12 साल का इंतजार खत्म! बुरहानपुर के केले और इंदौरी आलू को मिला जीआई टैग

Aman Vaishnav | Jun 24, 2026, 12:45 IST
Share
बुरहानपुर के केले और इंदौरी आलू को मिला जीआई टैग
बुरहानपुर के केले और इंदौरी आलू को मिला जीआई टैग

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के केले और इंदौर के मालवी आलू को जीआई टैग मिला है। बुरहानपुर में 12 साल की कोशिशों के बाद केले को यह सम्मान मिला है। इससे 18 हजार से ज्यादा किसानों को बेहतर दाम और एक्सपोर्ट के नए मौके मिलेंगे।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • बुरहानपुर के केले को जीआई टैग मिल गया है।
  • यह टैग 12 साल की कोशिश के बाद मिला है।
  • साथ ही इंदौर के मालवी आलू को भी जीआई टैग मिला है।
  • दोनों फसलों को अब देश और विदेश में नई पहचान मिलेगी।
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए यह बड़ी खबर है। बता दें कि बुरहानपुर अपने केले के लिए जाना जाता है। यहां प्रदेश की एक मात्र केला मंडी भी है। हजारों बागों से निकलने वाला केला उत्तर भारत और कश्मीर में पसंद किया जाता है। खाड़ी देशों में भी इसकी मांग है। अब जीआई टैग मिलने से यह मांग और बढ़ेगी।

765b8572-67f
765b8572-67f


बुरहानपुर में केले की पैदावार

जानकारी के अनुसार जिले में करीब 18 हजार 640 किसान केले की खेती करते हैं। यह खेती लगभग 26 हजार 120 हेक्टेयर जमीन पर होती है। हर साल यहां 18 लाख 28 हजार मीट्रिक टन केला पैदा होता है।

यह आंकड़ा खुद बताता है कि बुरहानपुर का केला कारोबार कितना बड़ा है। जीआई टैग मिलने से अब यह उत्पादन और बढ़ने की उम्मीद है।

87cab1d8-083
87cab1d8-083


जीआई टैग से क्या फायदा होगा

जीआई टैग मिलने से बुरहानपुर के केले की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनेगी। इससे किसानों और व्यापारियों को कई फायदे मिलेंगे।

  • उत्पाद की ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी
  • किसानों को उपज का बेहतर दाम मिलेगा
  • नकली उत्पादों से बचाव होगा
  • निर्यात के नए मौके खुलेंगे
  • कृषि उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा
  • स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा


जिले में केला प्रोसेसिंग यूनिट

सरकारी जानकारी के अनुसार पीएमएफएमई (PMFME – PM Formalisation of Micro Food Processing Enterprises) योजना के तहत जिले में 55 से ज्यादा केला प्रोसेसिंग यूनिट लग चुकी हैं। इन यूनिट में केले से कई तरह के उत्पाद बनाए जाते हैं। जीआई टैग मिलने से इन उत्पादों की मांग भी बढ़ने की उम्मीद है।

22_06_2026-indori_aaloo_2026622_235010-570798
22_06_2026-indori_aaloo_2026622_235010-570798


इंदौर के आलू को भी मिला टैग

बुरहानपुर के केले के साथ ही इंदौर के मालवी आलू को भी जीआई टैग मिला है। यह आलू रबी मौसम में सबसे ज्यादा क्षेत्र में बोया जाता है। यह ओडीओपी (ODOP – One District One Product) में चुनी गई उद्यानिकी फसल भी है। जिले में करीब 45 हजार हेक्टेयर जमीन पर आलू की खेती होती है।

उप संचालक उद्यान त्रिलोकचंद्र वास्कले ने बताया कि इंदौर की खास जलवायु और उपजाऊ मिट्टी ने आलू को अलग पहचान दी है। किसानों की उन्नत खेती तकनीक भी इसमें मदद करती है।

30cbae5e-005
30cbae5e-005


इंदौरी आलू की क्या है खासियत

इंदौरी मालवी आलू में चीनी और स्टार्च की मात्रा कम होती है। इस वजह से इस आलू के चिप्स और फ्रेंच फ्राइज तलने पर काले या लाल नहीं पड़ते। चीनी कम होने से तलने के बाद भी चिप्स का रंग सफेद बना रहता है। यही खासियत इसे बाजार में अलग बनाती है।

जीआई टैग मिलने से इंदौरी आलू को भी निर्यात में फायदा होगा। आलू उत्पादक किसानों को अब अपनी फसल की अलग पहचान मिलेगी। इससे आगे आलू आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

FAQ

  1. जीआई टैग क्या होता है?
    जीआई टैग किसी खास इलाके के उत्पाद को मिलने वाली खास पहचान है। यह बताता है कि उत्पाद उस जगह की खासियत से जुड़ा है। इससे नकली उत्पादों से भी बचाव होता है।
  2. बुरहानपुर के केले को जीआई टैग क्यों मिला?
    बुरहानपुर में केले की पैदावार और मांग दोनों बहुत ज्यादा हैं। 12 साल के प्रयास के बाद यह पहचान मिली है। इससे किसानों को निर्यात में मदद मिलेगी।
  3. इंदौरी आलू की क्या खासियत है?
    इंदौरी मालवी आलू में चीनी और स्टार्च कम होता है। इस वजह से चिप्स और फ्रेंच फ्राइज तलने पर काले नहीं पड़ते। यही खासियत इसे खास बनाती है।

ये खबरें भी पढ़िए...

एमपी न्यूज: सेव के बाद रतलाम की बालम ककड़ी और गराडू को मिला GI टैग

मध्यप्रदेश न्यूज: सिवनी जंबो सीताफल को मिला जीआई टैग, किसानों को ऐसे होगा फायदा

अब दुनियाभर में चमकेंगे पन्ना के हीरे, मिला जीआई टैग, बढ़ेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान

MP GI Tags: खजुराहो स्टोन, ग्वालियर शिल्प सहित 5 प्रोडक्ट्स को GI टैग

Tags:
  • एमपी न्यूज
  • मध्यप्रदेश न्यूज
  • इंदौर
  • बुरहानपुर
  • जीआई टैग
  • MP GI Tags
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा