इंदौर में पैकेज्ड ड्रिंकिग वाटर के नाम पर बोरिंग का पानी, गंदगी के बीच में बिना लाइसेंस चल रहा काम
Sanjay Gupta | Aug 07, 2024, 18:47 IST
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फूड सेफ्टी अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि कलेक्टर के आदेश पर जब टीम मूसाखेड़ी में मौके पर पहुंची तो वहां गंदगी के बीच में बोरिंग का पानी बोतलों में भरकर पैक किया जा रहा था।
INDORE. यदि आप इस कंपनी का पैक्ड ड्रिकिंग वॉटर पी रहे हो तो तत्काल बंद कर दीजिए। कंपनी का नाम है Aqualight ( एक्वालाइट )। इस कंपनी की बोतलों में बोरिंग का पानी भरकर दिया जा रहा है। यह काम वह बिना किसी लाइसेंस के कर रहे हैं। कलेक्टर आशीष सिंह के आदेश पर फूड सेफ्टी विभाग ने कंपनी पर छापा मारा तो इसकी पोल खुली।
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फूड सेफ्टी अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि कलेक्टर के आदेश पर जब टीम मूसाखेड़ी में मौके पर पहुंची तो वहां गंदगी के बीच में बोरिंग का पानी बोतलों में भरकर पैक किया जा रहा था। हालांकि बोरिंग का पानी आरओ से जरूर साफ कर रहे थे लेकिन पूरा काम गैरकानूनी तरीके से हो रहा है। कंपनी के पास फूड सेफ्टी का कोई लाइसेंस नहीं इसके बाद भी इस पर FSSAI और ISI जैसी सील छपी थी।
यह कंपनी अजय प्रेमचंदानी की बताई जा रही है। कंपनी का नाम Amaya enterprises (अमाया इंटरप्राइजेस) है, जो बिना किसी लाइसेंस के संचालित हो रही थी। फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने छापामार कार्रवाई की। टीम ने मौके से 153 कॉर्टन बोतलबंद पानी और उपकरण जब्त कर फैक्टरी को सील कर दिया। प्रेमचंदानी द्वारा लंबे समय से एक्वालाइट नाम से बोतलबंद पानी पानी बेच रहा था। शिकायत मिलने पर फूड सेफ्टी विभाग ने बुधवार को छापामार कार्रवाई की।
जांच में टीम ने पाया कि फैक्टरी बिना लाइसेंस और बीआई सर्टिफिकेट के चल रही थी, बोतलों पर एक्सपायरी डेट भी नहीं लिखी थी। साथ ही एक्वालाइट की आड़ में डुप्लीकेटिंग भी की जा रही थी। फैक्टरी में डीएम वॉटर के नाम से भी बोतलों पर पैकिंग मिली। स्वामी ने बताया कि फैक्टरी को सील किया गया है और नियमविरूद्ध संचालन पर केस दर्ज किया गया है। पानी के भी सैंपल जांच में लिए गए हैं।
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चौंक गए अधिकारी, गंदगी के बीच बैठ भर रहे पानी
फूड सेफ्टी अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि कलेक्टर के आदेश पर जब टीम मूसाखेड़ी में मौके पर पहुंची तो वहां गंदगी के बीच में बोरिंग का पानी बोतलों में भरकर पैक किया जा रहा था। हालांकि बोरिंग का पानी आरओ से जरूर साफ कर रहे थे लेकिन पूरा काम गैरकानूनी तरीके से हो रहा है। कंपनी के पास फूड सेफ्टी का कोई लाइसेंस नहीं इसके बाद भी इस पर FSSAI और ISI जैसी सील छपी थी।
इनकी है कंपनी
ना लाइसेंस ना ही एक्सपाइरी डेट
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