डेपुटेशन पर जाने वाले एमपी के IAS अफसरों की संख्या बढ़ी, DOPT के सर्कुलर का असर

2022 में आए डीओपीटी के सर्कुलर के बाद मध्यप्रदेश से केंद्र में डेपुटेशन पर जाने वाले आईएएस अफसरों की संख्या बढ़ गई है। इससे एमपी के प्रशासनिक ढांचे पर असर पड़ सकता है।

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Amresh Kushwaha
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central deputation ias mp increase

News In Short

  • डीओपीटी सर्कुलर के बाद अब एमपी के आईएएस अफसरों को केंद्रीय स्तर पर काम करने का मौका मिला है।

  • 2024-25 तक कुल 14 आईएएस अफसरों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है।

  • श्रीमन शुक्ला और स्वतंत्र कुमार सिंह जैसे अफसरों को भी केंद्रीय कार्य के लिए हरी झंडी मिल गई है।

News In Detail

2024-25 में मध्यप्रदेश के 14 आईएएस अफसर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए थे। मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर से स्वास्थ्य संचालक के पद पर नियुक्त डॉ. राहुल फटिंग (2012 बैच) ने भी प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन किया है।

डीओपीटी का सर्कुलर लाया एक नया अवसर

सर्कुलर के मुताबिक, 2007 के बाद जो अफसर आए हैं, उन्हें दो साल तक केंद्र सरकार में काम करना होगा। उन्हें ज्वाइंट सेक्रेटरी बनने से पहले उप सचिव या डायरेक्टर के पद पर काम करना जरूरी है।

यह नियम कैबिनेट की नियुक्ति समिति के निर्देशों पर लागू किया गया है। इसी वजह से मध्यप्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले अफसरों की संख्या बढ़ गई है।

इन अधिकारियों को मिली हरी झंडी

2007 बैच के आईएएस श्रीमन शुक्ला और स्वतंत्र कुमार सिंह को मध्यप्रदेश सरकार ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए हरी झंडी दे दी है। 

दोनों अधिकारी अब जल्दी ही केंद्रीय सरकार में अपनी नई भूमिका निभाने के लिए दिल्ली जाएंगे।

इनके अलावा, पीएचई विभाग के प्रमुख सचिव व 2001 बैच के पी. नरहरि को भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए मंजूरी मिल गई है। उन्हें जल्द ही दिल्ली जाने का आदेश मिल सकता है।

इन आईएएस अफसरों को मिली प्रतिनियुक्ति

  • साल 2025 में : 2009 बैच के प्रियंका दास, अविनाश लवानिया, प्रीति मैथिल, 2010 बैच की तन्वी सुंद्रियाल, 2012 बैच के नीरज कुमार सिंह और पंकज जैन प्रतिनियुक्ति पर गए।
  • साल 2024 में : 2009 बैच के तरुण पिथोड़े, 2010 बैच के गणेश शंकर मिश्रा, 2011 बैच की अनुग्रह पी, 2012 बैच के चंद्रमोहन ठाकुर, बक्की कार्तिकेयन, 2013 बैच के हर्ष दीक्षित भी प्रतिनियुक्ति पर गए।
  • साल 2023 में : 2007 बैच की स्वाति मीना नायक, 2008 बैच की जे.पी. आईरिन सिंथिया, एस विश्वनाथन गए।
  • साल 2023 में : 2007 बैच के शशांक मिश्रा, 2008 बैच की छवि भारद्वाज, विकास नरवाल, नंदकुमारम, 2009 बैच के तेजस्वी एस नायक, 2011 बैच के डॉ जे. विजय कुमार, बी विजय दत्ता भी गए।

कई अफसर संभाल रहे एक से अधिक विभाग

अब तक, मध्यप्रदेश (MP) से 44 आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजे जा चुके हैं। इससे कामकाजी ढांचे पर असर पड़ा है। इस दौरान कुछ अफसरों को एक से ज्यादा विभागों का जिम्मा भी सौंपा गया है।

उदाहरण के तौर पर, ऋषि गर्ग (एमडी मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, सदस्य सचिव राज्य योजना आयोग और संचालक अटल बिहारी सुशासन संस्थान), विशेष गढ़पाले (एमडी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी, सचिव ऊर्जा), और जॉन किंग्सली एआर (सचिव उद्यानिकी, सचिव नर्मदा घाटी विकास) जैसे अधिकारियों के पास एक से ज्यादा विभागों का काम है।

FAQ

डीओपीटी सर्कुलर का उद्देश्य क्या है?
डीओपीटी सर्कुलर का उद्देश्य आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय सरकार के विभिन्न विभागों में काम करने का अवसर देना है, ताकि वे अनुभव प्राप्त कर सकें और प्रशासन में सुधार ला सकें।
प्रतिनियुक्ति पर जाने से क्या लाभ होते हैं?
प्रतिनियुक्ति पर जाने से अधिकारियों को केंद्रीय स्तर पर काम करने का अनुभव मिलता है। इससे वे अपनी कार्यक्षमता को बढ़ा सकते हैं और नई चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।

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