नियमों को ताक पर रखकर तैयार किया गया था जहरीला कोल्ड्रिफ कफ सिरप, कंपनी को लेकर हुआ बड़ा खुलासा
Dablu Kumar | Oct 07, 2025, 15:10 IST
cough serap mp
मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 15 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई है। इसे तमिलनाडु की श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स कंपनी बना रही थी। अब कंपनी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
Bhopal. कोल्ड्रिफ कप सिरप से मध्यप्रदेश में 15 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई है। तमिलनाडु की एक कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स यह जहरीला कफ सिरप बना रही थी। अब कंपनी के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। जहां दवा की गुणवत्ता के सारे मानकों को नजरअंदाज किया जा रहा था। यह सिरप कांचीपुरम में एक छोटी सी फैक्ट्री में बनता था, जो सिर्फ 2000 वर्ग फीट में फैली थी, यानी एक बड़े 3 बीएचके फ्लैट जितनी जगह में। इस छोटी सी जगह में कंपनी 60 से ज्यादा प्रोडक्ट बना रही थी।
इसके बावजूद फैक्ट्री का कभी भी ठीक से निरीक्षण या परीक्षण नहीं किया गया। यहां से बने सिरप की सप्लाई पूरे देश में की जा रही थी। इस फैक्ट्री को रंगनाथन नामक व्यक्ति चला रहा था, जो कंपनी का मालिक और डायरेक्टर भी है, और अब वह फरार है। तमिलनाडु ड्रग कंट्रोल विभाग उसकी तलाश कर रहा है।
एक अखबार में छपी खबर के मुताबिक, फैक्ट्री में बहुत से उपकरण में जंग लग चुके थे और कर्मचारियों को कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। फैक्ट्री में माइक्रोबायोलॉजी लैब भी नहीं थी, जो दवा बनाने के लिए जरूरी होती है। इसके अलावा क्वालिटी कंट्रोल लैब के लिए जगह भी काफी कम थी।
ये भी पढ़िए...
ये भी पढ़िए... 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप देना प्रतिबंधित, छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को निर्देश जारी
ये भी पढ़िए... जहरीली कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर छत्तीसगढ़ सरकार ने लगाया बैन! जानें क्यों बन गया यह टॉक्सिक सिरप बच्चों का काल
कई उपकरणों पर जंग लगने के बाद श्रीसन फार्मास्युटिकल्स को 2009 में कानूनी रूप से बंद कर दिया गया था। फिर कंपनी ने अपना नाम बदलकर फिर से काम शुरू कर लिया।
रंगनाथन पफाले श्रीसन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड नाम की कंपनी चलाते थे। यह कंपनी 1990 में कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय में पंजीकृत हुई थी। कंपनी की आखिरी बैठक 2009 में हुई थी और मंत्रालय के पोर्टल पर इसका स्टेटस स्ट्राइक ऑफ यानी कानूनी रूप से बंद था। जब किसी कंपनी को स्ट्राइक ऑफ किया जाता है, तो उसे फिर से शुरू करने के लिए एनसीएलटी से मंजूरी लेनी पड़ती है।
ये भी पढ़िए... कफ सिरप कांड: बच्चों की मौत पर IMA का फूटा गुस्सा, डॉक्टरों का काली पट्टी बांधकर विरोध, हड़ताल की धमकी
इसके बाद 2011 में रंगनाथन ने नया लाइसेंस लेकर श्रीसन फार्मास्युटिकल्स मैन्युफैक्चर के नाम से कंपनी को फिर से शुरू किया। यह लाइसेंस हर साल रिन्यू होता रहा। कंपनी का कारोबार तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पुडुचेरी में मुख्य रूप से चलता था।
ये भी पढ़िए... कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला: एमपी कफ सिरप मौत मामले में एक्शन : तीन ड्रग इंस्पेक्टर सस्पेंड, ड्रग कंट्रोलर का तबादला भारत में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत दवा कंपनियों के लिए जगह की कुछ नियम तय किए गए हैं। इसके अनुसार टैबलेट और सिरप बनाने के लिए 30 वर्ग मीटर, क्रीम बनाने के लिए 25 वर्ग मीटर और इंजेक्शन जैसी स्टेराइल यूनिट के लिए 50 वर्ग मीटर जगह जरूरी होती है। इसका मतलब यह है कि अगर आपके पास एक हॉल जितनी जगह हो, तो आप कोल्ड्रिफ कफ सिरप (Coldrif Cough Syrup) दवा कंपनी शुरू कर सकते हैं।
हालांकि, तमिलनाडु की दवा कंपनी इतनी कम जगह पर 60 से ज्यादा दवा प्रोडक्ट्स तैयार किए जा रहे थे। 2023 की नई गाइडलाइन में वेंटिलेशन, सफाई और जगह को अलग करने पर ध्यान दिया गया है। 250 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाली छोटी कंपनियों को इन नियमों को लागू करने के लिए 31 दिसंबर 2025 तक की छूट दी गई है।
इसके बावजूद फैक्ट्री का कभी भी ठीक से निरीक्षण या परीक्षण नहीं किया गया। यहां से बने सिरप की सप्लाई पूरे देश में की जा रही थी। इस फैक्ट्री को रंगनाथन नामक व्यक्ति चला रहा था, जो कंपनी का मालिक और डायरेक्टर भी है, और अब वह फरार है। तमिलनाडु ड्रग कंट्रोल विभाग उसकी तलाश कर रहा है।
फैक्ट्री में बहुत से मशीन में लग चुके थे जंग
ये भी पढ़िए...
ये भी पढ़िए... 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप देना प्रतिबंधित, छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को निर्देश जारी
कोल्ड्रिफ कंपनी को लेकर खुलासा वाली खबर पर एक नजर
|
कई उपकरणों पर जंग लगने के बाद श्रीसन फार्मास्युटिकल्स को 2009 में कानूनी रूप से बंद कर दिया गया था। फिर कंपनी ने अपना नाम बदलकर फिर से काम शुरू कर लिया।
2009 में बंद हुई थी कंपनी
ये भी पढ़िए... कफ सिरप कांड: बच्चों की मौत पर IMA का फूटा गुस्सा, डॉक्टरों का काली पट्टी बांधकर विरोध, हड़ताल की धमकी
2011 में फिर शुरू हुई कंपनी
ये भी पढ़िए... कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला: एमपी कफ सिरप मौत मामले में एक्शन : तीन ड्रग इंस्पेक्टर सस्पेंड, ड्रग कंट्रोलर का तबादला
क्या कहता है नियम
हालांकि, तमिलनाडु की दवा कंपनी इतनी कम जगह पर 60 से ज्यादा दवा प्रोडक्ट्स तैयार किए जा रहे थे। 2023 की नई गाइडलाइन में वेंटिलेशन, सफाई और जगह को अलग करने पर ध्यान दिया गया है। 250 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाली छोटी कंपनियों को इन नियमों को लागू करने के लिए 31 दिसंबर 2025 तक की छूट दी गई है।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari