विंध्य और चंबल में बीजेपी-कांग्रेस के बागी देंगे कड़ी टक्कर, बसपा-सपा लगा सकती है मौके पर चौका
Chandresh Sharma | Oct 25, 2023, 24:00 IST
विंध्य और चंबल में बीजेपी-कांग्रेस के बागी देंगे कड़ी टक्कर, बसपा-सपा लगा सकती है मौके पर चौका
विंध्य और चंबल अंचल की बात की जाए तो यहां BJP-कांग्रेस के इतर BSP भी तीसरे मोर्चे के रूप में स्थाई वोटबैंक रखती है। BJP और कांग्रेस में मची बगावत के बीच BSP और SP भी यहां मौके पर चौका लगाने की क्षमता रखती है।
BHOPAL. साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव की तरह इस बार के विधानसभा चुनाव में भी बागियों की बगावत का फैक्टर सिर चढ़कर बोलने जा रहा है। खास तौर पर विंध्य और चंबल अंचल की बात की जाए तो यहां बीजेपी-कांग्रेस के इतर बसपा भी तीसरे मोर्चे के रूप में स्थाई वोटबैंक रखती है। ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस में मची बगावत की हलचल के बीच बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी भी यहां मौके पर चौका लगाने की क्षमता रखती है।
यहां-यहां बागी तनकर खड़े हैं
इस बार की विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो नागौद से पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह यादव, लहार से बीजेपी के पूर्व विधायक रसाल सिंह, सतना से रत्नाकर चतुर्वेदी, मुंगावली से मोहन सिंह यादव, मुरैना से रूस्तम सिंह के बेटे राकेश सिंह और पूर्व मंत्री लाखनसिंह यादव सेवड़ा से ताल ठोंक रहे हैं। विंध्य में विधायक केदारनाथ शुक्ला बागी तेवर अख्तियार किए हुए हैं तो मैहर से नारायण त्रिपाठी मोर्चा खोले बैठे हैं।
बागी आवत देखकर पार्टियां कहें पुकार
ऐसे में बागियों पर बसपा और सपा की पैनी नजर है। बसपा तो ऐसे बागियों को पलक पांवड़े बिछाए स्वागत कर रही है। उधर विंध्य में फोकस कर रही आम आदमी पार्टी भी बागियों पर नजर गड़ाए बैठी है, हालांकि अभी तक पार्टी ने किसी ऐसे बागी को अपना उम्मीदवार नहीं बनाया है। मगर चंबल अंचल में पूर्व मंत्री रूस्तम सिंह के बेटे राकेश सिंह और विधायक अजब सिंह कुशवाह ने बीएसपी का दामन थाम लिया है।
यहां है बसपा का अहम रोल
बता दें कि साल 2018 के चुनाव में बीएसपी भिंड और पथरिया सीट से जीती थी। भिंड से चौधरी राकेश सिंह तो पथरिया से रामबाई सिंह ने जीत हासिल की थी। वहीं सबलगढ़, जौरा, ग्वालियर ग्रामीण, पोहरी, रामपुर बघेलान समेत देवतालाब में बहुजन समाज पार्टी दूसरे नंबर पर रही थी। उधर समाजवादी पार्टी भी उन 6 सीटों पर विशेष ध्यान दे रही है, जहां से उसके प्रत्याशी जीते थे या फिर दूसरे नंबर पर रहे थे। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि विंध्य और चंबल अंचल में बागी ही सत्ता के बाग का माली कौन बनेगा यह डिसाइड करेंगे।
यहां-यहां बागी तनकर खड़े हैं
इस बार की विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो नागौद से पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह यादव, लहार से बीजेपी के पूर्व विधायक रसाल सिंह, सतना से रत्नाकर चतुर्वेदी, मुंगावली से मोहन सिंह यादव, मुरैना से रूस्तम सिंह के बेटे राकेश सिंह और पूर्व मंत्री लाखनसिंह यादव सेवड़ा से ताल ठोंक रहे हैं। विंध्य में विधायक केदारनाथ शुक्ला बागी तेवर अख्तियार किए हुए हैं तो मैहर से नारायण त्रिपाठी मोर्चा खोले बैठे हैं।
बागी आवत देखकर पार्टियां कहें पुकार
ऐसे में बागियों पर बसपा और सपा की पैनी नजर है। बसपा तो ऐसे बागियों को पलक पांवड़े बिछाए स्वागत कर रही है। उधर विंध्य में फोकस कर रही आम आदमी पार्टी भी बागियों पर नजर गड़ाए बैठी है, हालांकि अभी तक पार्टी ने किसी ऐसे बागी को अपना उम्मीदवार नहीं बनाया है। मगर चंबल अंचल में पूर्व मंत्री रूस्तम सिंह के बेटे राकेश सिंह और विधायक अजब सिंह कुशवाह ने बीएसपी का दामन थाम लिया है।
यहां है बसपा का अहम रोल
बता दें कि साल 2018 के चुनाव में बीएसपी भिंड और पथरिया सीट से जीती थी। भिंड से चौधरी राकेश सिंह तो पथरिया से रामबाई सिंह ने जीत हासिल की थी। वहीं सबलगढ़, जौरा, ग्वालियर ग्रामीण, पोहरी, रामपुर बघेलान समेत देवतालाब में बहुजन समाज पार्टी दूसरे नंबर पर रही थी। उधर समाजवादी पार्टी भी उन 6 सीटों पर विशेष ध्यान दे रही है, जहां से उसके प्रत्याशी जीते थे या फिर दूसरे नंबर पर रहे थे। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि विंध्य और चंबल अंचल में बागी ही सत्ता के बाग का माली कौन बनेगा यह डिसाइड करेंगे।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari