छत्तीसगढ़ ACB ने दो और FIR दर्ज की, चावल और डीएमएफ घोटाला मामले में कार्रवाई
Vikram Jain | Jan 29, 2024, 16:46 IST
छत्तीसगढ़ ACB ने दो और FIR दर्ज की, चावल और डीएमएफ घोटाला मामले में कार्रवाई
चावल और डीएमएफ घोटाले के मामले में ACB ने दो और मामलों को FIR दर्ज की।
RAIPUR. छत्तीसगढ़ में ACB फुल एक्शन में नजर आ रही है। कोयला और शराब घोटाले के बाद अब ACB ने दो और मामलों को FIR दर्ज की है। ACB ने चावल और DMF घोटाले को लेकर मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि एंटी करप्शन ब्यूरो ने और 17 जनवरी को ही चारों मामलों में FIR दर्ज कर ली थी, लेकिन इनको लेकर अब जानकारियां सामने आने लगी हैं।
क्या है DMF घोटाला?
छत्तीसगढ़ ACB ने DMF घोटाले को लेकर FIR नंबर 02/24 दर्ज किया है, जिसमें धारा 120बी-IPC, 409-IPC, 13(2)- PRE, 13 (1)(a)- PRE दर्ज किया है। ईडी के अनुसार कोरबा डीएमएफ फंड में निविदाओं के आवंटन में वित्तीय अनियमितता हुई हैं। गलत ढंग से निविदा का निर्धारण कर फंड से निविदा देने वाले लोगों को लाभ पहुंचाया गया है। इससे भी राज्य सरकार को नुकसान पहुंचा है। वही निजी कंपनी उसे अलग-अलग ढंग से कमीशन लिया जाता था। इस मामले में रानू साहू अन्य लोक सेवकों के नाम यह मामला दर्ज किया गया है।
क्या है चावल घोटाला?
चावल घोटाले में 01/2024 में धारा 120-B-IPC, 420-IPC, 12-PRE के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। ईडी की जांच में यह भी पता चला कि विशेष भत्ता 40 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपए प्रति क्विंटल करने के बाद 500 करोड़ रुपए के भुगतान जारी किए गए। जिससे 175 करोड़ रुपए की रिश्वत मिली, जिसे रोशन चंद्राकर ने एमडी मार्कफेड की सक्रिय सहायता से एकत्र किया था। कुछ महीने पहले ईडी ने दावा किया था कि छत्तीसगढ़ मार्कफेड के पूर्व प्रबंध निदेशक और एक स्थानीय चावल मिल मालिक एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने लोगों के फायदे के लिए 175 करोड़ रुपये की रिश्वत जुटाई थी।
क्या है DMF घोटाला?
छत्तीसगढ़ ACB ने DMF घोटाले को लेकर FIR नंबर 02/24 दर्ज किया है, जिसमें धारा 120बी-IPC, 409-IPC, 13(2)- PRE, 13 (1)(a)- PRE दर्ज किया है। ईडी के अनुसार कोरबा डीएमएफ फंड में निविदाओं के आवंटन में वित्तीय अनियमितता हुई हैं। गलत ढंग से निविदा का निर्धारण कर फंड से निविदा देने वाले लोगों को लाभ पहुंचाया गया है। इससे भी राज्य सरकार को नुकसान पहुंचा है। वही निजी कंपनी उसे अलग-अलग ढंग से कमीशन लिया जाता था। इस मामले में रानू साहू अन्य लोक सेवकों के नाम यह मामला दर्ज किया गया है।
क्या है चावल घोटाला?
चावल घोटाले में 01/2024 में धारा 120-B-IPC, 420-IPC, 12-PRE के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। ईडी की जांच में यह भी पता चला कि विशेष भत्ता 40 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपए प्रति क्विंटल करने के बाद 500 करोड़ रुपए के भुगतान जारी किए गए। जिससे 175 करोड़ रुपए की रिश्वत मिली, जिसे रोशन चंद्राकर ने एमडी मार्कफेड की सक्रिय सहायता से एकत्र किया था। कुछ महीने पहले ईडी ने दावा किया था कि छत्तीसगढ़ मार्कफेड के पूर्व प्रबंध निदेशक और एक स्थानीय चावल मिल मालिक एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने लोगों के फायदे के लिए 175 करोड़ रुपये की रिश्वत जुटाई थी।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari