राजधानी में लगेगा प्रशासनिक अधिकारियों का जमावड़ा, जनगणना की तैयारी को लेकर होगी ट्रेनिंग

भोपाल में 13 फरवरी को 55 जिलों के कलेक्टरों और आयुक्तों की बड़ी बैठक होगी। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में आगामी डिजिटल जनगणना 2027 का रोडमैप तैयार किया जाएगा।

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Amresh Kushwaha
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BHOPAL. मध्यप्रदेश की राजधानी में शुक्रवार, 13 फरवरी को प्रशासनिक हलचल तेज रहने वाली है। प्रदेश के सभी 55 जिलों के कलेक्टर, 12 संभागों के आयुक्त और 16 नगर निगम आयुक्त भोपाल में एक साथ जुटने वाले हैं। ये सब जनगणना की तैयारियों को लेकर होने वाली एक खास राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कांफ्रेंस में हिस्सा लेंगे।

सीएम की मौजूदगी में बनेगा रोडमैप

इस बैठक की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद शामिल होंगे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण की मौजूदगी में होगा। गृह विभाग के सचिव और राज्य नोडल अधिकारी अभिषेक सिंह ने सभी अधिकारियों को पत्र भेजकर इस कांफ्रेंस में शामिल होने के लिए कहा है।

1 मई से शुरू होगा मकान गणना का पहला चरण

जनगणना 2027 की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इसे कई चरणों में बांटा गया है। इस साल 1 मई से मकानों की लिस्ट बनाने और उनकी गणना का पहला चरण शुरू होगा।

 उससे पहले, 13 फरवरी को होने वाले इस ट्रेनिंग में अधिकारियों को जनगणना की पूरी प्रक्रिया, समय सीमा और बाकी अहम जानकारियां दी जाएंगी।

डिजिटल टूल्स और फील्ड चुनौतियों पर रहेगा फोकस

अब जनगणना पारंपरिक कागजों के बजाय आधुनिक तकनीक पर आधारित होगी। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को निम्नलिखित अहम जानकारियां दी जाएंगी:

  • डिजिटल टूल्स: मोबाइल एप्स, सीएमएमएस (CMMS) और एचएलबीसी (HLBC) जैसे पोर्टल्स का इस्तेमाल और उनकी निगरानी (Monitoring)।

  • नियुक्ति प्रक्रिया: गणना अधिकारियों की नियुक्ति, ट्रेनिंग और फंड वितरण (Fund Allocation) का तरीका।

  • फील्ड चुनौतियां: फील्ड वर्क के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समाधान।

  • प्रश्नावली: गणना के दौरान पूछे जाने वाले सवालों और डेटा कलेक्शन की प्रक्रिया।

बिना स्थायी निदेशक के चल रही है प्रदेश में तैयारी

एक दिलचस्प बात यह है कि मध्य प्रदेश में 30 सितंबर 2025 से जनगणना निदेशक का पद खाली पड़ा है। पूर्व निदेशक भावना वालिम्बे के रिटायर होने के बाद से अभी तक इस पद के लिए नई नियुक्ति नहीं की गई है।

फिलहाल, छत्तीसगढ़ के जनगणना निदेशक मध्य प्रदेश के जनगणना निदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। इसके बावजूद, आगामी जनगणना को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने प्रशिक्षण और प्रश्नावली का कार्यक्रम समय पर जारी कर दिया है।

जनगणना 2027 का महत्व

जनगणना सिर्फ जनसंख्या की गिनती नहीं होती, बल्कि ये आने वाले 10 सालों के लिए सरकारी योजनाओं के आधार का काम करती है। परिसीमन और आरक्षण जैसे अहम फैसले भी इसी डेटा पर आधारित होते हैं। अब जब जनगणना डिजिटल होगी, तो नतीजे जल्दी मिलेंगे, जिससे नीतियों को बनाना आसान होगा।

FAQ

जनगणना 2027 का पहला चरण कब से शुरू हो रहा है?
जनगणना 2027 का पहला चरण, जिसमें मकानों की सूची तैयार करना और मकान गणना शामिल है, 1 मई 2026 से शुरू होगा।
इस बार की जनगणना पिछली जनगणनाओं से अलग कैसे होगी?
इस बार की जनगणना मुख्य रूप से डिजिटल टूल्स (Digital Tools) जैसे मोबाइल एप्स और ऑनलाइन पोर्टल्स पर आधारित होगी। यह पहली बार होगा जब इतने व्यापक स्तर पर कागजों के बजाय डिजिटल डेटा संग्रह पर जोर दिया जा रहा है।

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अभिषेक सिंह गृह विभाग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश जनगणना 2027
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