हर चुनाव में उतरते रहे हैं नौकरशाह, इस बार भी कई आईएएस-आईपीएस नापेंगे अपनी थाह, कुछ हुए सफल, कुछ गुमनाम
Chandresh Sharma | Oct 19, 2023, 24:00 IST
हर चुनाव में उतरते रहे हैं नौकरशाह, इस बार भी कई आईएएस-आईपीएस नापेंगे अपनी थाह, कुछ हुए सफल, कुछ गुमनाम
विधानसभा चुनाव दस्तक दे चुके हैं, इस सियासी समर में राजनेताओं के बीच नौकरशाह भी समय-समय पर कूदते चले आए हैं और कूदते चले जाएंगे।
BHOPAL. विधानसभा चुनाव दस्तक दे चुके हैं, इस सियासी समर में राजनेताओं के बीच नौकरशाह भी समय-समय पर कूदते चले आए हैं और कूदते चले जाएंगे। इन चुनावों में भी पूर्व और वर्तमान नौकरशाहों की खेप चुनावी समर में हाथ आजमाने बेताब है। इस बार इस फेहरिस्त में बहुचर्चित राज्य प्रशासनिक सेवा की निशा बांगरे का नाम सबसे ऊपर है तो जबलपुर से पूर्व आईएएस वेदप्रकाश टिकट पाने जद्दोजहद में लगे हुए हैं। वहीं कवींद्र कियावत, एमके अग्रवाल और रवींद्र कुमार मिश्रा भी पॉलिटिक्स में एंट्री ले चुके हैं।
सबसे बड़ा नाम अजीत जोगी
मध्यप्रदेश में सियासत में खुदको सफल साबित करने वाले नौकरशाहों में सबसे बड़ा नाम अजीत जोगी का है। वे जिस सीट मरवाही से चुनाव लड़ते थे, उस जिले के काफी समय तक कलेक्टर भी रहे थे। सीएम अर्जुन सिंह की सरपरस्ती में उन्होंने नौकरी छोड़ी और राजनीति में प्रवेश किया था। बाद में चलकर वे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी बने।
रूस्तम सिंह भी रहे सफल
आईपीएस रुस्तम सिंह ने भी राजनीति में खुदको सफल साबित किया। हालांकि वे रिटायरमेंट के बाद बीजेपी में शामिल हुए। चुनाव जीता और फिर मिनिस्टर भी बने थे। एक और आईपीएस पन्नालाल चौधरी का नाम भी इस फेहरिस्त में शामिल है, जो नौकरी के बाद चुनाव भी जीते थे। इनके अलावा अजातशत्रु, अजीता वाजपेयी पांडे, जीएस डामोर और हीरालाल त्रिवेदी के नाम भी इस लिस्ट में शामिल हैं। जीएस डामोर रतलाम से सांसद हैं। इनके अलावा एसएस उप्पल, वीणा घाणेकर और बीके बाथम भी राजनीति में अपनी पारी खेल रहे हैं या खेल चुके हैं।
कई गुमनाम भी रहे
ऐसा नहीं है कि राजनीति के मैदान में उतरने वाला हर नौकरशाह यूपीएससी की तरह यहां भी सफल रहा हो। आईएएस शशि कर्णावत कांग्रेस में गईं लेकिन गुमनाम रह गईं। इनके अलावा मान दाहिमा, लक्ष्मीकांत द्विवेदी, सरदार सिंह और सुशीलचंद्र वर्मा, भागीरथ प्रसाद, आरसी छारी, एसएन चौहान जैसे कई नाम हैं जो चुनावी मैदान में तो उतरे लेकिन कोई खास वजूद नहीं बना पाए।
सबसे बड़ा नाम अजीत जोगी
मध्यप्रदेश में सियासत में खुदको सफल साबित करने वाले नौकरशाहों में सबसे बड़ा नाम अजीत जोगी का है। वे जिस सीट मरवाही से चुनाव लड़ते थे, उस जिले के काफी समय तक कलेक्टर भी रहे थे। सीएम अर्जुन सिंह की सरपरस्ती में उन्होंने नौकरी छोड़ी और राजनीति में प्रवेश किया था। बाद में चलकर वे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी बने।
रूस्तम सिंह भी रहे सफल
आईपीएस रुस्तम सिंह ने भी राजनीति में खुदको सफल साबित किया। हालांकि वे रिटायरमेंट के बाद बीजेपी में शामिल हुए। चुनाव जीता और फिर मिनिस्टर भी बने थे। एक और आईपीएस पन्नालाल चौधरी का नाम भी इस फेहरिस्त में शामिल है, जो नौकरी के बाद चुनाव भी जीते थे। इनके अलावा अजातशत्रु, अजीता वाजपेयी पांडे, जीएस डामोर और हीरालाल त्रिवेदी के नाम भी इस लिस्ट में शामिल हैं। जीएस डामोर रतलाम से सांसद हैं। इनके अलावा एसएस उप्पल, वीणा घाणेकर और बीके बाथम भी राजनीति में अपनी पारी खेल रहे हैं या खेल चुके हैं।
कई गुमनाम भी रहे
ऐसा नहीं है कि राजनीति के मैदान में उतरने वाला हर नौकरशाह यूपीएससी की तरह यहां भी सफल रहा हो। आईएएस शशि कर्णावत कांग्रेस में गईं लेकिन गुमनाम रह गईं। इनके अलावा मान दाहिमा, लक्ष्मीकांत द्विवेदी, सरदार सिंह और सुशीलचंद्र वर्मा, भागीरथ प्रसाद, आरसी छारी, एसएन चौहान जैसे कई नाम हैं जो चुनावी मैदान में तो उतरे लेकिन कोई खास वजूद नहीं बना पाए।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari