3605 पंचायतों में चुनाव तारीख बदलने की तैयारी: 6 नवंबर को धनतेरस, आयुक्त बोले-कैलेंडर बनाते समय ध्यान नहीं रहा
Jageshwar prasad | Oct 05, 2026, 18:20 IST
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण की वोटिंग 6 नवंबर को होनी है, लेकिन इसी दिन धनतेरस है।
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव की तीसरी फेज का मतदान 6 नवंबर को निर्धारित है, जो धनतेरस के साथ मेल खाती है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग धार्मिक भावनाओं का आदर करते हुए निर्णय लेने का प्रयास कर रहा है। आयोग जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लेगा।
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव (Panchayairaj Election) का कार्यक्रम जारी होने के दो दिन बाद ही एक तारीख बदलने की नौबत आती दिख रही। पंच और सरपंच चुनाव के तीसरे फेज की वोटिंग (Third Phase Voting) 6 नवंबर को रखी गई है। इसी दिन धनतेरस भी है। अब त्योहार को देखते हुए इस फेज की वोटिंग की तारीख बदलने पर राज्य निर्वाचन आयोग विचार कर रहा। इस फेज में प्रदेश की 3605 ग्राम पंचायतों में वोट डाले जाने हैं। हालांकि निर्वाचन आयोग ने अभी नई तारीख पक्की नहीं की है।
धनतेरस पर पंचायतीराज चुनाव की वोटिंग रखे जाने को लेकर लोगों की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आने के बाद आयोग ने इस पर विचार शुरू किया। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने भी इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव कार्यक्रम बनाते समय धनतेरस की तारीख पर ध्यान नहीं गया था।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह (Rajeshwar Singh) ने कहा कि धनतेरस के दिन सरकारी छुट्टी नहीं होती। पंचायतीराज चुनाव कैलेंडर तैयार करते समय इसे ध्यान में नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि धनतेरस पर लोग बाजार में खरीदारी करते और शाम को पूजा होती। वोट डालने में ज्यादा समय नहीं लगता। इसके बावजूद लोगों की तरफ से इस दिन मतदान को लेकर अलग-अलग तरह के विचार सामने आ रहे।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने आगे कहा कि लोगों की आस्था, त्योहार और धार्मिक भावनाओं को देखते हुए आयोग विचार कर रहा है कि इस स्थिति को किस तरह ठीक किया जाए। यानी 6 नवंबर की वोटिंग की तारीख में बदलाव की संभावना है, लेकिन अंतिम फैसला आयोग को लेना है।
राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने 3 अक्टूबर को पंचायतीराज चुनाव का कार्यक्रम जारी किया था। पंच और सरपंच के चुनाव चार फेज में कराए जाने हैं। पहले फेज में 25 अक्टूबर को 3672 ग्राम पंचायतों में मतदान होगा। दूसरे फेज में 31 अक्टूबर को 3626 ग्राम पंचायतों में वोट पड़ेंगे। तीसरे चरण में 6 नवंबर को 3605 ग्राम पंचायतों और चौथे चरण में 16 नवंबर को 3500 ग्राम पंचायतों में मतदान होना है। फिलहाल बदलाव पर चर्चा केवल 6 नवंबर वाले तीसरे चरण को लेकर है। धनतेरस इसी दिन होने के कारण नेताओं और संगठनों की तरफ से भी मतदान की तारीख बदलने की मांग उठ रही है।
पंच और सरपंच का चुनाव बैलेट पेपर से कराया जाएगा। मतदान पूरा होने के बाद उसी दिन मतगणना भी होगी। यानी जिस दिन वोट डाले जाएंगे, उसी दिन देर रात तक सरपंच चुनाव के नतीजे भी सामने आ जाएंगे। मौजूदा कार्यक्रम के मुताबिक पहले चरण की वोटिंग 25 अक्टूबर, दूसरे की 31 अक्टूबर, तीसरे की 6 नवंबर और चौथे चरण की 16 नवंबर को है। तीसरे चरण की तारीख बदलती है तो आयोग को उससे जुड़ा संशोधित कार्यक्रम अलग से जारी करना होगा।
पंच-सरपंच के साथ जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव भी चार चरणों में हो रहे। इनकी वोटिंग पंच-सरपंच से दो दिन पहले रखी गई है। पहले चरण में 23 अक्टूबर, दूसरे में 29 अक्टूबर, तीसरे में 4 नवंबर और चौथे चरण में 14 नवंबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान होगा। इन चुनावों के नतीजे 20 नवंबर को आएंगे। इसके बाद जिला प्रमुख, उप जिला प्रमुख, प्रधान और उप प्रधान के चुनाव की प्रक्रिया होगी।
इस बार राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव का कार्यक्रम ऐसा है कि एक ही चरण में वोटर्स को दो दिन के अंतर पर दो बार मतदान केंद्र जाना होगा। पहले जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के लिए वोट पड़ेगा। इसके दो दिन बाद पंच और सरपंच के लिए मतदान होगा। तीसरे चरण में यही मतदान 4 और 6 नवंबर को होना है। 4 नवंबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के लिए वोट पड़ेंगे, जबकि 6 नवंबर को पंच और सरपंच के लिए मतदान तय है।
राजस्थान में 14403 ग्राम पंचायतों में चुनाव होने हैं। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। जयपुर ऐसा जिला है जहां चारों चरणों में चुनाव होंगे। अलग-अलग जिलों में चरणों की संख्या अलग रखी गई है।
अब नजर तीसरे चरण के चुनाव की तारीख पर है। निर्वाचन आयोग ने फिलहाल केवल बदलाव पर विचार करने की बात कही है। इसलिए 6 नवंबर की वोटिंग को अभी रद्द या स्थगित नहीं माना जा सकता। आयोग का अंतिम आदेश आने के बाद ही साफ होगा कि 3605 ग्राम पंचायतों के लिए मतदाताओं को वोट डालने के लिए कौन सी नई तारीख मिलेगी।
धनतेरस पर पंचायतीराज चुनाव की वोटिंग रखे जाने को लेकर लोगों की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आने के बाद आयोग ने इस पर विचार शुरू किया। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने भी इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव कार्यक्रम बनाते समय धनतेरस की तारीख पर ध्यान नहीं गया था।
राज्य निर्वाचन आयुक्त बोले- लोगों की आस्था को देखकर कर रहे विचार
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने आगे कहा कि लोगों की आस्था, त्योहार और धार्मिक भावनाओं को देखते हुए आयोग विचार कर रहा है कि इस स्थिति को किस तरह ठीक किया जाए। यानी 6 नवंबर की वोटिंग की तारीख में बदलाव की संभावना है, लेकिन अंतिम फैसला आयोग को लेना है।
6 नवंबर को राजस्थान की 3605 पंचायतों में होना है मतदान
पंच-सरपंच के चुनाव नतीजे के नतीजे उसी दिन आएंगे
जिला परिषद और पंचायत समिति की चुनाव तारीखें अलग
दो दिन में दो बार वोट डालेंगे ग्रामीण मतदाता
चार चरणों में पूरे होंगे पंचायतीराज चुनाव
अब नजर तीसरे चरण के चुनाव की तारीख पर है। निर्वाचन आयोग ने फिलहाल केवल बदलाव पर विचार करने की बात कही है। इसलिए 6 नवंबर की वोटिंग को अभी रद्द या स्थगित नहीं माना जा सकता। आयोग का अंतिम आदेश आने के बाद ही साफ होगा कि 3605 ग्राम पंचायतों के लिए मतदाताओं को वोट डालने के लिए कौन सी नई तारीख मिलेगी।
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