कांग्रेस का विचारक मॉडल कितना टिकेगा, संगठन के संकट पर बड़ा सवाल
Ramanand Tiwari | Aug 24, 2026, 22:18 IST
congress-sevadal-vicharak-strategy-mp
मध्यप्रदेश कांग्रेस अब भाजपा-आरएसएस की जमीनी वैचारिक पकड़ का मुकाबला करने के लिए सेवादल में ‘विचारक टीम’ बनाने की तैयारी कर रही है। लेकिन संगठन के भीतर नियुक्तियों, अनुशासन और खींचतान के बीच सवाल है कि नई रणनीति जमीन पर कितना असर छोड़ पाएगी।
ऐसे समझें मामला
- कांग्रेस सेवादल अब बूथ तक विचारक पहुंचाएगा।
- भोपाल बैठक में नई रणनीति पर मंथन होगा।
- प्रवक्ता नियुक्तियां अब तक पूरी नहीं हुईं।
- राजगढ़ मामले में ब्लॉक अध्यक्ष हटाए गए।
- कार्यक्रमों की खींचतान भी संगठन की चुनौती है।
कांग्रेस की नई चाल, लेकिन घर के सवाल कायम
इन कार्यकर्ताओं को वैचारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही बेरोजगारी, महंगाई, किसान और आम जनता से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर संवाद करने की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।
यानी कांग्रेस अब सोशल मीडिया की बहस से आगे निकलकर गांव-कस्बों में सीधा वैचारिक मुकाबला खड़ा करना चाहती है।
भाजपा-आरएसएस के मॉडल का जवाब तलाशेगी कांग्रेस
इसी मॉडल के जवाब में सेवादल ‘विचारकों’ की टीम तैयार करने की तैयारी में है। भोपाल में होने वाली बैठक में प्रदेशभर के जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे।
बैठक में संगठन विस्तार, प्रशिक्षण शिविर और आगामी अभियानों की रूपरेखा तय की जा सकती है।
लेकिन कांग्रेस के भीतर ही कई मोर्चे खुले
दूसरी तरफ पार्टी के कार्यक्रमों में भी कई बार कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच खींचतान की स्थिति सामने आने की बात कही जाती रही है। ऐसे माहौल में सवाल सीधा है-क्या कांग्रेस पहले अपने संगठन को एकजुट कर पाएगी और फिर बूथ स्तर पर वैचारिक लड़ाई लड़ पाएगी?
राजगढ़ कार्रवाई ने अनुशासन पर सवाल बढ़ाए
प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी संजय कामले ने आदेश में कहा कि पार्टी के संज्ञान में राहुल दांगी के अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने की बात आई और ऐसी मानसिकता का पार्टी में कोई स्थान नहीं है। कार्रवाई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर की गई।
संजय कामले का पक्ष: पार्टी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संगठनात्मक कार्रवाई की है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे आचरण को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अवनीश भार्गव का कहना
उनके मुताबिक सेवादल का लक्ष्य केवल राजनीतिक भाषण करना नहीं, बल्कि लगातार लोगों के संपर्क में रहकर कांग्रेस की विचारधारा और जनहित के मुद्दों को सामने रखना है।
असली परीक्षा सम्मेलन के बाद होगी
लेकिन इसकी सफलता सिर्फ भोपाल की बैठक या प्रशिक्षण शिविरों से तय नहीं होगी। असली परीक्षा तब होगी, जब ये ‘विचारक’ गांव, बूथ और ब्लॉक स्तर पर लगातार दिखाई देंगे।
एक तरफ कांग्रेस वैचारिक मुकाबले का नया मॉडल तैयार कर रही है, दूसरी तरफ संगठन के भीतर नियुक्तियों, अनुशासन और आपसी तालमेल के सवाल बने हुए हैं। यही विरोधाभास आने वाले समय में सेवादल की नई रणनीति की सबसे बड़ी परीक्षा बन सकता है।
यह खबरें भी पढ़ें...
गिरफ्तारी से बचने कोर्ट पहुंची पूर्व CSP नेहा पच्चीसिया, मांगी अग्रिम जमानत
इंदौर पुलिस घूसकांड: लोकायुक्त का बड़ा एक्शन, पूर्व इंस्पेक्टर,दो आरक्षकों पर FIR
हाईकोर्ट ने बदली न्यायिक व्यवस्था, दो जजों का तबादला एक को नई जिम्मेदारी
एमपी बीजेपी की ओरछा बैठक में Gen-Z पर फोकस, 2028 से पहले बनेगी नई रणनीति
छत्तीसगढ़ पुलिस में 7 अधिकारियों की नई पोस्टिंग, CM सुरक्षा से राजभवन तक बदले अधिकारी, भाटापारा DSP भी बदले
By VINAY VERMA
3605 पंचायतों में चुनाव तारीख बदलने की तैयारी: 6 नवंबर को धनतेरस, आयुक्त बोले-कैलेंडर बनाते समय ध्यान नहीं रहा
By Jageshwar prasad
जैसलमेर: शाहगढ़ में केंद्र सरकार की कैराकल संरक्षण की योजना, दो को लगाए गए रेडियो कॉलर
By Jageshwar prasad
टिकट के दावेदारों से दिलावर बोले-प्रधान बनकर गड़बड़ी मत करना; चाबी मेरे पास, एक मिनट में हटा दूंगा
By Saurabh Mishra
इंदौर में दादा ने किया मोलेस्ट, तो पोती ने बैट से हमला कर ले ली जान, जानें क्या है पूरा मामला
By Manya Jain
छत्तीसगढ़ में लाइब्रेरी से घर लौट रही युवती पर एसिड अटैक, चेहरे और शरीर का ऊपरी हिस्सा झुलसा, आरोपी फरार
By Umeshwari Baghel
एमपी कृषि विभाग में 3357 कर्मचारियों का प्रमोशन, CM मोहन यादव बोले-अब हर साल होगी DPC
By Sandeep Kumar