छतरपुर में पुलिस कस्टडी में चार की मौत, हाई कोर्ट ने सरकार और DGP से मांगा जवाब
Aman Vaishnav | May 31, 2026, 08:27 IST
chhatarpur police custody deaths high
छतरपुर जिले के अलग-अलग थानों में 2 महीने के भीतर 4 लोगों की मौत हुई। यह मामला अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने सरकार, डीजीपी और एसपी को नोटिस जारी कर 4 हफ्ते में जवाब मांगा है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- छतरपुर जिले के विभिन्न थानों में दो महीने के भीतर चार लोगों की पुलिस कस्टडी में मौत हुई है।
- सामाजिक कार्यकर्ता की जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने सुनवाई की है।
- हाई कोर्ट ने राज्य सरकार, डीजीपी, सागर आईजी, एसपी और थाना प्रभारियों से जवाब मांगा है।
- कोर्ट ने सभी संबंधित पुलिस थानों के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
- आरोप है कि पुलिस कस्टडी में मारपीट और प्रताड़ना की वजह से ये मौतें हुई हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष दीक्षित ने इस मामले को लेकर कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। इस याचिका जस्टिस विवेक जैन और जस्टिस अजय कुमार निरंकारी ने सुनवाई की।
कोर्ट ने राज्य सरकार,डीजीपी कैलाश मकवाना, सागर के आईजी, छतरपुर एसपी और संबंधित थाना प्रभारियों को नोटिस जारी किया है। इन सभी से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता केसी घिल्डियाल और जितेंद्र कुमार दीक्षित ने कोर्ट में पीड़ितों का पक्ष रखा है। उन्होंने दलील दी कि इन चारों ही मामलों में जो लोग मरे हैं, उनके शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं।
साथ ही कोर्ट ने संबंधित थानों के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई अब 14 जुलाई को होगी।
जानिए पूरा घटनाक्रम
1. राजनगर थाना
युवक के पिता का कहना है कि पुलिसकर्मी उनके बेटे को छोड़ने के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। वहीं परिजनों का सीधा आरोप है कि पुलिस कस्टडी में मारपीट की वजह से युवक की मौत हुई है।
2. चंदला थाना
इसी विवाद के सिलसिले में राम विशाल को थाने लाया गया था। वहीं दूसरी तरफ परिजनों का आरोप बिल्कुल अलग है। परिजनों का कहना है कि पुलिस उसे चोरी के शक में थाने ले गई थी। वहां उसके साथ जमकर मारपीट की गई थी। इससे तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया था।
3. गौरिहार थाना
हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में भी मृतक के परिजनों ने गौरिहार पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि थाने के अंदर अर्जुन के साथ मारपीट की गई थी। उसे बहुत ज्यादा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था।
4. कोतवाली थाना
इस मामले में भी परिजनों ने सुरेंद्र की मौत के लिए सीधे तौर पर पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है। इसके साथ ही परिजनों ने एक और बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस मामले में कोतवाली थाने के सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई है।
सरकार का पक्ष
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