IG के इम्पैनलमेंट नियमों में बड़ा बदलाव, केंद्र में दो साल की सेवा अब अनिवार्य

केंद्र सरकार ने IPS अधिकारियों के लिए IG पद की इम्पैनलमेंट के नियमों में बदलाव किया है। अब 2 साल की केंद्रीय सेवा अनिवार्य है। जानिए इसका प्रभाव और नए नियमों की पूरी जानकारी।

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Amresh Kushwaha
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ig impanelment rules

BHOPAL. केंद्र सरकार ने IPS अधिकारियों के लिए एक नई शर्त जोड़ी दी है। अब IG (पुलिस महानिरीक्षक) और समकक्ष पदों पर नियुक्ति के लिए केंद्रीय पोस्टिंग की दो साल की अनिवार्यता होगी। ये शर्त पूरी करने पर ही आईजी स्तर के अधिकारियों को केंद्र में पोस्टिंग मिलेगी। इस संबंध में केंद्रीय पदों की नियुक्ति वाले नियमों में बदलाव किया गया है। गृह मंत्रालय ने इसकी नई गाइडलाइन्स भी जारी कर दी हैं।

इसके अनुसार अब 2011 बैच और उसके बाद के IPS अधिकारियों के लिए एक नई शर्त है। IG और समकक्ष पदों पर इम्पैनलमेंट के लिए 2 साल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति अनिवार्य कर दी गई है। इसका मतलब यह है कि यदि किसी आईपीएस को आईजी बनने के बाद केंद्र में डेपुटेशन पर जाना है तो उसे SP या DIG स्तर के पद पर रहते हुए ही पहले केंद्र में 2 साल की सेवा देना होगी।

ऐसा न होने पर वह आईजी बनने के बाद केंद्र में डेपुटेशन पर नहीं जा सकेंगे। अब तक एडीजी स्तर के अधिकारियों के लिए ही इस तरह की शर्त लागू थी। एडीजी स्तर पर इम्पैनलमेंट के लिए 3 साल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति सेवा अनिवार्य है।

क्या है नया नियम

  • IG या समकक्ष केंद्रीय पदों के लिए इम्पैनलमेंट नियमों में संशोधन किया गया है।

  • 2011 बैच और उसके बाद के IPS अधिकारियों पर लागू होगा।

  • कम से कम 2 साल की Central Deputation अनिवार्य होगी।

  • सेवा अवधि SP या DIG स्तर पर होनी जरूरी है।

पहले क्या व्यवस्था थी

  • पहले केंद्रीय प्रतिनियुक्ति अनिवार्य नहीं थी।

  • राज्य कैडर में सेवा कर रहे अधिकारी भी IG पद के लिए इम्पैनल हो सकते थे।

सरकार का तर्क

गृह मंत्रालय के अनुसार इस बदलाव का उद्देश्य केंद्रीय पुलिस संगठनों में ऐसे अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करना है जिन्हें:

  • केंद्रीय प्रशासनिक प्रणाली का अनुभव हो।

  • राष्ट्रीय स्तर पर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा मामलों की समझ हो।

  • वरिष्ठ पदों पर बेहतर प्रणाली का अनुभव हो।

  • राष्ट्रीय स्तर पर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा मामलों की समझ हो।

  • वरिष्ठ पदों पर बेहतर नेतृत्व प्रदान किया जा सके।

क्या होगा असर

  • राज्य कैडर के IPS अधिकारियों को अब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आगे आना होगा।

  • IG स्तर पर चयन प्रक्रिया और अधिक अनुभव-आधारित और सख्त होगी।

  • केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को अनुभवी नेतृत्व मिलेगा।

    इस आदेश का MP-CG और राजस्थान पर क्या असर पड़ेगा? 

    केन्द्र ने यह नियम 2011 बैच के आईपीएस से लागू किया है। मप्र की बात करें तो इस बैच के अधिकारी हाल ही में डीआईजी बने हैं। इसी तरह छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी 2011 बैच के आईपीएस प्रमोट होकर डीआईजी हो चुके हैं। यानी तीनों ही स्टेट में इन अफसरों के पास अभी अवसर बचा है कि वे केन्द्रीय डेपुटेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। अन्यथा IG बनकर पुलिस मुख्यालय में ही जिम्मेदारी संभालेंगे। 

     

एसपी स्तर के अधिकारी जाएंगे डेपुटेशन पर

नए नियम लागू होने के बाद अब एसपी स्तर के अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे। वर्तमान में ये अधिकारी एसपी बनने के लिए राज्य में ही जोड़-तोड़ करते हैं। वहीं, नए नियमों में IG स्तर के इम्पैनलमेंट में 2 साल की प्रतिनियुक्ति सेवा अनिवार्य होने के बाद अब एसपी-डीआईजी स्तर के अधिकारी केंद्र में जाने की कतार में लग जाएंगे।

केंद्र ने ये नियम 2011 बैच के IPS से लागू किया है। मध्यप्रदेश की बात करें तो इस बैच के अधिकारी हाल ही में DIG बने हैं। ऐसे में उनके पास अवसर बचा है कि वे केंद्रीय डेपुटेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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