सीएम के आदेश से इंदौर के चंपू, नीलेश, मद्दा जैसे भूमाफिया में खलबली, आदतन अपराधियों की जमानत निरस्ती का लगेगा आवेदन
BP Shrivastava | Dec 14, 2023, 24:00 IST
सीएम के आदेश से इंदौर के चंपू, नीलेश, मद्दा जैसे भूमाफिया में खलबली, आदतन अपराधियों की जमानत निरस्ती का लगेगा आवेदन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पद संभालते ही पहली कैबिनेट में लिए गए एक फैसले से इंदौर के भूमाफिया के होश उड़ गए हैं। चंपू अजमेरा, नीलेश अजमेरा, दीपक मद्दा जैसे अपराधियों का जमानत पर बने रहना आसान नहीं होगा
संजय गुप्ता, INDORE. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पद संभालते ही पहली कैबिनेट में लिए गए एक फैसले से इंदौर के भूमाफिया के होश उड़ गए हैं। चंपू अजमेरा, नीलेश अजमेरा, दीपक मद्दा जैसे आदतन अपराधियों के लिए जमानत पर बने रहना अब आसान नहीं होगा और पुलिस, प्रशासन के पास भी इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करना इतना आसान नहीं होने जा रहा है।
क्या दिया है सीएम ने आदेश
सीएम ने आदेश दिए है कि जो भी आदतन अपराधी है और जो जमानत पर है, उनके द्वारा अपराध किए जाने पर, जमानत निरस्ती का 439 (2) के तहत आवेदन पुलिस द्वारा सक्षम कोर्ट में पेश किया जाए और जमानत निरस्त कराई जाए। साथ ही कोर्ट में डायरी पेश करते समय उसके द्वारा किए गए पुराने सभी अपराधों का थानावार विस्तृत विवरण भी साथ में सलंग्न किया जाए। साथ ही जमानत होने पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए मानकों के अनुसार शर्तों को भी डलवाया जाए, जिसमें गवाहों को नहीं धमकाना, जांच में सहयोग आदि शामिल हो।
![Latter 1.jpeg]()
![latter 2.jpeg]()
![latter 3.jpeg]()
![Latter 4.jpeg]()
सीएम के आदेश के बाद गृह विभाग ने जारी कर दिए निर्देश
सीएम के आदेश के बाद गृह विभाग अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने इस संबंध में चार पन्नों का विस्तृत आदेश पुलिस महानिदेशक के साथ ही संचालक लोक अभियोजन मप्र भोपाल को जारी कर दिए हैं और सीएम के आदेश के परिपालन को सुनिश्चित कराने के लिए कहा है।
अपराध करके जमानत पर खुले में घूम रहे अपराधी
इंदौर में कई अपराधी हैं, जो एक के बाद एक उसी तरह के अपराध किए जा रहे हैं और जमानत लेकर खुले में घूम रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण तो चंपू अजमेरा है, जिसे उनके साथियों के साथ सुप्रीम कोर्ट ने इस शर्त पर जमानत दी थी कि वह पीड़ितों का निराकरण करेगा, लेकिन दो साल से वह जमानत के मजे ले रहा है। कलेक्टर इंदौर के आदेश पर बाणगंगा थाने में चंपू के बेटे आर्जव के खिलाफ केस दर्ज हुआ लेकिन आज तक उसकी गिरफ्तारी तक नहीं हुई।
कोर्ट ने याचिका खारिज की
उधर, कोर्ट ने केस खारिज करने संबंधी उसकी याचिका खारिज कर दी थी। पुलिस ने इसके बाद भी उस पर अभी तक हाथ ही नहीं डाला। इसी तरह भूमाफिया दीपक मद्दा भी अधिकांश केस में जमानत ले चुका है वह केवल ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग केस में अंदर है, जबकि उस पर भी आधा दर्जन केस हैं। भूमाफिया बॉबी छाबड़ा भी इसी तरह बाहर है, भूमाफिया आशीष दास भी जमानत के बाद से गायब है।
पुलिस की रिपोर्ट में ही है इनके अपराध, लूट और डकैती जैसे
भूमाफियाओं को लेकर पुलिस की ही एक रिपोर्ट है जिसमें चंपू जैसे भूमाफियाओं के अपराध को पुलिस ने लूट, डकैती जैसे अपराध की तरह माना है और जमानत निरस्त करने की अनुशंसा की हुई है। लेकिन इन सबके बाद भी यह अपराधी खुले में घूम रहे हैं।
अपराधियों के लिए अब जमानत पर बने रहना आसान नहीं होगा
अधिवक्ता गौरव वर्मा बताते हैं कि सीएम और शासन के इस आदेश के बाद अपराधियों के लिए फिर से अपराध कर जमानत पर बने रहना आसान नहीं होने वाला। जब पुलिस कोर्ट में यह बताएगी कि उसके पुराने और कितने रिकार्ड है तो कोर्ट के संज्ञान में यह मामला आने पर जमानत आसान नहीं होगी और जो जमानत पर है यदि वह फिर अपराध करता है तो जमानत निरस्ती में आसानी होगी।
क्या दिया है सीएम ने आदेश
सीएम ने आदेश दिए है कि जो भी आदतन अपराधी है और जो जमानत पर है, उनके द्वारा अपराध किए जाने पर, जमानत निरस्ती का 439 (2) के तहत आवेदन पुलिस द्वारा सक्षम कोर्ट में पेश किया जाए और जमानत निरस्त कराई जाए। साथ ही कोर्ट में डायरी पेश करते समय उसके द्वारा किए गए पुराने सभी अपराधों का थानावार विस्तृत विवरण भी साथ में सलंग्न किया जाए। साथ ही जमानत होने पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए मानकों के अनुसार शर्तों को भी डलवाया जाए, जिसमें गवाहों को नहीं धमकाना, जांच में सहयोग आदि शामिल हो।
Latter 1.jpeg
latter 2.jpeg
latter 3.jpeg
Latter 4.jpeg
सीएम के आदेश के बाद गृह विभाग ने जारी कर दिए निर्देश
सीएम के आदेश के बाद गृह विभाग अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने इस संबंध में चार पन्नों का विस्तृत आदेश पुलिस महानिदेशक के साथ ही संचालक लोक अभियोजन मप्र भोपाल को जारी कर दिए हैं और सीएम के आदेश के परिपालन को सुनिश्चित कराने के लिए कहा है।
अपराध करके जमानत पर खुले में घूम रहे अपराधी
इंदौर में कई अपराधी हैं, जो एक के बाद एक उसी तरह के अपराध किए जा रहे हैं और जमानत लेकर खुले में घूम रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण तो चंपू अजमेरा है, जिसे उनके साथियों के साथ सुप्रीम कोर्ट ने इस शर्त पर जमानत दी थी कि वह पीड़ितों का निराकरण करेगा, लेकिन दो साल से वह जमानत के मजे ले रहा है। कलेक्टर इंदौर के आदेश पर बाणगंगा थाने में चंपू के बेटे आर्जव के खिलाफ केस दर्ज हुआ लेकिन आज तक उसकी गिरफ्तारी तक नहीं हुई।
कोर्ट ने याचिका खारिज की
उधर, कोर्ट ने केस खारिज करने संबंधी उसकी याचिका खारिज कर दी थी। पुलिस ने इसके बाद भी उस पर अभी तक हाथ ही नहीं डाला। इसी तरह भूमाफिया दीपक मद्दा भी अधिकांश केस में जमानत ले चुका है वह केवल ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग केस में अंदर है, जबकि उस पर भी आधा दर्जन केस हैं। भूमाफिया बॉबी छाबड़ा भी इसी तरह बाहर है, भूमाफिया आशीष दास भी जमानत के बाद से गायब है।
पुलिस की रिपोर्ट में ही है इनके अपराध, लूट और डकैती जैसे
भूमाफियाओं को लेकर पुलिस की ही एक रिपोर्ट है जिसमें चंपू जैसे भूमाफियाओं के अपराध को पुलिस ने लूट, डकैती जैसे अपराध की तरह माना है और जमानत निरस्त करने की अनुशंसा की हुई है। लेकिन इन सबके बाद भी यह अपराधी खुले में घूम रहे हैं।
अपराधियों के लिए अब जमानत पर बने रहना आसान नहीं होगा
अधिवक्ता गौरव वर्मा बताते हैं कि सीएम और शासन के इस आदेश के बाद अपराधियों के लिए फिर से अपराध कर जमानत पर बने रहना आसान नहीं होने वाला। जब पुलिस कोर्ट में यह बताएगी कि उसके पुराने और कितने रिकार्ड है तो कोर्ट के संज्ञान में यह मामला आने पर जमानत आसान नहीं होगी और जो जमानत पर है यदि वह फिर अपराध करता है तो जमानत निरस्ती में आसानी होगी।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari