सीएम केयर योजना से सुधरेगी एमपी की स्वास्थ्य सुविधाएं, MBBS की सीटें बढ़ेंगी, हाईटेक होगा इलाज
Aman Vaishnav | May 18, 2026, 15:14 IST
cm care yojana mp healthcare roadmap
मध्यप्रदेश सरकार ने सीएम केयर योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत इस योजना पर अगले 5 साल में तीन हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे। साथ ही मेडिकल सीटें भी बढ़ाई जाएंगी।
मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के लोगों को बेहतर इलाज और स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सीएम केयर योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक शानदार रोडमैप तैयार किया है। इस योजना पर अगले 5 साल में कुल तीन हजार 628 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। न ही दूसरे राज्यों में जाना पड़ेगा।
इस योजना के लिए सरकार ने इसे दो अलग-अलग चरणों में बांटकर काम करने का फैसला किया है।
योजना के पहले चरण में मध्यप्रदेश के 6 बड़े शहरों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों को चुना गया है।
दूसरा चरण में सरकार का पूरा ध्यान अर्धशहरी क्षेत्रों पर होगा। वहां के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इससे गांवों और छोटे कस्बों के लोगों को अपने घर के पास ही अच्छा इलाज मिल सकेगा।
अक्सर देखा जाता है कि कैंसर या दिल की बीमारी जैसी गंभीर दिक्कतों के लिए लोगों को बहुत परेशान होना पड़ता है। सीएम केयर योजना के तहत सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कई बड़ी और आधुनिक सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से विकसित की जाएंगी।
अब मरीजों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ही कई सारी खास सुविधाएं मिलेंगी।
मध्यप्रदेश में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने मेडिकल सीटों को बढ़ाने और नए कॉलेज खोलने के लिए पूरा प्लान तैयार कर लिया है।
सरकार ने मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए सीटें बढ़ाने का फैसला किया है।
आज के डिजिटल जमाने में मध्यप्रदेश का स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह से हाईटेक होने जा रहा है। सरकार इलाज की पूरी प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक का सहारा ले रही है।
प्रदेश की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं यानी सरकारी अस्पतालों में SMIS प्रणाली लागू की जाएगी। इस सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मरीजों का पूरा रिकॉर्ड और उनकी सभी जांच रिपोर्ट ऑनलाइन मॉनिटर होंगी।
यानी अब मरीजों को पुरानी पर्चियां और भारी-भरकम फाइलें लेकर घूमने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डॉक्टर एक क्लिक पर मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री देख सकेंगे।
गरीब परिवारों के लिए आयुष्मान योजना एक बड़ा सहारा है। पहले आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज की मंजूरी मिलने में 12 घंटे तक का समय लग जाता था।
सरकार ने मरीजों की परेशानी को समझते हुए इस समय को 12 घंटे से घटाकर सिर्फ 8 घंटे करने का फैसला किया है। इससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों का इलाज बिना किसी देरी के तुरंत शुरू हो सकेगा।
जांच की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार सभी संभागीय मुख्यालयों में एमआरआई सुविधा देने की तैयारी कर रही है। इससे लोगों को महंगी जांचों के लिए प्राइवेट सेंटरों पर नहीं जाना पड़ेगा।
एमपी में बढ़ा खसरा का खतरा! टीकाकरण के बाद भी बढ़ रहे मरीज, घर-घर जाकर चलेगा अभियान
एमपी में बढ़ रहे बीपी के पेशेंट, हर चौथा व्यक्ति हाई बीपी का शिकार, हार्ट पर पड़ रहा असर
एमपी में खसरा की वापसी, तेजी से बढ़ रहे मरीज, बच्चों को ज्यादा खतरा, ऐसे करें बचाव
जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी पर हुई बहस, बाहर आते ही चले लात-घूंसे
इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। न ही दूसरे राज्यों में जाना पड़ेगा।
दो चरणों में बदलेगी अस्पतालों की तस्वीर
पहला चरण: बड़े शहरों के मेडिकल कॉलेजों का अपग्रेडेशन
- भोपाल
- इंदौर
- ग्वालियर
- जबलपुर
- रीवा
- सागर
दूसरा चरण: अर्धशहरी क्षेत्रों पर फोकस
गंभीर बीमारियों का आसान इलाज
अब मरीजों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ही कई सारी खास सुविधाएं मिलेंगी।
- मेडिकल ऑन्कोलॉजी: कैंसर का दवाओं और कीमोथेरेपी से इलाज।
- सर्जिकल ऑन्कोलॉजी : सर्जरी या ऑपरेशन के जरिए कैंसर का इलाज।
- रेडिएशन ऑन्कोलॉजी: सिकाई या रेडिएशन थेरेपी के जरिए कैंसर का इलाज।
- कार्डियोलॉजी : दिल की बीमारियों की जांच और देखभाल।
- कार्डिएक सर्जरी: दिल के बड़े और पेचीदा ऑपरेशन।
- ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन: अंग प्रत्यारोपण जैसे किडनी, लिवर आदि को बदलने की आधुनिक सुविधा।
मेडिकल की सीटें बढ़ेंगी और नए खुलेंगे कॉलेज
सरकार ने मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए सीटें बढ़ाने का फैसला किया है।
- एमबीबीएस (MBBS) की सीटें: इसमें 1900 सीटों की बढ़ोतरी की जाएगी।
- एमडी/एमएस (MD/MS) की सीटें: पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) करने वाले डॉक्टरों के लिए 500 सीटें बढ़ाई जाएंगी।
नए मेडिकल कॉलेज और इंफ्रास्ट्रक्चर
- निर्माणाधीन कॉलेज: छतरपुर, दमोह और बुदनी में अभी तीन सरकारी मेडिकल कॉलेजों का निर्माण काम चल रहा है। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि इसी वित्तीय वर्ष में इन्हें शुरू कर दिया जाए।
- पीपीपी मॉडल पर कॉलेज: इसके साथ ही राज्य के 9 जिलों में पीपीपी मॉडल पर नए मेडिकल कॉलेज खोलने की मंजूरी दे दी गई है।
- नए भवन: इंदौर, रीवा, ग्वालियर और जबलपुर के मेडिकल कॉलेजों के लिए नई और आधुनिक इमारतें बनाई जाएंगी।
- प्रादेशिक प्रशिक्षण केंद्र: भोपाल में मेडिकल शिक्षकों यानी जो डॉक्टरों को पढ़ाते हैं, उनके तकनीकी प्रशिक्षण के लिए एक प्रादेशिक प्रशिक्षण केंद्र खोला जाएगा।
हेल्थ सिस्टम होगा डिजिटल
एसएमआईएस प्रणाली लागू होगी
यानी अब मरीजों को पुरानी पर्चियां और भारी-भरकम फाइलें लेकर घूमने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डॉक्टर एक क्लिक पर मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री देख सकेंगे।
आयुष्मान इलाज मंजूरी में नहीं लगेगा वक्त
सरकार ने मरीजों की परेशानी को समझते हुए इस समय को 12 घंटे से घटाकर सिर्फ 8 घंटे करने का फैसला किया है। इससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों का इलाज बिना किसी देरी के तुरंत शुरू हो सकेगा।
हर संभाग में मिलेगी MRI सुविधा
FAQ
- सीएम केयर योजना क्या है और इस पर कितना पैसा खर्च होगा?
सीएम केयर योजना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक बड़ी स्वास्थ्य योजना है, जिसका मकसद राज्य में इलाज की सुविधाओं को बहुत आधुनिक और बेहतर बनाना है। सरकार ने इस योजना के तहत अगले 5 साल में 3628 करोड़ रुपए खर्च करने का एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड किया जाएगा और नए कॉलेज भी खोले जाएंगे। - सीएम केयर योजना में किन शहरों के मेडिकल कॉलेजों में सुविधाएं बढ़ेंगी?
योजना के पहले चरण में मध्यप्रदेश के 6 मुख्य शहरों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों को शामिल किया गया है। ये शहर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर हैं। इन सभी जगहों पर सुपर स्पेशलिटी यूनिट्स बनाई जाएंगी, जहां कैंसर, दिल की बीमारी और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी आधुनिक सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से मिलेंगी।
एमपी में बढ़ा खसरा का खतरा! टीकाकरण के बाद भी बढ़ रहे मरीज, घर-घर जाकर चलेगा अभियान
एमपी में बढ़ रहे बीपी के पेशेंट, हर चौथा व्यक्ति हाई बीपी का शिकार, हार्ट पर पड़ रहा असर
एमपी में खसरा की वापसी, तेजी से बढ़ रहे मरीज, बच्चों को ज्यादा खतरा, ऐसे करें बचाव
जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी पर हुई बहस, बाहर आते ही चले लात-घूंसे
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari