BJP जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में बदलाव! नए चेहरों को मिलेगा मौका
Sourabh Bhatnagar | Jan 09, 2025, 10:30 IST
thesootr
बीजेपी ने अपने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर दिल्ली में बैठक की, जिसमें प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने सभी जिलों के नामों पर विचार किया।
दिल्ली में बीजेपी के जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर महत्वपूर्ण मंथन किया गया। बीजेपी प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर चर्चा की गई। बताया जा रहा है कि सूची को प्रदेश कार्यालय से जारी नहीं किया जाएगा। इसके बजाय जिलों में नियुक्त जिला निर्वाचन अधिकारी और पर्यवेक्षक जिलाध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा करेंगे।
खबरों की मानें तो बैठक में नियुक्ति नियम को लेकर भी कई बदलाव भी किए गए, यह तय किया गया है कि 4 साल से ज्यादा समय का कार्यकाल पूरा कर चुके जिलाध्यक्षों को रिपीट नहीं किया जाएगा। इस बैठक के बाद पार्टी ने जिलाध्यक्षों के चयन में एक नए फॉर्मूले को लागू करने का निर्णय लिया है।
भ्रष्टाचार का पर्याय बनी BJP... सागर IT रेड पर बोले जीतू पटवारी
पार्टी का उद्देश्य महिला, आदिवासी और दलित वर्ग को भी पार्टी में नेतृत्व का मौका देना है। भाजपा के इस फैसले के तहत कुल आठ महिला जिलाध्यक्ष बनाई जा सकती हैं, जबकि आदिवासी और दलित वर्ग से पांच-पांच जिलाध्यक्ष बनाए जा सकते हैं।
फिर फंसा जिलाध्यक्षों का पेंच, VD शर्मा और हितानंद शर्मा दिल्ली रवाना
बताया जा रहा है कि ग्वालियर जिले के मौजूदा जिलाध्यक्ष अभय चौधरी की उम्र ज्यादा होने के कारण उनकी जगह नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी। ग्वालियर में जयप्रकाश राजौरिया, आशीष अग्रवाल या हरीश मेवाफरोश में से किसी एक को जिम्मेदारी दी जा सकती है। भोपाल में पार्षद रवींद्र यती के नाम पर चर्चा हो रही है।
सूत्रों के मुताबिक, सागर और धार जिलों में दो-दो जिलाध्यक्ष बनाए जाएंगे। अगर ऐसा होता है, तो पार्टी में जिलाध्यक्षों की संख्या 60 से बढ़कर 62 हो जाएगी। सागर जिले में देवरी, रहली और बंडा को मिलाकर एक नया जिला बनाने का प्रस्ताव है। धार और पीथमपुर के शहरी इलाकों को एक साथ रखते हुए और बाकी ग्रामीण क्षेत्रों को अलग कर दो जिलाध्यक्ष बनाए जा सकते हैं।
खबरों की मानें तो बैठक में नियुक्ति नियम को लेकर भी कई बदलाव भी किए गए, यह तय किया गया है कि 4 साल से ज्यादा समय का कार्यकाल पूरा कर चुके जिलाध्यक्षों को रिपीट नहीं किया जाएगा। इस बैठक के बाद पार्टी ने जिलाध्यक्षों के चयन में एक नए फॉर्मूले को लागू करने का निर्णय लिया है।
नए चेहरों को प्राथमिकता
भाजपा अब जिलाध्यक्षों के चयन में पुराने चेहरों को हटाकर नए और युवा नेताओं को मौका देने जा रही है। खासकर ग्वालियर, जबलपुर, सागर और इंदौर जैसे प्रमुख जिलों में नए जिलाध्यक्ष नियुक्त किए जा सकते हैं। वहीं नए फॉर्मूले को लागू करने के इस निर्णय के साथ ही प्रदेश के 18 जिलों में मौजूदा जिलाध्यक्षों के रिपीट होने की संभावना पर खतरा मंडरा गया है।
महिला, आदिवासी और दलित वर्ग के लिए विशेष स्थान
फिर फंसा जिलाध्यक्षों का पेंच, VD शर्मा और हितानंद शर्मा दिल्ली रवाना
ग्वालियर में नया तो सागर और धार में दो-दो जिलाध्यक्ष
सूत्रों के मुताबिक, सागर और धार जिलों में दो-दो जिलाध्यक्ष बनाए जाएंगे। अगर ऐसा होता है, तो पार्टी में जिलाध्यक्षों की संख्या 60 से बढ़कर 62 हो जाएगी। सागर जिले में देवरी, रहली और बंडा को मिलाकर एक नया जिला बनाने का प्रस्ताव है। धार और पीथमपुर के शहरी इलाकों को एक साथ रखते हुए और बाकी ग्रामीण क्षेत्रों को अलग कर दो जिलाध्यक्ष बनाए जा सकते हैं।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari