार पैदा होंगे।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • भोपाल के सतगढ़ी में 172 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल-आईटी हब बनेगा।
  • यहां गारमेंट पार्क, आईटी टावर और कन्वेंशन सेंटर शामिल होंगे।
  • कन्वेंशन सेंटर दिल्ली के भारत मंडपम जैसा और 10 हजार लोगों की क्षमता वाला होगा।
  • प्रोजेक्ट से 35 से 40 हजार लोगों को रोजगार मिल सकता है।
  • सीएम मोहन यादव 6 जुलाई को इसका भूमिपूजन करेंगे।

172 एकड़ में क्या-क्या बनेगा

बता दें कि मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को यह जमीन आवंटित हो चुकी है। कुल 172 एकड़ जमीन तीन हिस्सों में बंटेगी। इससे शहर को नई पहचान मिलेगी।

25 एकड़ में सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर बनेगा। यह दिल्ली के भारत मंडपम की तर्ज पर होगा। इसकी क्षमता 10 हजार लोगों की होगी। बड़े आयोजन और प्रदर्शनियां यहां हो सकेंगी।

साथ ही 25 एकड़ जमीन आईटी कंपनियों के लिए रखी गई है। यहां हाइराइज बिल्डिंग बनेगी। बाकी 45 एकड़ में इंडस्ट्री यूनिट्स लगेंगी। इस तरह एक ही परिसर में तीन बड़े सेक्टर साथ आएंगे।

गारमेंट पार्क में क्या सुविधाएं होंगी

गारमेंट पार्क में 250 से अधिक यूनिट स्थापित होंगी। यहां डिजाइनिंग लैब और पैटर्न मेकिंग की सुविधा मिलेगी। सैंपलिंग और ऑटोमैटिक कटिंग की मशीनें भी लगेंगी। कपड़ों की गुणवत्ता जांचने के लिए आधुनिक लैब भी होगी।

इससे छोटे और बड़े दोनों तरह के गारमेंट कारोबारियों को फायदा होगा। एक ही जगह पर उत्पादन से लेकर जांच तक की सुविधा मिलेगी। इससे समय और लागत दोनों की बचत होगी।

आईटी हब में कौन आएगा

आईटी सेक्टर के लिए मल्टी-टेनेंट हाईराइज बिल्डिंग बनाई जाएगी। इसमें अलग-अलग कंपनियों को ऑफिस दिए जाएंगे। छोटी आईटी कंपनियों के लिए भी जगह आसानी से उपलब्ध होगी। इससे नए स्टार्टअप को भी मौका मिल सकता है।

प्रोजेक्ट पर कितना खर्च होगा

पहले चरण में 150 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस राशि से सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्था होगी। बाकी आधारभूत ढांचा भी इसी चरण में तैयार होगा।

व्यावसायिक परिसरों के लिए पीपीपी मॉडल (Public Private Partnership) पर विचार हो रहा है। इससे निजी निवेश को भी मौका मिलेगा। सरकार और कंपनियां मिलकर काम कर सकेंगी।

कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट

जानकारी के अनुसार एमपीआईडीसी का लक्ष्य डेढ़ वर्ष में आधारभूत ढांचा तैयार करना है। इसके बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा। समय पर काम पूरा करना बड़ी जिम्मेदारी होगी।

सबसे बड़ी चुनौती क्या है

सबसे बड़ी चुनौती 45 मीटर चौड़ी एप्रोच रोड बनाना है। अभी सतगढ़ी तक पर्याप्त चौड़ा संपर्क मार्ग नहीं है। बिना अच्छी सड़क के भारी वाहनों की आवाजाही मुश्किल होगी। इसलिए यह काम पहले पूरा करना जरूरी होगा।

रोजगार पर कितना असर पड़ेगा

इस प्रोजेक्ट से 35 से 40 हजार लोगों को रोजगार मिल सकता है। गारमेंट, आईटी और इंडस्ट्री तीनों सेक्टर में नौकरियां बनेंगी। स्थानीय युवाओं को सीधा फायदा मिल सकता है। इससे भोपाल की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 6 जुलाई को भूमिपूजन करेंगे। इसके साथ ही प्रोजेक्ट का काम आधिकारिक रूप से शुरू हो जाएगा।

भोपाल के लिए क्यों खास है यह प्रोजेक्ट

भोपाल अब तक शिक्षा और प्रशासन के लिए ज्यादा जाना जाता रहा है। बड़े औद्योगिक निवेश के मामले में शहर पीछे रहा है। सतगढ़ी प्रोजेक्ट से यह तस्वीर बदल सकती है। एक ही जगह पर तीन बड़े सेक्टर आने से शहर की पहचान बदलेगी।

राज्य सरकार लंबे समय से मध्य प्रदेश को औद्योगिक निवेश का बड़ा केंद्र बनाना चाहती है। इंदौर और पीथमपुर जैसे शहर पहले से ही निवेश आकर्षित करते रहे हैं। अब भोपाल भी इस दौड़ में शामिल होने जा रहा है। इससे राजधानी में निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है।

FAQ

  1. भोपाल में इंडस्ट्रियल-आईटी हब कहां बनेगा?
    यह हब भोपाल के सतगढ़ी इलाके में बनेगा। इसके लिए 172 एकड़ जमीन आवंटित हो चुकी है। एमपीआईडीसी इस प्रोजेक्ट को विकसित कर रहा है।
  2. सतगढ़ी इलाके में बनने वाले इंडस्ट्रियल-आईटी प्रोजेक्ट से कितने लोगों को रोजगार मिलेगा?
    इस प्रोजेक्ट से करीब 35 से 40 हजार लोगों को रोजगार मिल सकता है। गारमेंट, आईटी और इंडस्ट्री सेक्टर में नौकरियां बनेंगी। यह भोपाल की अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद होगा।

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